मत्ती 19:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और मैं तुम से कहता हूँ, कि जो कोई व्यभिचार को छोड़ और किसी कारण से अपनी पत्‍नी को त्याग कर, दूसरी से विवाह करे, वह व्यभिचार करता है: और जो उस छोड़ी हुई से विवाह करे, वह भी व्यभिचार करता है।”

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मत्ती 19:9 पद-दर-पद बाइबल टीका

मुख्य व्याख्या का बिंदु

मत्ती 19:9 में यीशु ने विवाहबद्ध जीवन के भीतर और बाहर के रिश्तों के प्रति सख्त नैतिक मार्गदर्शकता प्रस्तुत की है। यहाँ वह कहhowते हैं कि जो कोई व्यभिचार को छोड़कर अपनी पत्नी को छोड़ देता है और किसी अन्य से विवाह करता है, वह व्यभिचार करता है; और जो उस छोड़ी हुई से विवाह करे, वह भी व्यभिचार करता है। यह पाठ प्रेम-विहित प्रतिबद्धता की महत्ता को स्पष्ट करता है, जिससे विवाह परम उपस्थिति के तौर पर बनाए रखने का ध्येय बनता है, और वैध तथा अवैध विवाह-त्याग के बीच के दायरे को रेखांकित करता है।

कथा-संदर्भ और साहित्यिक संरचना

यह उद्धरण पहली शताब्दी के ज्यूditi समाज में विवाह-विधि के नियमों के साथ जुड़ा रहा है। पाठक देखते हैं कि पतरस, मोनॉझैम के नियमों के बजाय यीशु के निर्देशों पर विचार करता है, और यीशु विवाह की एक पवित्र प्रतिबद्धता की ओर वापसी करते हैं—जहाँ संसर्ग और तलाक के प्रश्नों को सामान्य कानून से ऊपर एक नैतिक-आध्यात्मिक दायित्व के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।

धार्मिक महत्व

यह आयत विवाह की पवित्रता को एक ऐसे बंधन के रूप में स्थापित करती है जिसे छूटे जाने पर पुनर्विवाह भी ‘व्यभिचार’ के रूप में मना गया है। साथ ही यह पितृ-वचन में यह संकेत देता है कि विवाह-विच्छेद तब तक नहीं किया जा सकता जब तक साथी की असमान्य स्थिति न हो या शारीरिक हिंसा आदि अति-अपमानजनक परिस्थितियां न हों। यह अधिकार-अपेक्षा और प्रेम-केन्द्रित उत्तरदायित्व के बीच संतुलन बनाने की कोशिश है, ताकि परिवारों की सामाजिक और आध्यात्मिक स्थिरता बनी रहे।

पूर्ववर्ती और पश्चात के संदर्भ

हम यह देखते हैं कि मत्ती 5:31-32 और 1 कुरिन्थियों 7 जैसे अन्य पाठ भी विवाह-बंधन के महत्त्व और तलाक के परिस्थितिक सवालों पर चर्चित दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं। यीशु की शिक्षा यहाँ एक उच्च मानक स्थापित करती है: विवाह से बाहर जाना, और दूसरे से विवाह करना, कानून के भीतर अपराध के समान माना गया है; लेकिन साथ ही पाप पर दया और क्षमा की दिशा भी उभरती है, क्योंकि भक्तजन के लिए वास्तविक परिवर्तन और नये जीवन की पुकार है।

Cross-reference के साथ संकल्पना

  • यूहन्ना 8 के♀मामले जैसी शायद-तटस्थ स्थिति में भी निर्बलता और दया का संयम—यह दर्शाता है कि विवाह-सम्बन्धी मूल्यों के पालन में नित-नये सुधार होते रहने चाहिए।
  • 1 कुरिन्थियों 7:10-11—धर्मशास्त्र के अनुसार तलाक की स्थिति में पुनः विवाह की चर्चा, और ईसुदेव के लिए प्रेम-आचरण की सामाजिक-आध्यात्मिक दिशा।
  • मरकुस 10:11-12—आ गया है कि जो तलाक देता है और दूसरी से विवाह करता है, वह भी व्यभिचार करता है; और जो छोड़ी हुई से विवाह करता है, वह भी व्यभिचार करता है।

