Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
लूका 17:1 लूका 17:2 लूका 17:3 लूका 17:4 लूका 17:5 लूका 17:6 लूका 17:7 लूका 17:8 लूका 17:9 लूका 17:10 लूका 17:11 लूका 17:12 लूका 17:13 लूका 17:14 लूका 17:15 लूका 17:16 लूका 17:17 लूका 17:18 लूका 17:19 लूका 17:20 लूका 17:21 लूका 17:22 लूका 17:23 लूका 17:24 लूका 17:25 लूका 17:26 लूका 17:27 लूका 17:28 लूका 17:29 लूका 17:30 लूका 17:31 लूका 17:32 लूका 17:33 लूका 17:34 लूका 17:35 लूका 17:36 लूका 17:37



सीधे अर्थ की पुष्टि: लूत की पत्नी को स्मरण रखना
पवित्र उद्धरण में लूका 17:32 का सीधा संदेश है — “लूत की पत्नी को स्मरण रखो।” इसका मतलब यह है कि परमेश्वर के राज्य की दिशा में आगे बढ़ते समय, हमने ऐसी प्रवृत्ति नहीं अपनानी चाहिए जो हमें संसार के पीछे छोड़ दे। यह चेतावनी स्पष्ट करती है कि चिंता, तर्क, और भय के कारण पीछे पलट जाना खतरे का संकेत बन सकता है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यूहन्नी नहीं बल्कि यीशु अपने चेलों को समय-समय पर सतर्क कर रहे थे कि वे भविष्य की महिमा के लिए तैयार रहें। लूत की पत्नी का दृश्य 'पत्थर पे गिरना' जैसी घटनाओं के साथ जुड़ा है जो प्रवेश के समय के व्यावहारिक संकेत करते हैं। उत्पत्ति 19 की स्मारकीय घटनाओं से प्रेरणा मिलती है कि कैसे अतीत के बंधन और आकर्षणroots मन को डिगा देते हैं। नीचे के पाठ में यह भी दिखता है कि किस प्रकार संसार के मूल्य और पलायन मानव स्वभाव में घुस जाते हैं जब हम रुकते हैं और पीछे मुड़कर देखते हैं।
व्याख्यात्मक बिंदु
संयुक्त दार्शनिक निष्कर्ष (cross-reference के साथ)
1) उत्पत्ति 19:26 से प्रेरणा: लूत की पत्नी का भागदौड़ में पीछे रहना किस प्रकार जीवन-यात्रा के बहाव से जुदा कर देता है; हमारा भी आग्रह है कि हम पथ से विचलित न हों।
2) ल्यूक 9:62: नया काम शुरू करने वाले को पीछे नहीं देखना चाहिए—धारणाओं का स्थायित्व आगे बढ़ने में मदद करता है।
3) 2 कुरिन्थ 4:18: बाहरी दृष्टि से होने वाले शांत प्रभावों के बीच आंतरिक धैर्य बनाए रखना महत्त्वपूर्ण है ताकि नयी माँगों के अनुसार जीवन बदला जा सके।
पवित्र समर्थनों के प्रभावशील सुझाव
संक्षिप्त Practical Takeaway
यही संदेश है: संसार के पीछे नहीं बल्कि परमेश्वर के राज्य की दिशा में आगे बढ़ें; अतीत के बंधन या विनिमय से बचें और विश्वास के मार्ग पर स्थिर रहें।
धार्मिक संदर्भित नोट
इस पाठ को समझते समय ध्यान दें कि पुराने कथनों में निकाल-तोड़ के बजाय पूरे संदर्भ को ठीक ठाक देखें: पीछे मुड़ना का खतरा और धर्म के प्रति unwavering रहने का महत्त्व।