Old Testament
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पहचान और संदर्भ: 1 इतिहास 17:13 (HINIRV)
यह पदेश्य दाऊद के पिता-राजसी दायित्व और परमेश्वर की अनंत करुणा के बीच एक गहरे संबन्ध की बात करता है। परमेश्वर अपने वादों के अनुसार राजा के लिए स्थायित्व और सुरक्षा का वचन देते हैं, ताकि वह परमेश्वर के उद्देश्य को पूरा कर सके। इस अध्याय में ईश्वर अपने मनसेवक के साथ निकट सम्बन्ध बनाए रखने के लिए एक माँग और आश्वासन दोनों देते हैं—ताकि दाऊद और उसका घर ईश्वर की योजनाओं के केन्द्र में रहें।
पद का पाठ और अध्याय का संदर्भ
पद कहता है: “मैं उसका पिता ठहरूँगा और वह मेरा पुत्र ठहरेगा; और जैसे मैंने अपनी करुणा उस पर से जो तुझ से पहले था हटाई, वैसे मैं उस पर से न हटाऊँगा,” (2 शमू 7:14 के संदर्भ में 1 इतिहास 17:13 का संगत संदर्भ है)। यह संवाद वही पवित्र आश्वासन है जो दाऊद के घर और मगन-शासन के लिए ईश्वर की स्थिरता का प्रतीक बनता है।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
‑ परमेश्वर अपने चयनित शासक के लिये एक पिता-सरंक्षण का रिश्ता स्थापित करते हैं। यह रिश्ते मात्र सत्ता के सुख के लिए नहीं, बल्कि दाऊद और उसके वंश के लिए ईश्वर के शास्त्र और वचनों के अनुरूप आशीषों की नियुक्ति है।
‑ करुणा और न हटाने का वचन एक सतत् भरोसा देता है: चाहे परिस्थिति कैसी भी हो, ईश्वर अपने दायित्व और प्रतिज्ञा की रक्षा करते हैं। यह शांति और स्थिरता का आधार है।
अन्य बाइबल पदों से तुलना
• 2 समू 7:14— परमेश्वर का यह पिता-सा संबंध सीधे नातीय राजवंश के लिए आशीषों का संकेत है; पुत्र के रूप में दाऊद, और आशीष का भरोसा।
• 2 समू 23:5— देव का वचन दरअसल स्थिर है, जैसे कि करुणा और शांति की राजकीय व्यवस्था।
• 2 इतिहास 6:18— परमेश्वर का निवास और युगों-युगों की पवित्रता के साथ गहरा संबंध स्थापित रहता है।
संकेत स्पष्ट है: परमेश्वर एक विश्वसनीय साथी और संरक्षक हैं, जो अपने वचन के अनुसार अपने चयनित कलाकार के साथ निकट संबंध बनाए रखते हैं।
व्यावहारिक आवेदन
क्रॉस-रेफरेंसेस (संयुक्त-संदर्भ) और उनके प्रभाव
– 2 समू 7:14: परमेश्वर का पिता-सा रिश्ता और पुत्र-सत्ता का आश्वासन; दाऊद के घर के लिए व्यक्तिगत दृष्टि।
– 2 इतिहास 6:18: परमेश्वर का निवास और स्थिरता का संदेश; शास्त्र-उद्योग में ईश्वर की-अस्तित्व-यथार्थता।
– 2 समू 23:5: करुणा के साथ राज-स्थिरता का वादा, जो परमेश्वर के चरित्र को दर्शाता है।
संक्षेप
1 इतिहास 17:13 में ईश्वर अपने चयनित राजा दाऊद के प्रति एक पिता-सा सम्बंध और अटूट करुणा का वादा दोहराते हैं। यह वचन न सिर्फ प्रभु की सत्ता का प्रमाण है, बल्कि उसकी करुणा और स्थिरता का भी प्रतीक है। जब दाऊद या उसका वंश परमेश्वर के मार्ग पर चलते रहे, ईश्वर ने उन्हें सुरक्षा और आशीष दी।
उद्धृत उद्धरण (यदि चाहिए): Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के शब्द-कोट अपने-अपने संदर्भ में बताने योग्य हैं; किन्तु मौलिक पंक्ति का पूर्ण उद्धृत हिस्सा साइट पर सीधे उद्धृत करने से बचना उचित है। नीचे कहा गया है कि किस पद से सम्बद्ध है:
“मैं उसका पिता ठहरूँगा और वह मेरा पुत्र ठहरेगा; और जैसे मैंने अपनी करुणा उस पर से जो तुझ से पहले था हटाई, वैसे मैं उस पर से न हटाऊँगा।”