Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
नीतिवचन 1 नीतिवचन 2 नीतिवचन 3 नीतिवचन 4 नीतिवचन 5 नीतिवचन 6 नीतिवचन 7 नीतिवचन 8 नीतिवचन 9 नीतिवचन 10 नीतिवचन 11 नीतिवचन 12 नीतिवचन 13 नीतिवचन 14 नीतिवचन 15 नीतिवचन 16 नीतिवचन 17 नीतिवचन 18 नीतिवचन 19 नीतिवचन 20 नीतिवचन 21 नीतिवचन 22 नीतिवचन 23 नीतिवचन 24 नीतिवचन 25 नीतिवचन 26 नीतिवचन 27 नीतिवचन 28 नीतिवचन 29 नीतिवचन 30 नीतिवचन 31



नीतिवचन 2:22 का सन्निवेशन और व्याख्या
नीतिवचन 2:22 कहता है: “दुष्ट लोग देश में से नाश होंगे, और विश्वासघाती उसमें से उखाड़े जाएँगे।” यह पाठक को एक गहरे नैतिक और आशीषपूर्ण कानून के बारे में बताता है: परमेश्वर की बुद्धिमान मार्गदर्शक व्यवस्था में बुराई का अंत और विश्वासघात का परिणाम स्पष्ट है।
ईश्वर के बारे में प्रेरक संकेत
पवित्र शास्त्र इस बात पर जोर देता है कि परमेश्वर न्यायी हैं और वे दुष्टों के कार्यों को देखते हैं। नीतिवचनें प्रत्येक व्यक्ति के आचरण का परिणाम स्पष्ट रूप से बताती हैं: जो सत्य और ईमानदारी के मार्ग पर चलते हैं, उन्हें सुरक्षा और जीवन मिलते हैं; परन्तु दुष्ट रास्ता क्षय और विनास की ओर ले जाता है। यहाँ नष्टि और उखाड़े जाना एक क्रमबद्ध न्याय का परिणाम है—अर्थात् एक सुरक्षित समाज वहीं बना रहता है जिसमें सत्य, नैतिकता और विश्वासघात से परहेज़ हो।
महत्वपूर्ण शब्दों और विचारों की स्पष्टता
संबद्ध आयतें (क्रॉस-रेफरेंसेज)
इन विचारों में नीचे दी गई कुछ आयतें सहायक संकेत देती हैं:
आज के काल के लिए व्यावहारिक अनुप्रयोग
- सामाजिक जीवन में सत्य और निष्ठा बनाए रखना: रिश्ता-वधों, समझौतों और अनुबंधों के प्रति ईमानदारी ही समुदाय में स्थिरता लाती है।
- अस्थाई लाभ के लिए विश्वासघात से बचना: गुप्त स्वार्थी निर्णय लंबे समय में नुकसान ही देते हैं, इसलिए निर्णय करते समय धर्मी मार्ग का पालन करें।
- शिक्षा और नेतृत्व में नैतिकता: परिवार, चर्च, और समाज के नेता उन आदर्शों को संरक्षित करें जो दुष्टों के नियंत्रण को नहीं बढ़ाते और विश्वासघातर behavior को रोकते हैं।
सार-संयोजन
इस वचन से नव-जीवन का आह्वान है: परमेश्वर के सत्य पर टिके रहने वाले लोग समाज को सुरक्षित और टिकाऊ बनाते हैं; राक्षसी आत्माओं और विश्वासघात के mène पर टिके रहना विनाश को आमंत्रित करता है। विश्वास और नैतिकता की इस संरचना में-दुष्टों के विनाश की आशा एक शिक्षा है कि पथ पर चलना सही है और यह कि विश्वासघात का दंड होगा।
प्रमुख उद्धरण (हेनरी, Barnes, Clarke से संकलित):
माथ्यू हेन्री के अनुसार: “धर्म के मार्ग पर चलने वाले लोगों को परमेश्वर अपने संरक्षण में रखते हैं; अन्यथा दुष्ट अपना ही मार्ग खो बैठते हैं।”
एल्बर्ट बार्न्स के अनुसार: “न्याय के दिव्य कानून में बुराई का अंत होता है; विश्वासघात का पर्दाफाश होकर समाज सत्य की चोट के रूप में घायल होता है।”
एडम क्लार्क के अनुसार: “जो लोग ईमानदारी से नहीं चलते, वे अपने समय में ही नहीं, बल्कि भविष्य में भी अपने फल से कटे जाते हैं।”
कृपया ध्यान दें: ऊपर दिए गए उद्धरण संक्षेप में हैं और पूर्ण ग्रंथ से उद्धृत नहीं हैं।