इन उद्धरणों में विवाह-बंधन की पवित्रता का पुनराविष्कार और दायित्वों की दृढ़ता स्पष्ट होती है।

आत्म-चिंतन के लिए प्रश्न

  • क्या मैं अपने विवाह बंधन को पुर्णतः मान रहा/रही हूँ और उसकी रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाता/ती हूँ?
  • व्यभिचार से बचने के लिए क्या व्यवहारिक कदम हैं—आत्म-नियंत्रण, पारस्परिक सम्मान, साथी के प्रति सहानुभूति?

संक्षिप्त निष्कर्ष

मत्ती 19:9 में यीशु ने स्पष्ट किया है कि विवाह एक स्थायी और पवित्र बंधन है जिसे टूटना कठिन माना जाना चाहिए। तलाक-प्रत्यक्ष या पुनर्विवाह के प्रश्नों में यदि विवेचन किया जाए, तो परमेश्वर की इच्छा प्रेम, सम्मान और आजीवन प्रतिबद्धता की है। यह संदर्भ हमें विश्वास-समुदाय के भीतर विवाह के दायित्व की गहराई और चमत्कारिक समाधान-योग्यता की याद दिलाता है—जहाँ दार्शनिक-धार्मिक मानक और रोजमर्रा की जीवन-स्थितियाँ एक साथ चलती हैं।

क्योंकि पाठ के मूल संकेत बिना क्षेप-प्रश्न के यह कहता है कि विवाह-बंधन की पवित्रता बनाए रखना आवश्यक है, ताकि समाज और परिवारों में स्थिरता बना रहे।

उद्धरण (योगदान के लिए)

अगर आवश्यक हो सके, प्रमुख पुरस्कार-उद्धरणों के रूप में निम्नलिखित पंक्तियाँ प्राथमिक स्रोतों से मिल सकती हैं:

“किसी ने जो तलाक लिया और दूसरी से विवाह किया, वह व्यभिचार करता है।” — Matthew Henry (संक्षेपित शब्दावली)

“विवाह-बंधन की प्रकृति परम-उच्च है; तलाक और पुनर्विवाह के प्रश्न पर यीशु ने एक स्पष्ट मानक रखा है।” — Albert Barnes

“यीशु के शब्द विवाह को एक दैवीय प्रतिज्ञा के रूप में स्थापित करते हैं; जो इसे छोड़ता है, वही व्यभिचार करता है।” — Adam Clarke

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

मत्ती 19:9 समानांतर पद और संबंधित वचन

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1 कुरिन्थियों 7:39 (HINIRV) »
जब तक किसी स्त्री का पति जीवित रहता है, तब तक वह उससे बंधी हुई है, परन्तु जब उसका पति मर जाए, तो जिससे चाहे विवाह कर सकती है, परन्तु केवल प्रभु में।

मत्ती 5:32 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मत्ती 5:32 (HINIRV) »
परन्तु मैं तुम से यह कहता हूँ कि जो कोई अपनी पत्‍नी को व्यभिचार के सिवा किसी और कारण से तलाक दे, तो वह उससे व्यभिचार करवाता है; और जो कोई उस त्यागी हुई से विवाह करे, वह व्यभिचार करता है।

लूका 16:18 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
लूका 16:18 (HINIRV) »
“जो कोई अपनी पत्‍नी को त्याग कर दूसरी से विवाह करता है, वह व्यभिचार करता है, और जो कोई ऐसी त्यागी हुई स्त्री से विवाह करता है, वह भी व्यभिचार करता है।

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