नहूम 1:13 बाइबल पद की व्याख्या
नहूम 1:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
क्योंकि अब मैं उसका जूआ तेरी गर्दन पर से उतारकर तोड़ डालूँगा, और तेरा बन्धन फाड़ डालूँगा।”
नहूम 1:13 पद-दर-पद बाइबल टीका
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नहूम 1:13 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यशायाह 10:27 (HINIRV) »
उस समय ऐसा होगा कि उसका बोझ तेरे कंधे पर से और उसका जूआ तेरी गर्दन पर से उठा लिया जाएगा, और अभिषेक के कारण वह जूआ तोड़ डाला जाएगा।”

यशायाह 9:4 (HINIRV) »
क्योंकि तूने उसकी गर्दन पर के भारी जूए और उसके बहँगे के बाँस, उस पर अंधेर करनेवाले की लाठी, इन सभी को ऐसा तोड़ दिया है जैसे मिद्यानियों के दिन में किया था।

भजन संहिता 107:14 (HINIRV) »
उसने उनको अंधियारे और मृत्यु की छाया में से निकाल लिया; और उनके बन्धनों को तोड़ डाला।
नहूम 1:13 – क्रमवार संदर्भ में समझ
पाठ में कहा गया उद्धरण परमेश्वर की दुविधाओं से बचाने की तैयार रहती करुणा के बाद भी न्याय की कठोरता को दर्शाता है। नहूम की किताब में मक्कार शासनों के विरुद्ध परमेश्वर का न्याय आ रहा है, ताकि असत्य और अधर्म को समाप्त किया जाए। इस पद में स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में दुष्ट राजा-प्रभुओं के जुए एक समय पर उठकर नष्ट हो जाएंगे, जिससे ईश्वर के सत्संगत और धर्मी राज्य की स्थापना संभव होगी।
मुख्य अर्थ
यह वाक्य एक दृढ़ क्रियात्मक चेतावनी है कि परमेश्वर अधर्म पर निष्कर्षण और मुक्ति का निर्णायक काम करेगा। किसी की प्रभुत्वशाही का ताबेदार होना तात्कालिक राहत नहीं देता; ईश्वर की योजना में हर बन्धन टूट सकता है यदि व्यक्ति अपनी राह से पलटकर उसी के अनुसार चलते हैं।
दो–तीन प्रमुख विषय
अनुचित बन्धन और उद्धार के प्रमाण
हिनिर्व पाठक के लिए यह स्पष्ट है कि परमेश्वर के फैसले कल्पनाओं नहीं, बल्कि वास्तविकताओं पर टिके हैं। उद्धार के समय में भी दुष्ट सत्ता का तानाशाही जाल टूटता है, और ईश्वर के peuple को स्वतन्त्रता मिलती है।
संबंधित पाठ
उचित cross-references इस प्रकार हैं जिनकी संक्षिप्त व्याख्या नीचे है:
इन संदर्शों से यह स्पष्ट होता है कि न्याय और उद्धार परमेश्वर की स्थिरता है, जिसे धर्मी सामना कर सकता है और जिसने सही पथ छोड़ा नहीं, उसे मुक्तता मिलती है।
व्यावहारिक विचार
नहूम 1:13 से हमें यह सीख मिलती है कि कठिन समय के बीच भी परमेश्वर की कर्तव्यपूर्ति की आशा रखें। दुष्टताओं पर उसका न्याय अवश्य प्रभावी होगा, परन्तु विश्वास और प्रार्थना के साथ हम भी अपनी आत्माओं को मजबूत कर सकते हैं और अन्याय के बीच भी सत्य की गवाही दे सकते हैं।
संक्षिप्त निष्कर्ष
यह वचन संकेत देता है कि प्रभुत्व के दुष्कार्यों को परमेश्वर के हाथों से टलना नहीं पड़ेगा और हर बन्धन अंततः टूट जाएगा। ईश्वर की व्यवस्था में स्वतंत्रता और सत्य की प्रतिष्ठा एक साथ चलता है, जो विश्वासियों के लिए स्थिर आशा बनकर रहती है।
नोट्स (यनत उद्धरण उद्धृत विचार)
मैथ्यू हैनरी, अल्बर्ट बार्न्स एवं एडम क्लार्क के सार्वजनिक-डायरेक्ट टिप्पणियों से प्रेरित सामान्य बौद्धिक संकेत इस प्रकार मिलते हैं: न्याय की प्रबलता और उद्धार की आशा का संयोजन परस्पर समर्थक है।