मरकुस 10:11 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

उसने उनसे कहा, “जो कोई अपनी पत्‍नी को त्याग कर दूसरी से विवाह करे तो वह उस पहली के विरोध में व्यभिचार करता है।

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मरकुस 10:11 पद-दर-पद बाइबल टीका

संक्षिप्त अर्थ

मरकुस 10:11 में यीशु स्पष्ट करते हैं कि किसी व्यक्ति ने अपनी पत्नी को छोड़कर किसी अन्य से विवाह किया, तो वह पहले विवाह के विरोध में व्यभिचार करता है। यह कथन विवाह के निष्ठा और स्थायित्व को प्रकट करता है: प्रतिज्ञा का सम्मान और वैवाहिक एकता की पवित्रता।

पैगम्बरी संदर्भ और पृष्ठभूमि

यह वचन मरकुस के Gospel में विवाह-विधि और स्थायित्व पर पूछे गए प्रश्नों के संदर्भ में आता है। उस समय प्रचलित प्रथाओं में तलाक और पुनः विवाह प्रचलित था, पर यीशु की शिक्षा विवाह को एक दृढ़ प्रतिज्ञा मानती है—जो व्यक्ति एक बार विवाह करे, उसे टूटे बिना निभाने की प्रेरणा मिलती है। यह आयत पवित्र बंधन की महत्ता को रेखांकित करती है, और समाज के बंधनों से ऊपर विवाहिक प्रतिबद्धता की दृष्टि देता है।

व्याख्यात्मक बिंदु

  • विवाह-वचन की महत्त्वपूर्णता: पहली पत्नी के साथ स्थायित्व बनाये रखना और पुनर्विवाह को व्यभिचार के रूप में देखना—यह इशारा है कि विवाह एक अभयाधार है जो किसी भी कारण से सहज रूप से टूटना नहीं चाहिए।
  • प्रथम आदेश बनाम समाज के मानदंड: यीशु ने सामाजिक रीति-रिवाजों के नीचे नैतिक अधिकार और दायित्व को उच्च माना है—विवाह के निष्ठापूर्ण पालन पर बल देता है।
  • त्याग और विवाह के कारण: अगर कोई व्यक्ति नए विवाह के लिए पुरानी संगिनी को छोड़े, तो वह विवाह के बंधन को तोड़ने के समान समझा गया है।

व्याख्या के प्रेरक उद्धरण (स्थापित टिप्पणीकारों से संकलित सोच)

1) Matthew Henry के अनुसार: विवाह एक स्थिर चट्टान है; “जो एक बार बंधन में है, उसे टूटना नहीं चाहिए, क्योंकि यह ईमानदारी और प्रेम की परीक्षा है।” नोट: यहाँ Henry का शब्दश: उद्धरण संक्षेपित रूप में प्रस्तुत किया गया है।

2) Albert Barnes के अनुसार: यह शिक्षा विवाहित जीवन की पवित्रता और एकात्मता को बनाए रखने के लिए दी गई है; क्रोध, अहंकार या व्यक्तिगत स्वार्थ से विभाजन नहीं होना चाहिए। नोट: Barnes के विचारों का सार

3) Adam Clarke के अनुसार: वैवाहिक बंधन को टूटने से रोकना समय की कठिनाइयों में भी दयालुता और क्षमा का अभ्यास है; विवाह की प्रतिष्ठा समाज के नैतिक ढांचे के लिए आवश्यक है। नोट: Clarke का संक्षिप्त भाव

संबद्ध आयतें (चर्चा के लिए संदर्भ)

• मत्ती 5:31-32 — विवाह-त्याग पर यीशु की विस्तृत शिक्षाएँ; दया और प्रतिज्ञा के अनुरूप कदम उठाने की पथदर्शी बाते।

• मर्दों और पत्नियों के लिए 1 कुरिन्थियों 7:10-11 — विवाह की बन्धुत्वता और वैवाहिक अनुशासन के सिद्धांत।

• मत्ती 19:3-9 — विवाह के अनिवार्य एकता और तलाक के गम्भीर कारणों पर चर्चा।

संक्षिप्त निष्कर्ष/Practical takeaway

यह शिक्षण व्यक्तिगत संबंधों में निष्ठा और जिम्मेदारी की चाबी है। जो व्यक्ति विवाह के प्रति प्रतिज्ञा करता है, उसे उस प्रतिज्ञा को निभाने की प्रेरणा और शक्ति उसी से मिलती है। कठिनाइयों के बीच भी प्रेम, क्षमा और ईमानदारी बनाए रखना समाज में विवाह की प्रतिष्ठा को मजबूत बनाता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

मरकुस 10:11 समानांतर पद और संबंधित वचन

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“यह भी कहा गया था, ‘जो कोई अपनी पत्‍नी को त्याग दे, तो उसे त्यागपत्र दे।’ (व्य. 24:1-14)

मत्ती 19:9 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मत्ती 19:9 (HINIRV) »
और मैं तुम से कहता हूँ, कि जो कोई व्यभिचार को छोड़ और किसी कारण से अपनी पत्‍नी को त्याग कर, दूसरी से विवाह करे, वह व्यभिचार करता है: और जो उस छोड़ी हुई से विवाह करे, वह भी व्यभिचार करता है।”

लूका 16:18 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
लूका 16:18 (HINIRV) »
“जो कोई अपनी पत्‍नी को त्याग कर दूसरी से विवाह करता है, वह व्यभिचार करता है, और जो कोई ऐसी त्यागी हुई स्त्री से विवाह करता है, वह भी व्यभिचार करता है।

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