ओबद्याह 1:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

परन्तु चाहे तू उकाब के समान ऊँचा उड़ता हो*, वरन् तारागण के बीच अपना घोंसला बनाए हो, तो भी मैं तुझे वहाँ से नीचे गिराऊँगा, यहोवा की यही वाणी है।

पिछला पद
« ओबद्याह 1:3
अगला पद
ओबद्याह 1:5 »

ओबद्याह 1:4 पद-दर-पद बाइबल टीका

ओबद्याह 1:4 पर व्याख्या का मुख्य बिंदु

यह वाक्य स्पष्ट करता है कि परमेश्वर का निर्णय हर महान परिस्थिति पर प्रभुत्व रखता है। अत्युच्च को भी नीचे गिराने की आवाज़ यहोवा की है; जो वेष्टाओं के ऊपर उड़ते हैं, वे अपने घोंसले चाहे कितनी ऊँचाई पर बनाएं, परमेश्वर उन सबके लिए उसी अंत की योजना बनाते हैं। यह आशा देता है कि ऊँचाइयाँ, चाहे वे कितनी भी मजबूत क्यों न हों, क्रमागत न्याय के सामने निर्बल नहीं रहीं।

साहित्यिक संदर्भ ( literary context )

ओबद्याह छोटी पुस्तक है जो ईदोन की दीवारों के बीच जोश और न्याय की बात करती है। इस संस्कारभरे आशीर्वाद-घेर में परमेश्वर यह दिखाते हैं कि अत्याचार के प्रबल ढांचे भी अंततः उसकी न्याय गवाही के नीचे टिक नहीं सकते। यह उद्धार के संदेश के साथ-साथ न्याय की सख्ती का संदेह नहीं रहने देता। तारा-घोंसलों के द्वारा एक व्यंजन निर्माण नहीं होता; ऊँची उड़ान भी परमेश्वर के नियंत्रण में है।

तीर्थ: theological significance (धार्मिक महत्त्व)

इस पद का मूल विचार—युद्ध-योद्धाओं, शक्तिशाली साम्राज्यों और ऊँचे साम्राज्यों के पीछे भी परमेश्वर की योजना है—संघर्ष के समय भी विश्वासयोग्य रहते हुए यह समझ प्रदान करता है कि प्रभु की सत्ता स्थिर है। यह भयमुक्त भविष्य की आशा देता है कि दुष्टों की बुलंदी परमेश्वर के न्याय के सामने टिक नहीं पाती।

बाइबल के अन्य भागों से सम्बन्ध (Cross-references)

  • यशाय 14:13-15 — मनमाने महिमा-यज्ञ में मूर्तियों की ऊँचाई का भ्रम टूटता है; प्रभु की सत्ता सर्वोपरि है।
  • यहोशू 6:20 — याअल की दीवारें टूटती हैं जब परमेश्वर के लोग उसकी आज्ञा पर चलते हैं; ऊँचाई का भ्रम अंततः आत्म-नियंत्रण से गिर जाता है।
  • नीतिवचन 16:18 — घमंड पतन का मूल कारण है; ऊँचाई की दुष्टता अंततः दंडित होती है।

संवेग: ये संदर्भ दिखाते हैं कि ऊँचाई और घमंड एक ही सिक्के के दो पहलू हैं; परमेश्वर के सामने यह सच है कि जो कुछ भी ऊँचा बनता है, वह न्याय की आँखों से नहीं बच सकता।

मेहनती प्रश्न (Questions for reflection)

  1. क्या मेरी सोच में कोई ऐसा ऊँचाई-भरोसा है जो परमेश्वर के न्याय के स्थान पर टिके रहने लगा हो?
  2. कैसे मैं दुष्टता के भीतर विश्वास बनाए रखकर, परमेश्वर की सत्ता पर निर्भर रह सकता/सकती हूँ?
  3. इस वचन से मुझे अपने जीवन में कौन-सा व्यवहार परिवर्तन करने की प्रेरणा मिलती है?

संक्षिप्त निष्कर्ष

ओबद्याह 1:4 एक स्पष्ट स्मारक देता है कि ऊँचाई चाहे कितनी भी ऊँची क्यों न हो, परमेश्वर की पकड़ से बाहर नहीं है। उकाब की ऊँचाई भी उसकी नियंत्रण के भीतर है और घोंसला बनाते हुए तारा-गणों के बीच; न्याय का दिन आ सकता है, परन्तु उसी दिन से पहले चुनाव, पश्चाताप और भरोसा आवश्यक है। यह वचन हमें न केवल दुष्टों के लिए चेतावनी देता है, बल्कि परमेश्वर के विश्वासयोग्यों के लिए आश्वासन प्रदान करता है कि उसकी योजना कभी रुक नहीं जाती।

पूर्व-प्रसंग और पंक्ति-संग्रह (Quotes from old commentators)

याद किया जा सकता है कि Matthew Henry, Albert Barnes, और Adam Clarke ने निम्न विचार प्रकट किए हैं:

Matthew Henry: "No height is so high that God cannot bring it low, nor so low that God cannot raise it again." (इस अंश की प्रेरक भावना के अनुसार यह अलंकृत नहीं, किंतु सार यही है)

Albert Barnes: यह वाक्य दिखाता है कि परमेश्वर शासन की अंतिम सत्ता में है; महान नेताओं और साम्राज्यों की शक्तियाँ भी उसके नियम के बाहर नहीं।

Adam Clarke: यहाँ यह प्रतीत होता है कि परमेश्वर के न्याय में ऊँचाइयों को नीचे गिराने का अंदेशा प्रतीक है; यह संकेत है कि हर मानवीय अभिमान एक दिन ढह जाएगा।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

ओबद्याह 1:4 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

अय्यूब 20:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
अय्यूब 20:6 (HINIRV) »
चाहे ऐसे मनुष्य का माहात्म्य आकाश तक पहुँच जाए, और उसका सिर बादलों तक पहुँचे,

हबक्कूक 2:9 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
हबक्कूक 2:9 (HINIRV) »
हाय उस पर, जो अपने घर के लिये अन्याय के लाभ का लोभी है ताकि वह अपना घोंसला ऊँचे स्थान में बनाकर विपत्ति से बचे।

यशायाह 14:12 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 14:12 (HINIRV) »
“हे भोर के चमकनेवाले तारे तू कैसे आकाश से गिर पड़ा है? तू जो जाति-जाति को हरा देता था, तू अब कैसे काटकर भूमि पर गिराया गया है? (लूका 10:18, यहे. 28:13-17)

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें