मरकुस 13:31 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

आकाश और पृथ्वी टल जाएँगे, परन्तु मेरी बातें कभी न टलेंगी। (यशा. 40:8, लूका 21:33)

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मरकुस 13:31 पद-दर-पद बाइबल टीका

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मरकुस 13:31 में यीशु अपने शिष्यों को बतलाते हैं कि सभी चीजें क्षणभंगुर हैं—आकाश, पृथ्वी एक दिन परिवर्तनशील होंगी—परन्तु वचन eterno, जो यीशु ने बोला है, अपरिवर्तित रहेगा। यह वचन विश्वासियों को सदा स्थिर रहने वाले ईश्वर के शब्दों की सुरक्षा का आश्वासन देता है। यह संदर्भ यह दिखाता है कि इतिहास के हर परिवर्तन के बीच ईश्वर का मूल निर्देश स्थिर है और वही हमारा आधार है।

verse in its chapter

इस अध्याय में यीशु कुटुम्ब, भयावह घटनाओं, और अंत समय के संकेतों के बारे में सावधान करते हैं ताकि शिष्य जागरूक और प्रार्थनारत रहें। 13:31 यह उद्घोष देता है कि ब्रह्मांडीय समापन तक ईश्वर के वचन की प्रतिष्ठा बनी रहेगी, भले ही सारी सृष्टि पलट जाए या परिवर्तन से गुजर दे।

main spiritual lesson

मुख्य सीख यह है: स्थिर विश्वास उन परिस्थितियों में भी अडिग रहे जब संसार घूम रहा हो या भरोसा टूटने लगे। ईश्वर का शब्द समय और परिस्थितियों से ऊपर है; हमारी आस्थाएं उसी पर आधारित होनी चाहिए। यह उद्धार का संदेश देता है कि परमेश्वर का घोष greater than transient realities है—हम जो कान fijo चाहिए उसे बनाये रखें।

सम्बन्धित बाइबिल cross-references

  • यशायाह 40:8 — "सूखी बातें" के विपरीत, परमेश्वर का शब्द शाश्वत है; यह मिलान करता है कि प्रभु के वचन कभी नहीं टूटते।
  • लूका 21:33 — प्रभु के वचन समय के चक्रों से परे हैं; यह दृश्य रूप से बताता है कि ईश्वर का नियम अटल है।
  • यहोशू 1:8 — निरंतर अभ्यास और विचार का महत्व, ताकि विभिन्न परिस्थितियों में वचन की स्थिरता बनी रहे।

आधार समझ: यीशु ने कहा है कि ब्रह्मांडिक परिवर्तन के बावजूद उनका संदेश अविकल रहेगा, और यह हमारे लिए एक स्मरण है कि दैनिक जीवन में भी नीति और नैतिकता के नियम वही रहते हैं।

careful application

व्यावहारिक रूप से, यह वचन हमें तीन चीजें सिखाता है: - भरोसे को परमेश्वर के शब्द के भीतर स्थिर रखें: दैनिक निर्णयों और नैतिक चुनौतियों में वचन के सिद्धांतों को मार्गदर्शक बनाएं। - अस्थिर परिस्थितियों में आशा बनाए रखें: संसार के उलटफेर के बीच ईश्वर की स्थिरता को याद करें। - प्रार्थना और पढ़ाई-ध्यान पर नियमित जोर दें: ताकि हमारे विचार, वचन और कर्म एकरूप बने रहें।

summary

मरकुस 13:31 एक दृढ़ स्मरण कराता है कि परिवर्तन जब भी आए, ईश्वर के वचन की सत्यता और शाश्वतता अपरिवर्तित रहती है। यह पाठ हमें विश्वास, आत्म-निरीक्षण और आचरण में स्थिरता के लिए प्रेरित करता है ताकि हमारी जिंदगी ईश्वर के उद्देश्य के अनुरूप बनी रहे।

स्पष्ट उद्धरण (जहां उपलब्ध)

Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के समानांतर विचारों में यह संदेश बार-बार उनके टिप्पणियों की ध्वनि के भीतर मिलता है: “जो कुछ भी बदल सकता है, परन्तु वचन स्थिर है,” यह समय-समय पर उद्धृत है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

मरकुस 13:31 समानांतर पद और संबंधित वचन

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यशायाह 40:8 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 40:8 (HINIRV) »
घास तो सूख जाती, और फूल मुर्झा जाता है; परन्तु हमारे परमेश्‍वर का वचन सदैव अटल रहेगा*। (1 पत. 1:24,25)

यशायाह 51:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 51:6 (HINIRV) »
आकाश की ओर अपनी आँखें उठाओ, और पृथ्वी को निहारो; क्योंकि आकाश धुएँ के समान लोप हो जाएगा, पृथ्वी कपड़े के समान पुरानी हो जाएगी, और उसके रहनेवाले ऐसे ही जाते रहेंगे; परन्तु जो उद्धार मैं करूँगा वह सर्वदा ठहरेगा, और मेरे धर्म का अन्त न होगा।

मत्ती 24:35 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मत्ती 24:35 (HINIRV) »
आकाश और पृथ्वी टल जाएँगे, परन्तु मेरे शब्‍द कभी न टलेंगी।

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