नहूम 1:7 बाइबल पद की व्याख्या
नहूम 1:7 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
यहोवा भला है; संकट के दिन में वह दृढ़ गढ़ ठहरता है, और अपने शरणागतों की सुधि रखता है।
नहूम 1:7 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
नहूम 1:7 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

2 तीमुथियुस 2:19 (HINIRV) »
तो भी परमेश्वर की पक्की नींव बनी रहती है, और उस पर यह छाप लगी है: “प्रभु अपनों को पहचानता है,” और “जो कोई प्रभु का नाम लेता है, वह अधर्म से बचा रहे।” (नहू. 1:7)

यूहन्ना 10:27 (HINIRV) »
मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं, और मैं उन्हें जानता हूँ, और वे मेरे पीछे-पीछे चलती हैं।

भजन संहिता 100:5 (HINIRV) »
क्योंकि यहोवा भला है, उसकी करुणा सदा के लिये, और उसकी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है।
नहूम 1:7 केImmediate Setting
यह पद यहोवा की चरित्र-गत विशेषताओं की एक ठोस पुष्टि देता है: संकट के समय परमेश्वर भला है और शरणागतों की देखरेख करता है। नहूम पुस्तक का संदर्भ एक ऐसे समय में है जब नूह-निरपेक्ष आक्रामक शक्तियाँ नबियों के संदेशों के बीच इकट्ठी होती हैं; परन्तु इस Verse में यहोवा की सुरक्षा और उद्धार की वहनीयता स्पष्ट हो उठती है। यह पंक्ति संकट की घड़ी में भी भक्तों के लिए एक आश्वस्ति का वचन है कि परमेश्वर निस्संदेह उनके साथ है।
ईश्वर या विश्वास के बारे में जो कुछ यह पाठ बताता है
यहोवा भला है—यह एक उद्घोषणा है कि परमेश्वर का स्वभाव सदैव सकारात्मक, दयालु और विश्वासयोग्य है। संकट के दिन में वह दृढ़ गढ़ ठहरता है—यानी कठिन समय में वह एक स्थिर, सुरक्षित जगह है जहाँ भक्त शरण ले सकते हैं। और अपने शरणागतों की सुधि रखता है—ईश्वर उन लोगों का ख्याल रखते हैं जो उसकी ओर आश्रय लेते हैं। यह पाठ केवल त्रासदी को टालने की बात नहीं करता, बल्कि विपत्ति के बीच दिव्य सन्तुलन और स्नेहकारी देखरेख की पुष्टि करता है।
महत्वपूर्ण शब्द और चित्र स्पष्ट करना
अन्य प्रेरक अनुच्छेद (प्रिलिमिनरी संदर्भ)
भिन्न हिस्सों में यहोवा के भालेपन और उद्धार के संदेश स्पष्ट होते हैं। कुछ प्रसिद्ध क्रिया-चिह्नों के साथ—जैसे अय्यूब 36–37 में परमेश्वर की धैर्य और संरक्षकता—नहूम 1:7 की धारणा और भी पुष्ट होती है: संकट के समय भी परमेश्वर का अभिवादनिक प्रेम सुनिश्चित है।
3 प्रमुख क्रॉस-रेफरेंसेस और उनके संक्षिप्त निष्कर्ष
यशायह 25:4 में कहा गया है कि परमेश्वर प्यासे और ध्वंसशील समय में सुरक्षा और आश्रय देता है; यह नहूम 1:7 के “दृढ़ गढ़” के साथ संगत है।
भजन 46:1 परमेश्वर हमारे सहायक, हमारी कठिनाई के समय में हमारा स्थान है—शरणागतों के लिए एक मजबूत सुरक्षा।
यिर्मयाह 17:7-8 विश्वासयोग्यों के लिए whose आश्रय में स्थिर रहने की छवि—गाछ के नीचे जलधारा है, परन्तु पथिक निर्भर रहता है।
आज के लिए अनुप्रयोग
कठिन परिस्थितियों में ईश्वर पर भरोसा बनाए रखें: वह भला है और आपको संकट के दिन में भी एक सुरक्षित ठिकाना देता है। अपनी उपलब्धियाँ और भय के बीच उसकी शरण को याद रखें—यही आपके आत्म-विश्वास का आधार हो सकता है। अपने आप से कहें: मैं एक शरणगृह के भीतर हूँ, जहाँ परमेश्वर मुझे देख-रेख देता है और मेरी सहायता देता है।
सार-संयोजन
यहोवा भला है—सदैव दयालु और न्यायप्रिय स्वभाव। संकट के दिन में वह दृढ़ गढ़ बनकर सच्चे विश्वासियों के लिए परम सुरक्षा देता है, और शरणागतों की सुधि रखता है। यह संदेश न केवल परमेश्वर की क्षमता को रेखांकित करता है, बल्कि हमारी आस्था को चुनौती देकर यह बताता है कि भय के बीच भी उसकी ठोस रक्षा संभव है।
मूल उद्धरण से संकेतित विचार: Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डायरेक्ट टिप्पणियों में इस प्रकार के गुण-गुणों का संगम देखने को मिलता है—परमेश्वर की दया, नियोजन और शरण-प्रदत्त सुरक्षा के समन्वय को रेखांकित किया गया है।