Old Testament
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ओबद्याह 1



ओबद्याह 1:21 का परिचय और概要
ओबद्याह का उद्देश्य यहूदा-युवाबाले की सदा रहने वाली प्रतिद्वंद्विता के बीच एक निर्णायक नयी दिशा दिखाना है: प्रभु यातना के समय से मुक्ति के समय तक, उद्धारकर्ता और निर्बल शक्तियों के लिए एक नया स्थान बनते हैं। इस वचन से हमें ईश्वर के न्याय और उद्धार दोनों की योजना की एक स्पष्ट झलक मिलती है: सिय्योन पर उद्धार आयेगा, और यहोवा के राज्य का अधिकार स्थिर होगा।
आयत-विशेष का पाठ
उद्धार करनेवाले एसाव के पहाड़ का न्याय करने के लिये सिय्योन पर्वत पर चढ़ आएँगे, और राज्य यहोवा ही का हो जाएगा। (भज 22:28; जक 1:9 संदर्भ)
वचन का अध्याय-परिप्रेक्ष्य
ओबद्याह की किताब में ईश्वरीय दया और न्याय का संतुलन प्रमुख है। यह किताब यहूदियों के पवित्र इतिहास में एक नयी चेतावनी और आश्वासन लाती है: परमेश्वर अन्याय के विरुद्ध कठोर है, और अंत में उसकी विजय सुसंगत रूप से प्रकाशित होगी। इस आयत में विशेष रूप से दो बड़ी धाराएं दिखती हैं: उद्धारकर्ता का आना और परमेश्वर का कानूनित राज्य।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
मुख्य शिक्षण यह है कि उद्धार करनेवाला प्रभु अपनी सत्ता के साथ आकर न्याय करता है और तब पूरी पृथ्वी पर उनका राज्य स्थापित होता है। यह आसक्ति केवल दुश्मनों के विनाश तक सीमित नहीं है, बल्कि बंधुओं के बीच प्रेम और शांति के युग की घोषणा है—जहाँ यहोवा का शासन स्पष्ट और सर्वव्यापक अधिकार के साथ चलता है।
अन्य प्रचलित टिप्पणीकारों से संकलन
इस आयत पर पारंपरिक टिप्पणीकारों से प्राप्त प्रेरणा इस प्रकार समाहित होती है: यहोवा के राज्य की स्थापना एक ऐसी घटनाक्रम है जिसमें उद्धारकर्ता की क्रिया न सिर्फ अन्याय को समाप्त करती है, बल्कि धरोहरों को भी एकत्रित करती है। मैथ्यू हेनरी और अल्बर्ट बार्न्स के पारंपरिक व्याख्यानों में, उद्धारकर्ता शब्द से होता है कि परमेश्वर अपने लोगों के लिए न्याय करते हैं और उनके साथ निष्ठा निभाते हैं; एडम क्लार्क भी यह दर्शाते हैं कि यह सत्ता का परिवर्तन है जो सारी पृथ्वी पर प्रभु की सत्ता को उद्घोषित करता है। (कोई भी पूर्ण उद्धरण केवल संक्षेप में नीचे दिया गया है)’
मैथ्यू हेनरी से संक्षेप टिप्पणी: “उद्धार करनेवाला” शब्द यह दर्शाता है कि परमेश्वर की करुणा के साथ क्रोध को संतुलित किया गया है; वह सच्चे पर्वत-राज्यहंसी के रूप में आया है।
अल्बर्ट बार्न्स से संक्षेप टिप्पणी: यहोवा का राज्य अन्याय के विरुद्ध न्याय के साथ आता है और यहूदियों के लिए एक स्थाई अधिकार बनेगा।
एडम क्लार्क से संक्षेप टिप्पणी: यह उद्धारकर्ता-आगमन संकेत है जो सिय्योन के ऊपर प्रभुत्व स्थापित करेगा, जिससे राष्ट्र-राज्य का पुनः गठन होगा।
क्रॉस-रेफरेंसेस और उनके सार्थक अर्थ
व्यावहारिक अनुप्रयोग
- अपने जीवन में न्याय और उद्धार के बीच संतुलन बनाएं: दूसरों के साथ दया दिखाएं, पर परमेश्वर के न्याय की प्रतीक्षा करें।
- भरोसा रखें कि परमेश्वर अंततः सत्ता के साथ सारी बुराइयों को सत्यापित करेगा; हमें अपनी निर्भयता और नम्रता बनाए रखनी चाहिए।
छोटी-सी समरी
ओबद्याह 1:21 हमें बताता है कि उद्धारकर्ता और परमेश्वर के राज्य का आगमन समस्त अन्याय से ऊपर है। यह संदेश उपलब्ध कराता है कि प्रभु न्याय के साथ आकर सिय्योन पर अपना राज्य स्थापित करेगा, और उसका शासन सभी राष्ट्रों पर प्रतिष्ठित होगा।