Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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अर्थ का सीधा कथन
इस पद का सार यह है कि परमेश्वर के अभिषिक्त (राजाओं और नेताओं) और उनकेProphets की रक्षा हमारी जिम्मेदारी है; उन्हें नुकसान पहुँचाने से बचना चाहिए, क्योंकि वे परमेश्वर की नियुक्ति के माध्यम से अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं।
संदर्भ-पृष्ठभूमि
यह पद 1 इतिहास (2 सम्वत) की एक क्रमानुसार वाणी है जहाँ दाऊद और ישראל के राज्यकाल की घटनाओं में परमेश्वर को मान रखने की बात स्पष्ट है। अभिषिक्त से तात्पर्य राजा और नबी दोनों से है—जो परमेश्वर की योजना में विशिष्ट भूमिका निभाते हैं। संदर्भ में यह शास्त्र उद्धृत है ताकि यह स्पष्ट हो कि समाज में सत्ता-व्यवस्था के समय भी ईश्वर के प्रतिनिधियों के प्रति सम्मान और सुरक्षा की नीति आवश्यक है।
व्याख्या के प्रमुख बिंदु
संकेतित थीम
अनुसंधान-सम्बन्धी पद
यहाँ तीन संबद्ध पद हैं जो पाठ के साथ मानसिक संबंध बनाते हैं:
पूर्वार्द्ध से सीख
1 इतिहास 16:22 में यह स्पष्ट हो जाता है कि भरोसेमंद नेता और परमेश्वर की नियुक्तियाँ ही समाज की सुरक्षा और स्थिरता का आधार हैं। उनके प्रति अवमानना या नुकसान करना अंततः परमेश्वर के काम में बाधक हो सकता है।
मूल्यवान क्रॉस-रेफरेंसे
1) पुराने नियम में अभिषिक्त और नबी के प्रति सम्मान का समान्य नियम—समुदाय के लिए समान सुरक्षा का संदेश देता है।
2) कुछ अन्य इतिहास-ग्रंथों के संदर्भ जो शांति、न्याय और नेतृत्व की मर्यादा दिखाते हैं।
3) देखभाल और संरक्षण के विषय पर नीतिगत पाठ जिन्हें समाज में लागू किया जा सकता है।
संक्षिप्त व्यावहारीय निष्कर्ष
जो लोग सत्ता-नियंत्रण में रहते हैं, उन्हें परमेश्वर के प्रतिनिधियों का सम्मान बनाए रखना चाहिए। साथ ही, समुदाय के सदस्य के रूप में हमें निर्दोष जीवन और सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने चाहिए ताकि परमेश्वर की योजना-सिद्धि बनी रहे।
गंभीर उद्धरण (जहाँ उपलब्ध है):
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के उपलब्ध संकेतिक छोटे उद्धरणों के अनुसार, अभिषिक्तों के प्रति सम्मान और नबी-प्रतिनिधियों के संरक्षण का विचार उनकी टिप्पणियों में स्थापित है; यह पाठ सीधे उनकी टिप्पणी-रेखा से प्रेरित है।