मत्ती 19:14 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

यीशु ने कहा, “बालकों को मेरे पास आने दो, और उन्हें मना न करो, क्योंकि स्वर्ग का राज्य ऐसों ही का है।”

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मत्ती 19:14 पद-दर-पद बाइबल टीका

मत्ती 19:14 पर टिप्पणी

पृष्ठभूमि: प्रेरितों के साथ संवाद के दौरान यीशु ने बच्चों के बारे में एक नई दिशा दी है। जब कुछ लोग बच्चों को उनसे दूर धकेलते थे, यीशु ने स्पष्ट किया कि स्वर्ग का राज्य ऐसे बच्चों जैसी सरलता, मौलिक विश्वास और निर्भरता में ही Fuß है। पवित्रता, दयालुता और परमेश्वर के राज की जन्म-संभावना बच्चों की सहजता में उतरती है।

मुख्य अर्थ

यह वाक्य तीन बातों पर जोर देता है: पहले, आध्यात्मिक दृष्टि से बच्चों की आवश्यकता—आत्म-समर्पण और निर्भय विश्वास; दूसरे, शासन-व्यवस्था में प्रवेश के लिए योग्यता सामान्य मानवीय प्रभाव से नहीं, बल्कि उस विश्वास से होती है जो बच्चों जैसी सरलता और निर्भरता से आता है; तीसरे, भगवान के राज्य का स्वागत सभी में समान है, भय या ऊँचे दर्जे के मानकों के बिना। यीशु बच्चों को बुलाकर दिखाते हैं कि परमेश्वर का राज्य छोटी और निर्बंध तरंगों में नहीं, बल्कि सरलता और सच्चे हृदय में आता है।

तीन केंद्रीय विषय

  • निर्भरता बनाम आत्म-स्वार्थ: बच्चों की विशिष्टता उनकी निर्भरता में है; स्वर्ग का राज्य ऐसे व्यक्तियों के लिए है जो स्वयं को निर्बल मानकर पूरी आज़ादी से भरोसा करते हैं।
  • स्तर-समता: राजा का राज्य हर किसी के लिए खुला है—किसी सामाजिक स्थान, आयु या अधिकार के आधार पर भेदभाव नहीं।
  • आगमन का स्वागत: यीशु का यह आह्वान बताता है कि आगमन का सच्चा अनुभव प्रेम-योग, करुणा और नयी पहचान से आता है।

संबंधित पद and संकेत

1) मारकुस 10:14-16 में भी यीशु बच्चों का आना पसंद करते हैं और उनके आशीर्वाद की महत्ता दिखाते हैं—यह राज के प्रवेश का एक स्पष्ट चित्र है।

2) मरकुस 9:37 में Jesus कहता है, “जो किसी एक छोटे से एक बच्चे की तरह ग्रहण करेगा, वह मेरा नाम धारण करेगा”—छोटेपन और सीधे विश्वास का महत्त्व स्पष्ट होता है।

3) यूहन्ना 3:3–6 जैसी सुरक्षा में पुनर्जन्म और नया जन्म का विचार जुड़ सकता है, क्योंकि राज्य के लिए नया जीवन आवश्यक होता है।

व्यावहारिक विचार

- अपने विश्वास में बच्चों जैसे सरल और भरोसेमंद रहने की कोशिश करें: कटुता, अहंकार या जटिलताएँ छोड़कर प्रभु पर भरोसा रखें।

- समुदाय के भीतर छोटे और कमजोर लोगों के लिए स्वागत और सम्मान बनाए रखें, क्योंकि परमेश्वर ऐसे पात्रों में अपना राज दिखते हैं।

सारांश

इसverse में यीशु children के प्रति खुलापन दिखाते हैं कि स्वर्ग का राज्य उन लोगों के लिए है जो सरल विश्वास, निर्भरता और नैतिक-निष्ठा बनाए रखते हैं। बच्चों जैसी सहजता और सच्चे प्रेम से प्रवेश संभव है, और यह राज्य हर एक के लिए खुला है, चाहे वह कितना भी छोटा क्यों न हो।

हानि-आधार उद्धरण (जहाँ उपयुक्त):

“बालकों को मेरे पास आने दो, और उन्हें मना न करो, क्योंकि स्वर्ग का राज्य ऐसों ही का है।”

संक्षिप्त उद्धरण-उद्धृत स्रोत

माथ्यू हैनरी, अल्बर्ट बर्न्स, एडम क्लार्क की सार्वजनिक-डायरेक्ट टिप्पणी से संक्षेप सार वस्तु-संबद्ध हो सकती है।

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मत्ती 19:14 समानांतर पद और संबंधित वचन

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और कहा, “मैं तुम से सच कहता हूँ, यदि तुम न फिरो और बालकों के समान न बनो, तो स्वर्ग के राज्य में प्रवेश नहीं कर पाओगे।

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यीशु ने बच्चों को पास बुलाकर कहा, “बालकों को मेरे पास आने दो, और उन्हें मना न करो: क्योंकि परमेश्‍वर का राज्य ऐसों ही का है।

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