Old Testament
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जकर्याह 5:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
मैंने पूछा, “वह क्या है?” उसने कहा? “वह वस्तु जो निकली जा रही है वह एक एपा का नाप है।” और उसने फिर कहा, “सारे देश में लोगों का यही पाप है।”
जकर्याह 5:6 पद-दर-पद बाइबल टीका
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जकर्याह 5:6 समानांतर पद और संबंधित वचन
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आमोस 8:5 (HINIRV) »
जो कहते हो, “नया चाँद कब बीतेगा कि हम अन्न बेच सके? और विश्रामदिन कब बीतेगा, कि हम अन्न के खत्ते खोलकर एपा को छोटा और शेकेल को भारी कर दें, छल के तराजू से धोखा दे,

यहेजकेल 44:10 (HINIRV) »
“परन्तु लेवीय लोग जो उस समय मुझसे दूर हो गए थे, जब इस्राएली लोग मुझे छोड़कर अपनी मूरतों के पीछे भटक गए थे, वे अपने अधर्म का भार उठाएँगे।
जकर्याह 5:6 पर टिप्पणी — एपा के नाप से देश का पाप
मुख्य interpretive बिंदु: यह वाक्य बताता है कि एक चीज़ जो निकलकर आ रही है वह एपा (क़त) नाप है, और यह संकेत करता है कि पूरे देश में लोग पाप के कारण दंड के पात्र हैं। अभिव्यक्ति एक प्रतीकात्मक दৃষ্টি है जिसमें पाप नहीं तोड़ रहा, बल्कि उसका परिणाम समुदाय के भीतर फैल रहा है और न्याय के मानक से दूर रहने पर दंड लाता है।
साहित्यिक प्रसंग ( literary context )
यह भाग जकर्याह के संदेश के भाग के रूप में है जिसमें देवदूत एक प्रतीकात्मक दृश्य देता है। दृश्य में “एपा का नाप” जैसी वस्तु को भाषा-चित्रण के माध्यम से पाप और उसकी व्यापकता के बारे में चेतावनी के साथ जोड़ा गया है। पाठक देखते हैं कि परमेश्वर हरित पथ को नहीं छोड़ता: पाप का फैलना एक सामाजिक-आर्थिक और नैतिक स्थिति है, जिसमें सभी क्षेत्र प्रभावित होते हैं। यह दृश्य दर्शाता है कि पाप व्यक्तियों से भी बढ़कर समाज संस्कृति पर प्रभाव डालता है और उसके परिणाम व्यवस्थित रूप से सामने आते हैं।
थियोलॉजिकल significance (धार्मिक महत्व)
एपा नाप के साथ संकेत कि दंड का मापक और समय-सीमा स्पष्ट है—यह बताता है कि परमेश्वर के पास न्याय और विनाश दोनों के लिए सटीक माप है। जनता के भीतर पाप का मोल बढ़ता है जब उसे सामान्य मान लिया जाए, और यह वह मानसिकता है जो सामाजिक इन्साफ और धार्मिक प्रथाओं को खोखला बनाती है। यह शिक्षा हमें यह समझाती है कि पाप का मूल्यांकन व्यक्तिगत नहीं, बल्कि समुदाय के स्तर पर होता है; परमेश्वर प्रत्येक गलती पर विचार करता है और प्रतिफल निर्धारित करता है।
Cross-references (प्रसंगिक क्रॉस-रेफ़रेंसेस)
इन क्रॉस-रेफ़रेंसेस में संकेत है कि पाप की पकड़ न केवल व्यक्तिगत चाल है, बल्कि समुदाय, सामाजिक व्यवसाय, और धार्मिक परंपराओं तक पहुँचती है, और न्याय के साथ प्रतिक्रिया होती है।
प्रश्न-के लिए विचार (Reflection questions)
व्यावहारिक निष्कर्ष (concise conclusion)
जकरयाह 5:6 के दृश्य से स्पष्ट होता है कि पाप केवल व्यक्तिगत अवरुद्धता नहीं, बल्कि सामाजिक संरचना में गहरे पैठ बनाता है। परमेश्वर के नाप की तरह ही सत्य और न्याय की डिग्री कठोर हो सकती है; परन्तु वही दयालुता भी है जो पथ-भ्रष्ट लोगों को सुधारने का अवसर देती है। सही समय पर सचेत रहने,_पाप के टिकाऊ आकार_को पहचानना और उसे रोकना चरित्कार है।
हेय परिभाषा/Quotes (exact quotes from public-domain commentators, यदि उपलब्ध)
केवल यदि उपलब्ध हों तो उद्धरण: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke से सीधी उद्धरण एकदम संलग्न अनुच्छेद में नहीं जोड़ा गया है; यहाँ उनके सामान्य ध्वनि विचारों को समाहित किया गया है।