ओबद्याह 1:19 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

दक्षिण देश के लोग एसाव के पहाड़ के अधिकारी हो जाएँगे, और नीचे के देश के लोग पलिश्तियों के अधिकारी होंगे; और यहूदी, एप्रैम और सामरिय‍ा के देश को अपने भाग में कर लेंगे, और बिन्यामीन गिलाद का अधिकारी होगा।

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ओबद्याह 1:19 पद-दर-पद बाइबल टीका

ओबद्याह 1:19 का व्यवहारिक तत्त्व और भाग-भागीदारी का संदेश

मुख्य interpretive बिंदु: यह वचन दर्शाता है कि परमेश्वर के न्याय-न्या‍य से उत्तर-दक्षिण की सीमाओं के भीतर भी प्रभु की योजना संचालित हो रही है। यहूद-एप्रैम-सामरिया आदि के मिल्जुल भाग-धारणा से उनका भाग्य तय होता है, परन्तु उद्धार का लक्ष्य हर देश के लिए संभव है। इस अभिशप्त स्थिति में भी परमेश्वर के राज्य-निर्माण की धारा चलाई जाती है, ताकि अनुशासन और उद्धार क्रमशः स्पष्ट हो।

कथन-संदर्भ और साहित्यिक सन्देश

ओबद्याह — छोटा Prophetic निबंधक है जिसमें ईश्वर की एकत्व-न्याय के साथ राष्ट्र-युद्ध, राज्य-सीमा और स्वर्गीय विरासत के दृश्य आते हैं। इस Verse में दक्षिण के लोग (एडोम) का उल्लेख आंतरिक सत्ता-तनाव का संकेत है, तथा पलिश्ती देश नीचे के क्षेत्र के प्रमुख बनेंगे—यानी पड़ोसी शक्तियों में सत्ता-संतुलन हिल रहा है। साथ ही यहूदी, एप्रैम और सामरिया के लोग अपने-अपने भागों में बंटेंगे; बिन्यामीन गिलाद का अधिकारी होगा — इस से यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर के न्याय में विभाजन एक उद्देश्य है ताकि सबका स्थान और भूमिका स्पष्ट हो।

धार्मिक-तत्त्व: सिद्धान्त और प्रेरणा

1) न्याय के क्रम में विभाजन: यह न्याय का पाठ है कि परमेश्वर सत्ता-संस्थाओं को विच्छेदित कर के हर प्रदेश के लिए उसकी भूमिका निर्धारित करते हैं। 2) दया और उद्धार की संभावना: भले ही विभाजन हो, परमेश्वर की योजना में उद्धार के मार्ग खुले रहते हैं—यही पूर्व-आगत संदेश है कि यहोवा सभी राष्ट्रों के लिए एक देवता है। 3) सुदृढ़ निष्ठा की पथप्रदर्शकता: बाइबल के अन्य भागों में भी विभाजन के बीच एकता और उद्देश्य स्पष्ट किया गया है—यथा इब्रानियों में यहूदियों के लिए उद्धार की राह और पवित्रता का व्यवहार।

अन्य जीवंत cross-references (संक्षेप)

  • योएल 2:32 — हर देह के लिए उद्धार का अवसर, परमेश्वर की विशालता और न्याय के साथ पाप-प्रायश्चित्त की संभावना।
  • यशायाह 49:6 — द्वैत-राष्ट्रों के लिए यहोवा की उद्धार-योजना; प्रजा-विकास की एकता की चेतावनी भी।
  • रोम 11:26 — इस्राइल की सम्पूर्णता से उद्धार आने की दिशा; विभाजन के पीछे भी ईश्वर की योजना की व्यापकता।

इन संदर्भों में स्पष्ट है कि विभाजन के बीच भी ईश्वर का उद्धार उद्देश्य है—न केवल सत्ता-संतुलन बल्कि हर जीव के लिए पथ और आशा।

आत्म-चिन्ता और प्रश्न

  • हम अपने समाज में किन-किन समूहों के बीच विभाजन देखते हैं, और कैसे परमेश्वर उनकी भूमिका निर्धारित करता है?
  • क्या हमारी व्यक्तिगत आस्थागत यात्रा में विभाजन के समय भी उद्धार की उम्मीद जीवित है?
  • जोश और भरोसा: कठिन समय में कैसे हम प्रभु के न्याय और करुणा के बीच संतुलन बनाते हैं?

संक्षिप्त निष्कर्ष

ओबद्याह 1:19 हमें स्पष्ट करता है कि परमेश्वर सत्ता और भाग-निर्धारण के मामलों में भी शासन करता है। विभाजन के बावजूद उसकी योजना उद्धार और एकता के लिये है—हर प्रदेश, हर समूह के लिए उनके-अपने भाग निर्धारित हैं। यह संदेश आज के पाठ में भी लागू है: सत्य के प्रकाश में रहते हुए हमारे लिए एकत्व और दयार्द्रता को प्रकट करना परमेश्वर के राज्य की नैतिकता है।

सूक्ष्म उद्धरण (जहाँ उपलब्ध हो; पात्र टिप्पणीकारों के अनुसार)

मार्थके हेनरी, अ‍ॅल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क से यदि कोई संक्षिप्त स्पष्ट वाक्य उपलब्ध हों तो उन्हें नीचे उद्धृत किया जा सकता है; यहाँ मौजूदा पाठ में सीधे पूर्ण टेक्स्ट उद्धृत नहीं किया गया है; आवश्यक रूप से छोटे उद्धरण मात्र ही जोड़े जाते हैं:

“समय-समय पर परमेश्वरराज्य विभाजन के भीतर भी अपने उद्देश्य की परतें खोलता है।”

नोट: वास्तविक प्रकाशित टुकड़ों में उनके टिप्पणियों के विशिष्ट वाक्यों के पूर्ण उद्धरण दिये जा सकते हैं; यहाँ संदर्भ के अनुसार केवल संक्षिप्त संकेत दिए गए हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

ओबद्याह 1:19 समानांतर पद और संबंधित वचन

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जिससे वे बचे हुए एदोमियों को वरन् सब जातियों को जो मेरी कहलाती हैं, अपने अधिकार में लें,” यहोवा जो यह काम पूरा करता है, उसकी यही वाणी है। (प्रेरि. 15:16-18)

यिर्मयाह 32:44 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 32:44 (HINIRV) »
और बिन्यामीन के देश में, यरूशलेम के आस-पास, और यहूदा देश के अर्थात् पहाड़ी देश, नीचे के देश और दक्षिण देश के नगरों में लोग गवाह बुलाकर खेत मोल लेंगे, और दस्तावेज में दस्तखत और मुहर करेंगे; क्योंकि मैं उनके दिनों को लौटा ले आऊँगा; यहोवा की यही वाणी है।”

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सपन्याह 2:4 (HINIRV) »
क्योंकि गाज़ा तो निर्जन और अश्कलोन उजाड़ हो जाएगा; अश्दोद के निवासी दिन दुपहरी निकाल दिए जाएँगे, और एक्रोन उखाड़ा जाएगा।

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