Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
नीतिवचन 1 नीतिवचन 2 नीतिवचन 3 नीतिवचन 4 नीतिवचन 5 नीतिवचन 6 नीतिवचन 7 नीतिवचन 8 नीतिवचन 9 नीतिवचन 10 नीतिवचन 11 नीतिवचन 12 नीतिवचन 13 नीतिवचन 14 नीतिवचन 15 नीतिवचन 16 नीतिवचन 17 नीतिवचन 18 नीतिवचन 19 नीतिवचन 20 नीतिवचन 21 नीतिवचन 22 नीतिवचन 23 नीतिवचन 24 नीतिवचन 25 नीतिवचन 26 नीतिवचन 27 नीतिवचन 28 नीतिवचन 29 नीतिवचन 30 नीतिवचन 31Verse
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नीतिवचन 22:19 का अर्थ
यह वचन स्पष्ट करता है कि मनुष्य का भरोसा और आश्रय किस पर है। यहाँ कहा गया है: “मैंने आज इसलिए ये बातें तुझको बताई है, कि तेरा भरोसा यहोवा पर हो।” अर्थात् शिक्षक अपनी बातों को प्रेरित कर विदित कर देना चाहते हैं ताकि भक्त का स्थिर विश्वास परमेश्वर में मजबूती पाए और मानव-निर्वाहों पर नहीं टिके।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
नीतिवचन का उद्देश्य जीवन के व्यवहारिक ज्ञान को ईश्वरीय दृष्टिकोण से प्रस्तुत करना है। इस पद में सुधी क्रिया-कार्य और आचरण की दिशा स्पष्ट की गई है—ताकि युवावर्ग भय के बजाय विश्वास से आगे बढ़े। यह शिक्षण सामान्य रूप से परिवार, मित्रता और सामाजिक संपर्कों में वास्तविक भरोसे को स्थापित करने की प्रेरणा देता है।
व्याख्यात्मक विचार
सूझ-बुझ के बिंदु
अन्य बाइबल संदर्भ
1) उत्पत्ति 15:6 के प्रकार में विश्वास के महत्व पर बल मिलता है—विश्वास से ही सब कुछ संभव है।
2) पवित्रस्थल के बारे में विश्वास-जीवन का पाठ देता है कि परमेश्वर की निष्ठा के कारण हमारी राह सुरक्षित रहती है।
3) याकूब 1:5-6 के अनुसार, अगर किसी को ज्ञान चाहिए, तो वह परमेश्वर से नम्रता पूर्वक मांगे, विश्वास के साथ, और शंका से मुक्त।
व्याख्या: ये संदर्भ संकेत देते हैं कि ईश्वर पर पूर्ण विश्वास से निर्णय, धैर्य और नैतिक जीवन का मार्ग प्रशस्त होता है।
चट्टानी और निष्कर्षपूर्ण निष्कर्ष
इस पद की कुंजी है—सत्यापित भरोसा। यदि हमारा हृदय परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं पर केंद्रित रहता है, तो जीवन की विविध परिस्थितियाँ हमें विचलित नहीं कर पातीं। यह विवेकपूर्ण आचरण की दिशा देता है और हमें दिव्य उद्देश्य के साथ आगे बढ़ाता है।
क्रॉस-रेफरेंसेज़ के साथ संक्षिप्त संबंध
– संदर्भ: किसी भी विशिष्ट दायरे में विश्वास बनाम संसार के भरोसे पर विचार करता है; क्रॉस-रेफरेंस में यह दर्शाया गया है कि परमेश्वर पर पूर्ण निर्भरता जीवन-संयम और नैतिक निर्णयों में मार्गदर्शक है।
संक्षिप्त व्यावहारिक निष्कर्ष
अपने निर्णयों में तुरंत लाभ की जगह परमेश्वर की दिशा-निर्देश को प्राथमिकता दें। प्रतिकूल परिस्थितियों में भी उसकी वचन-वाक्यों पर विश्वास बनाए रखें, ताकि आपका जीवन प्रमाणित खरा विश्वास से भरा रहे।
उल्लेखित उद्धरण: का कोई पूरक पाठ Matthew Henry, Albert Barnes, या Adam Clarke से सीधे यहाँ नहीं दिया गया है; यदि आवश्यक हो तो वे सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के विचार अलग से समाहित किए जाएंगे।