Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मरकुस 13:1 मरकुस 13:2 मरकुस 13:3 मरकुस 13:4 मरकुस 13:5 मरकुस 13:6 मरकुस 13:7 मरकुस 13:8 मरकुस 13:9 मरकुस 13:10 मरकुस 13:11 मरकुस 13:12 मरकुस 13:13 मरकुस 13:14 मरकुस 13:15 मरकुस 13:16 मरकुस 13:17 मरकुस 13:18 मरकुस 13:19 मरकुस 13:20 मरकुस 13:21 मरकुस 13:22 मरकुस 13:23 मरकुस 13:24 मरकुस 13:25 मरकुस 13:26 मरकुस 13:27 मरकुस 13:28 मरकुस 13:29 मरकुस 13:30 मरकुस 13:31 मरकुस 13:32 मरकुस 13:33 मरकुस 13:34 मरकुस 13:35 मरकुस 13:36 मरकुस 13:37



reader-friendly overview
मरकुस 13:31 में यीशु अपने शिष्यों को बतलाते हैं कि सभी चीजें क्षणभंगुर हैं—आकाश, पृथ्वी एक दिन परिवर्तनशील होंगी—परन्तु वचन eterno, जो यीशु ने बोला है, अपरिवर्तित रहेगा। यह वचन विश्वासियों को सदा स्थिर रहने वाले ईश्वर के शब्दों की सुरक्षा का आश्वासन देता है। यह संदर्भ यह दिखाता है कि इतिहास के हर परिवर्तन के बीच ईश्वर का मूल निर्देश स्थिर है और वही हमारा आधार है।
verse in its chapter
इस अध्याय में यीशु कुटुम्ब, भयावह घटनाओं, और अंत समय के संकेतों के बारे में सावधान करते हैं ताकि शिष्य जागरूक और प्रार्थनारत रहें। 13:31 यह उद्घोष देता है कि ब्रह्मांडीय समापन तक ईश्वर के वचन की प्रतिष्ठा बनी रहेगी, भले ही सारी सृष्टि पलट जाए या परिवर्तन से गुजर दे।
main spiritual lesson
मुख्य सीख यह है: स्थिर विश्वास उन परिस्थितियों में भी अडिग रहे जब संसार घूम रहा हो या भरोसा टूटने लगे। ईश्वर का शब्द समय और परिस्थितियों से ऊपर है; हमारी आस्थाएं उसी पर आधारित होनी चाहिए। यह उद्धार का संदेश देता है कि परमेश्वर का घोष greater than transient realities है—हम जो कान fijo चाहिए उसे बनाये रखें।
सम्बन्धित बाइबिल cross-references
आधार समझ: यीशु ने कहा है कि ब्रह्मांडिक परिवर्तन के बावजूद उनका संदेश अविकल रहेगा, और यह हमारे लिए एक स्मरण है कि दैनिक जीवन में भी नीति और नैतिकता के नियम वही रहते हैं।
careful application
व्यावहारिक रूप से, यह वचन हमें तीन चीजें सिखाता है: - भरोसे को परमेश्वर के शब्द के भीतर स्थिर रखें: दैनिक निर्णयों और नैतिक चुनौतियों में वचन के सिद्धांतों को मार्गदर्शक बनाएं। - अस्थिर परिस्थितियों में आशा बनाए रखें: संसार के उलटफेर के बीच ईश्वर की स्थिरता को याद करें। - प्रार्थना और पढ़ाई-ध्यान पर नियमित जोर दें: ताकि हमारे विचार, वचन और कर्म एकरूप बने रहें।
summary
मरकुस 13:31 एक दृढ़ स्मरण कराता है कि परिवर्तन जब भी आए, ईश्वर के वचन की सत्यता और शाश्वतता अपरिवर्तित रहती है। यह पाठ हमें विश्वास, आत्म-निरीक्षण और आचरण में स्थिरता के लिए प्रेरित करता है ताकि हमारी जिंदगी ईश्वर के उद्देश्य के अनुरूप बनी रहे।
स्पष्ट उद्धरण (जहां उपलब्ध)
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के समानांतर विचारों में यह संदेश बार-बार उनके टिप्पणियों की ध्वनि के भीतर मिलता है: “जो कुछ भी बदल सकता है, परन्तु वचन स्थिर है,” यह समय-समय पर उद्धृत है।