1 इतिहास 16:26 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

क्योंकि देश-देश के सब देवता मूर्तियाँ ही हैं; परन्तु यहोवा ही ने स्वर्ग को बनाया है।

पिछला पद
« 1 इतिहास 16:25
अगला पद
1 इतिहास 16:27 »

1 इतिहास 16:26 पद-दर-पद बाइबल टीका

1 इतिहास 16:26 का संदर्भ और उसका अर्थ

परिदृश्य का आरम्भ: दाऊद ने शिल्पी शीलाओं के साथ ग़िनती-गीतों में यहूदा को धन्यवाद दिया और आराधना-स्थलों के बीच यहोवा के महिमामय नाम को स्मरण किया। यहां 16:26 में कहा गया है कि “देश-देश के सब देवता मूर्तियाँ ही हैं; परन्तु यहोवा ही ने स्वर्ग को बनाया है।” यह उद्घोष उस समय के अड़ोस-पड़ोस के देव-प्रतिमाओं के बीच एक स्पष्ट धार देता है: जो लोग प्रकृति-देवताओं को मानते हैं, वे मानव-निर्मित मूर्तियों की परवाह करते हैं, परन्तु जो यहोवा परमेश्वर की आराधना करते हैं, वही सर्व-उच्च सत्ता की निर्माता-स्वामित्व को मानते हैं।

ईश्वर के बारे में पाठ से जो स्पष्ट होता है

  • ईश्वर एक वास्तविक सृष्टिकार हैं—स्वर्ग और पृथ्वी के रचयिता।
  • मूर्तियाँ मनुष्य की造 की हुई और सीमित हैं; यहोवा सर्वज्ञ, सर्वशक्तिमान और अनंत हैं।
  • धार्मिक चयन का यह पाठ स्पष्ट परिचय देता है कि सच्ची आराधना केवल वही भगवान में है जो सृष्टि को बनाते और शासित करते हैं, न कि पृथ्वी पर बने अविनाशी पदार्थों में।

की-वर्ड्स और चित्रणों की स्पष्टता

“देश-देश के सब देवता मूर्तियाँ ही हैं”—यह यहाँ एक स्पष्ट विरोधाभास प्रस्तुत करता है: मनुष्यों ने जो देवता बनाये हैं वे सीमित, प्रक्रिया-निर्भर और ध्वनि-समर्थन से संचालित होते हैं; जबकि “यहोवा ही ने स्वर्ग को बनाया है”—स्वर्ग-भव्यता, बड़प्पन और चिरस्थायिता का प्रमाण है। यह विभेद यह दिखाता है कि ईश्वर का स्वरूप और अधिकार केवल एक परमेश्वर के पास है, न कि किसी मानव-निर्मित मूर्ति के भीतर।

अन्य सम्बद्ध पाठ

— प्रेरितों के गूंज की पंक्तियाँ दिखाती हैं कि कौन-सा देव-विश्वास स्थिर है: देवताओं के प्रति पूजा असली जीवन के रूप में नहीं देखी जाती; बल्कि यहोवा की महिमा ही साक्षात अस्तित्व है (उद्धरण: समझाने योग्य संदर्भ, जैसे स्तुतियाँ 96 और 104)।

— अन्य स्रोतों में यह संकेत मिलता है कि परमेश्वर सृष्टिकर्ता हैं, और मानव-निर्मित देवताओं की प्रतिष्ठा हीन है; यह विचार 2 पतरस और इब्रानी के प्रेरक तत्त्वों से भी समन्वय में है।

आधुनिक अनुप्रयोग

इस वाक्य से प्रेरित होकर एक पाठक अपने जीवन की प्राथमिकताओं को जांच सकता है: कहाँ हम “मूर्ति-सम्पादन” या आधुनिक आकर्षणों को अधिक महत्त्व देते हैं और कहाँ एक सच्चे सृष्टिकर्ता-ईश्वर का सम्मान प्रमुख रहता है? विश्वास में ईश्वर की सर्वोच्चता को स्मरण रखना और संसार के देव-लोकों के मोह से बचना एक आज के सजीव धर्म-विवेक का हिस्सा है।

संक्षिप्त निष्कर्ष

यहोवा ने स्वर्ग को बनाया है—यह बोध हमें यह सिखाता है कि संसार का केंद्र, दिशा और उद्देश्य केवल वही परमेश्वर है। मूर्तियाँ सीमित मानवीय कल्पनाओं के प्रतिनिधित्व मात्र हैं, जबकि वास्तविक जीवन और अस्तित्व ईश्वर के अधिकार में है।

क्रॉस-रेफरेंस (संक्षिप्त)

यहेजकेल/आत्मा की स्तुति में ईश्वर की महिमा के साथ सृष्टि-रचना का वर्णन; प्रेरित-पत्रों में देव-देवताओं के विरुद्ध विश्वास की शुद्धता की चर्चा; स्वर्ग और पृथ्वी के रचयिता के विषय में अन्य शास्त्रों के संकेत।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 इतिहास 16:26 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

लैव्यव्यवस्था 19:4 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
लैव्यव्यवस्था 19:4 (HINIRV) »
तुम मूरतों की ओर न फिरना, और देवताओं की प्रतिमाएँ ढालकर न बना लेना; मैं तुम्हारा परमेश्‍वर यहोवा हूँ।

भजन संहिता 102:25 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 102:25 (HINIRV) »
आदि में तूने पृथ्वी की नींव डाली, और आकाश तेरे हाथों का बनाया हुआ है।

यशायाह 44:24 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 44:24 (HINIRV) »
यहोवा, तेरा उद्धारकर्ता, जो तुझे गर्भ ही से बनाता आया है, यह कहता है, “मैं यहोवा ही सब का बनानेवाला हूँ जिसने अकेले ही आकाश को ताना और पृथ्वी को अपनी ही शक्ति से फैलाया है।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें