Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
लूका 17:1 लूका 17:2 लूका 17:3 लूका 17:4 लूका 17:5 लूका 17:6 लूका 17:7 लूका 17:8 लूका 17:9 लूका 17:10 लूका 17:11 लूका 17:12 लूका 17:13 लूका 17:14 लूका 17:15 लूका 17:16 लूका 17:17 लूका 17:18 लूका 17:19 लूका 17:20 लूका 17:21 लूका 17:22 लूका 17:23 लूका 17:24 लूका 17:25 लूका 17:26 लूका 17:27 लूका 17:28 लूका 17:29 लूका 17:30 लूका 17:31 लूका 17:32 लूका 17:33 लूका 17:34 लूका 17:35 लूका 17:36 लूका 17:37



लूका 17:29 का सार और संदर्भ
इस वचन में प्रभु यीशु लूत के समय के संदर्भ को स्मरण कराते हैं, जब सदोम–गमोरा के नगरों पर क्रोध और न्याय पूर्ण रूप से आ गया था। उस समय के घटना-चक्र को उद्धृत कर यीशु बताना चाहते हैं कि जो नाश और अचानक आपदा होगा, वह नाटकीय नहीं बल्कि चयनित और चेतावपूर्ण हो सकता है। पुरानी कथा स्रोतों में-like नरक और दंड के प्रमाण के रूप में यह दिन आग व गन्धक की वर्षा का उल्लेख है, जो शुद्धता और दुष्कर्म के प्रति परमेश्वर की अविलंब प्रतिक्रिया को दर्शाता है।
मुख्य अर्थ
वचन के केंद्र में यह विचार है कि हर प्रकार के पलायन या संशय के बिना, प्रभु का एहसास और चेतावनी एकदम स्पष्ट है। लोगों ने अभी सावधान रहने की आवश्यकता नहीं समझी और अचानक तबाही आ गई। ईश्वर की पवित्रता और जनता की निर्मम पाप के बीच एक स्पष्ट सीमा बनती है: जो भागते हैं, परन्तु वास्तव में उनसे डरकर नहीं फुर्सत पाते, वे भी उसी चपेट में आ जाते हैं। साथ ही यह दिखाता है कि परमेश्वर के न्याय का दिन कभी भी निर्धारित समय के बिना आ सकता है; वह दिन स्थिर है पर उसका तिथिनिर्दिष्ट होना मानवीय दृष्टि से अनुमानित नहीं।
तीन प्रमुख विषय
अनुसंग-Cross संदर्भ
यह घटना अन्य NT संदर्भों के साथ जुड़ती है जो दण्ड-निर्णय, सजगता और उद्धार की महत्ता को स्पष्ट करते हैं:
इन संदर्भों से यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर का न्याय, विश्वास और उद्धार एक साथ चलते हैं; चेतावनी के समय में विश्वासपूर्वक भागना ही उद्धार का मार्ग है।
व्यावहारिक reflection
हम किस प्रकार की चेतावनी के साथ रहते हैं? क्या हम जीवन के सामान्य क्रम में परमेश्वर की आवाज़ सुने हुए भी उनकी राह पर चलते हैं, या अतीत के दुष्कर उदाहरणों को छोड़ कर chute चलते हैं? दैनंदिन निर्णयों में सत्य और पवित्रता के मानदंड को प्राथमिकता दें। अपने जीवन में एक-एक क्रिया में विश्वास की चपलता दिखायें—परोपकार, नैतिकता और पवित्रता के लिए।
संक्षिप्त समरी
लूका 17:29 उस दिन की चेतावनी देता है जब एकदम अनपेक्षित क्षण में परमेश्वर का न्याय आ सकता है। यह न केवल इतिहास की घटना है, बल्कि हर पीढ़ी के लिए एक चेतावनी है कि पाप के पथ पर आस्था और विवेक के बिना नहीं जिया जा सकता। उद्धारकर्ता का संदेश यही है: जागृत रहें, विश्वास रखें, और उस दिन के लिए तैयार रहें।
पूर्व-आउटपुट उद्धरण: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke से संकलित शब्दों के संक्षेप भावनात्मक सार तत्व आवश्यकतानुसार शामिल हैं; नीचे केवल उन्हीं से सीधे उद्धृत अंशों के पहचान दिए गए हैं यदि उपलब्ध हों:
नोट: यदि उपलब्ध हो, तो नीचे तीनों टिप्पणीकारों के शाब्दिक छोटे उद्धरण जोड़े जा सकते हैं, परन्तु पूर्ण पाठ नहीं दिया गया है।