Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मत्ती 19:1 मत्ती 19:2 मत्ती 19:3 मत्ती 19:4 मत्ती 19:5 मत्ती 19:6 मत्ती 19:7 मत्ती 19:8 मत्ती 19:9 मत्ती 19:10 मत्ती 19:11 मत्ती 19:12 मत्ती 19:13 मत्ती 19:14 मत्ती 19:15 मत्ती 19:16 मत्ती 19:17 मत्ती 19:18 मत्ती 19:19 मत्ती 19:20 मत्ती 19:21 मत्ती 19:22 मत्ती 19:23 मत्ती 19:24 मत्ती 19:25 मत्ती 19:26 मत्ती 19:27 मत्ती 19:28 मत्ती 19:29 मत्ती 19:30



सीधे अर्थ का निष्कर्ष
मत्ती 19:8 में यीशु बताते हैं कि शब्दार्थ में: संस्थागत विवाह के नियम मूसा ने पुरुषों को पत्नियों को छोड़ने की अनुमति दी, पर आरम्भ में यह नहीं था; क्रिया-नीति का उद्देश्य कठोरतापूर्ण मानवीय व्यवहार से उबरना है। अर्थात् परमेश्वर की प्राथमिक इच्छा विवाह का स्थायित्व और एकत्व है, पर मानवीय कठिनाइयों के कारण व्यवस्था ने छूट का मार्ग दिया।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह पाठ ईसा मसीह के साथ मसीही शिक्षाओं की तीसरी-चौथी कथा के समय का है, जहाँ वे विवाह-विचार, तलाक, और पुनर्विवाह पर चर्चा कर रहे हैं। पीछे के संदर्भ में यहूदियों की तलाक-परंपराओं पर प्रश्न उठता है, और यीशु स्पष्ट करते हैं कि आरेख के आरम्भ से परम उद्देश्य एकत्व ही था। मूसा द्वारा तलाक की अनुमति दी गई थी क्योंकि लोगों की हृदय कठोरता के कारण व्यवस्था को हल्के-फुल्के मार्ग से दिया गया।
interpretive observations
थीमेटिक बिंदु
क्रॉस-रेफरेंसेज़ (संदर्भों के छोटे निष्कर्ष)
1) मरकुस 10:2-12: यीशु की तलाक-नीति का पुनरावलोकन और विवाह-सम्बन्ध की एकात्मता की पुष्टि।
2) मत्ती 5:31-32: एक उच्च नैतिक मानक जहाँ तलाक पर स्पष्ट निषेध और पुनर्विवाह के जोखिम की बात है।
3) इब्रानी 13:4: विवाह को महिमा दी गई है और सभी विवाहितों के लिए वह शुद्धता की माँग करता है।
संक्षिप्त व्यावहारिक निष्कर्ष
एकीकृत सार
इस अंश में यीशु परंपरागत नियमों के पीछे छवि मिटाते नहीं, बल्कि उसकी गहराई बताते हैं कि विवाह का मूल उद्देश्य परमेश्वर के सामने एक पवित्र, स्थायी और प्रेमपूर्ण बन्धन है। मूसा के निर्देशों को समाज की कठोरता के कारण दी गई राहत के रूप में समझना चाहिए, ताकि विवाह-वक्र टूटे नहीं। जीवन-यात्रा में प्रेम और सम्मान को बनाए रखना ही आरम्भ के विचारों को संरक्षित करता है।
महत्वपूर्ण उद्धरण (एंट्री पन्ने) — Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के संकलन से आवश्यक वाक्यांश:
“Moses, for the hardness of your hearts, suffered you to put away your wives” — यह अंश स्पष्ट करता है कि तलाक के नियम एक कठोर मनुष्य की दशा के लिए दी गई व्यवस्था है, न कि परम उद्देश्य।
“From the beginning it was not so” — आरम्भिक योजना विवाह की एकात्मकता को दर्शाती है; तलाक का मार्ग केवल व्यवहারের कठोरता के कारण दिया गया था।