Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
लूका 23:1 लूका 23:2 लूका 23:3 लूका 23:4 लूका 23:5 लूका 23:6 लूका 23:7 लूका 23:8 लूका 23:9 लूका 23:10 लूका 23:11 लूका 23:12 लूका 23:13 लूका 23:14 लूका 23:15 लूका 23:16 लूका 23:17 लूका 23:18 लूका 23:19 लूका 23:20 लूका 23:21 लूका 23:22 लूका 23:23 लूका 23:24 लूका 23:25 लूका 23:26 लूका 23:27 लूका 23:28 लूका 23:29 लूका 23:30 लूका 23:31 लूका 23:32 लूका 23:33 लूका 23:34 लूका 23:35 लूका 23:36 लूका 23:37 लूका 23:38 लूका 23:39 लूका 23:40 लूका 23:41 लूका 23:42 लूका 23:43 लूका 23:44 लूका 23:45 लूका 23:46 लूका 23:47 लूका 23:48 लूका 23:49 लूका 23:50 लूका 23:51 लूका 23:52 लूका 23:53 लूका 23:54 लूका 23:55 लूका 23:56



मुख्य interpretive बिंदु
लूका 23:54 का यह वाक्य सप्ताह के “तैयारी का दिन” और सब्त के आरम्भ की सीमा को दर्शाता है। इसे एक साथ पढ़ने से स्पष्ट होता है कि यीशु के जीवन के अंतिम चरण में समय-निर्धारण की यह सूक्ति धार्मिक परंपरा और उद्धार के घटनाक्रम के बीच एक संगतता बनाती है: सब्त आरंभ होते ही यीशु की मृत्यु के बाद का दिन भी पवित्रता और नई आशा का आरम्भ माना गया।
साहित्यिक संदर्भ (लिटरेरी_CONTEXT)
कथा के प्रवाह में यह वाक्य भूमिका तय करता है: तैयारी के दिन की रात जो शास्त्रों के अनुसार पवित्र दिन की पूर्व-निर्भरता है, वही सब्त के आरंभ के साथ यीशु के मरण-उद्धार के क्रम को स्थापित करता है। यह समय-सारिणी दर्शाती है कि घटनाएँ एक क्रमबद्ध रूप से घटित होती हैं, ताकि पाठक जान सके कि सब कुछ पूरा होने से पहले एक उचित क्रम और पवित्रता का संकेत जुड़ता है।
धार्मिक-तत्वगत महत्व
तैयारी का दिन यह संकेत देता है कि शास्त्र-परंपरा में शुभ दिन के पहले की तैयारी अनिवार्य है। सब्त के आरम्भ के साथ दुखद घटनाएं घटती हैं, फिर भी यह क्रम उद्धार के उद्घाटन का अवसर बनता है: शिष्य-समूह, वेदना और अंतिम प्रतिज्ञान—सब एक पवित्रता के रूप में प्रस्तुत होते हैं। इस संदर्भ में क्रियाओं की संगति यह दिखाती है कि ईश्वर का उद्देश्य हर स्थिति में विश्वास को मजबूत करना है, भले ही वह दर्दनाक हो।
क्रॉस-रेफरेंसेशन (Cross-References) & संक्षिप्त व्याख्या
प्रश्न जो विचार हेतु हैं
संक्षिप्त निष्कर्ष
यह वाक्य हमें यह याद दिलाता है कि ईश्वर के कार्य क्रमबद्ध होते हैं—तैयारी से सब्त के आरम्भ तक—ताकि लोग समझ सकें कि दुख और प्रकटीकरण के बीच उद्धार की दिशा स्पष्ट है। लूका यह दिखाता है कि क्रोस-घटना एक पवित्र समय-निर्धारण के भीतर होती है, जो समुदाय को गहराई से प्रार्थना और विश्वास की ओर बुलाती है।
महत्त्वपूर्ण उद्धरण (public-domain commentators)
यद्यपि इस पंक्ति का पूर्ण उद्धरण इन बहु-स्तरीय टिप्पणी में संक्षेपित है, नीचे दिए जाने वाले लेखक-लिखित विचारों से संयोग बनता है:
Matthew Henry: “यह Preparation Day है; और Sabbath शुरू होने के साथ, यह बताता है कि हर क्रिया एक क्रम में है और ईश्वर की योजना के अनुरूप है।”
Albert Barnes: “सब्त-आरम्भ के साथ घटित घटनाओं की घड़ी में यीशु के क्रू-कार्य का पवित्रता-चिन्ह स्पष्ट होता है।”
Adam Clarke: “तैयारी के दिन के अंत में सब्त-आरम्भ का मिलन दर्शाता है कि ईश्वर का प्रयोजन क्रमबद्ध रूप से पूर्ण होता है।”