मरकुस 10:7 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

इस कारण मनुष्य अपने माता-पिता से अलग होकर अपनी पत्‍नी के साथ रहेगा,

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मरकुस 10:7 पद-दर-पद बाइबल टीका

मरकुस 10:7 पर टिप्पणी—क्यों यह वचन मायने रखता है

इस वचन में यीशु एक ऐसे लक्ष्य की स्मृति करवाते हैं जो विवाह के उच्चतम स्तर को निर्धारित करता है। यह कहता है कि “मनुष्य अपने माता-पिता से अलग होकर अपनी पत्नी के साथ रहेगा”—यानी पति-पत्नी के बीच एक नई इकाई बनती है जिसे परमेश्वर ने परिवार की मूल संरचना के रूप में स्थापित किया है। यह कथन न केवल विवाह की एक सामाजिक व्यवस्था है, बल्कि आत्मिक समर्पण और साझे जीवन की गूढ़ डगर है जिसमें एक दूसरे के कल्याण के लिए व्यक्तिगत स्वतंत्रताओं का सही प्रयोग किया जाता है। यह वचन पाठकों को यह स्मरण कराता है कि विवाह एक ईश्वरीय योजना है जिसमें पति-पत्नी एक दूसरे के साथ पथ पर चलती हैं, अपने पूर्व रिश्तों के बंधनों से स्वतंत्र होकर एक नई शुरुआत बनाती हैं।

ईश्वर के उद्देश्य के संदर्भ में मूल संदर्भ

यदि हम ईसाई जीवन के संदर्भ में इस वचन को देखते हैं, तो विवाह को एक स्थिर, प्रतिबद्ध सम्बन्ध के रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह मारकस के संदर्भ में एक संपूर्ण उत्तरदायित्व की मांग है—पत्नी के साथ एक नई इकाई के रूप में जीवन व्यतीत करने की। यह न केवल व्यक्तिगत निर्णय है बल्कि समुदाय के लिए भी एक मॉडल है, जिसमें पति-पत्नी एक-दूसरे के साथ मिलकर प्रभु की योजनाओं को पूरा करते हैं।

मुख्य संदेश

- विवाह एक नया, सामाजिक-आध्यात्मिक संबंध है जो माता-पिता से स्वतंत्र होकर अपनी पत्नी के साथ एकात्मता में प्रवेश करता है।

- यह स्वतंत्रता नहीं बल्कि दायित्व का चयन है: एक दूसरे के जीवन की दिशा, प्रेम और ईमानदारी के साथ साझा करना।

विवाह के साथ जुड़ी पवित्र धारणाएं

इस पवित्र बंधन में प्रेम, सम्मान, निष्ठा और एक दूसरे की उन्नति के लिए प्रेरणा शामिल है। जेसा कि पूर्व कड़ियाँ टूटती हैं और नया केन्द्र बनता है, वैसे ही पति-पत्नी का सम्बन्ध परमेश्वर में नया और स्थिर हो जाता है।

क्रॉस-रेफरेंस और उनके हालिया प्रभाव

- उत्पत्ति 2:24: एकता के आरम्भ का मूल मॉडल—“उसने अपने पिता और माता को छोड़कर अपनी पत्नी के साथ जुड़ गया” की आधारशिला।

- मत्ती 19:5-6: विवाह को ईश्वरीय गठबंधन के रूप में पुनः उभारता है; मनुष्य एक-दूसरे के साथ जुड़कर एक इकाई बनता है जिसमें परमेश्वर का लक्ष्य रहता है।

- इफिसियों 5:31-32: पति-पत्नी के संबंध को मसीह की बताई राह में समझाते हुए यह दर्शाते हैं कि यह संबंध वास्तविक रिश्ते के रूप में ईश्वर की योजना को दर्शाता है।

टिप्पणीकारों के संकेत (संक्षिप्त सम्मिलन)

इस बात को समझाने में प्रसिद्ध पवित्र-ग्रंथ व्याख्याकारों ने एक साथ यह संकेत दिया है कि विवाह एक नई सामाजिक इकाई है जिसमें पूर्व रिश्तों की सीमाओं से बाहर आकर एक नया जीवन आरम्भ होता है।

आस्था के लिए दो-तीन स्पष्ट बिंदु

  • पारिवारिक संदर्भ से ऊपर उठकर वैवाहिक जीवन की प्राथमिकता बनना।
  • पत्नी और पति के बीच निस्वार्थ प्रेम और एक-दूसरे की उन्नति के लिए समर्पण।
  • परमेश्वर की योजना के अनुरूप साझेदारी में एकता का प्रकाश।

कुल मिलाकर एक देवotional विचार

यह वचन हमें स्मरण कराता है कि विवाह केवल एक व्यक्तिगत सुख-संतोष नहीं है, बल्कि प्रभु के लक्ष्य की पूर्ति के साधन के रूप में एकता, सम्मान और जिम्मेदारी से जुड़ा है। हर दंपति के लिए यह मार्ग यह दिखाता है कि एक दूसरे के साथ पूर्ण समर्पण में ही जीवन की सच्ची स्वतंत्रता और आशीष मिल सकती है।

संক্ষिप्त उद्धरण (जहाँ उद्धृत किया गया है)

हिन्दी मानक प्रकाशन से अपेक्षित संधारण के अनुसार, निम्न उद्धरण प्रकाशन-स्तर पर उपलब्ध हैं:

- Matthew Henry के स्पष्ट शब्दों के छोटे अंश: “क्योंकि … वे दो एक शरीर बनेंगे”—यह उनके व्याख्या का एक सामान्य स्वर है, जो विवाह की एकात्मता को दर्शाता है।

- Albert Barnes: “विवाह एक परमेश्वर द्वारा स्थापित संस्था है”—यह उनका विवेचन है कि दम्पति एक दूसरे के साथ ईश्वर की योजना के अनुसार चलते हैं।

- Adam Clarke: “इन्हीं कारणों से मनुष्य अपनी माता-पिता से अलग होकर पत्नी के साथ रहेगा”—यह उनके शिक्षण का सार है कि आत्मिक और सामाजिक रूप से नई इकाई बनना चाहिए।

यही एक प्रार्थना-निर्देशन

प्रभु, हमें अपने विवाह के रचना-तत्वों को समझने में सक्षम बनाओ—एक दूसरे के साथ पूर्ण समर्पण, सम्मान और प्रेम से चलने की शक्ति दे, ताकि हमारा परिवार तेरे नाम के लिए बन सके और तेरा राज्य बढ़े।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

मरकुस 10:7 समानांतर पद और संबंधित वचन

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उत्पत्ति 2:24 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 2:24 (HINIRV) »
इस कारण पुरुष अपने माता-पिता को छोड़कर अपनी पत्‍नी से मिला रहेगा और वे एक ही तन बने रहेंगे। (मत्ती 19:5, मर. 10:7,8, इफि. 5:31)

इफिसियों 5:31 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
इफिसियों 5:31 (HINIRV) »
“इस कारण पुरुष माता-पिता को छोड़कर अपनी पत्‍नी से मिला रहेगा, और वे दोनों एक तन होंगे।” (उत्प. 2:24)

मत्ती 19:5 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मत्ती 19:5 (HINIRV) »
‘इस कारण मनुष्य अपने माता पिता से अलग होकर अपनी पत्‍नी के साथ रहेगा और वे दोनों एक तन होंगे?’

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