Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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अर्थ-सार
यह पाठ कहता है कि दाऊद अपने परमेश्वर के सामने खुद को छोटा समझता है, क्योंकि उसे दीर्घकालीन योजनाओं में परिवार और राज्य के बारे में भविष्यवाणी सुनाई दी है। फिर भी वह परमेश्वर के महत्व और दया को याद रखता है, जो उसे ऊँचे पद पर पहुँचा सकता है।
सं contextual background
यह इतिहास-पुस्तक (1 इतिहास) में दाऊद के समकालीन समय की घटना है—जब ईश्वर ने दाऊद को अपने घराने के बारे में करोड़ों वर्षों तक की योजना स्पष्ट की। दाऊद ने अपनी दास-स्थापित स्थिति को स्वीकार करते हुए कहा कि यह बात उसके लिए एक सुंदर, पर बड़ी जिम्मेदारी वाला आशीर्वाद है, न कि उसकी व्यक्तिगत महिमा। यह दृश्य दिखाता है कि परमेश्वर किस प्रकार व्यक्ति की विनीतता और विश्वास को देखते हैं, और उसी के अनुसार उसे महिमा और जिम्मेदारियाँ देते हैं।
interpretive observations
शब्द-चिन्ह एवं थीम
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप में) और उनका सार
- 2 समुolder: दाऊद का नेतृत्व और परमेश्वर की योजना की गूढ़ता एक जैसी दृष्टि में है—ईश्वर का उद्देश्य समय के पार है।
- 1 समुolder 16:7-36: परमेश्वर के सामने कर्तव्य और आभार की अभिव्यक्ति, जहाँ राजा की भूमिका ईश्वर के नाम के लिए है।
- पवित्रशास्त्र के अन्य हिस्सों में भी विनम्रता और महिमा का संतुलन बार-बार उभरता है; यह दिखाता है कि परमेश्वर श्रेष्ठता देता है जब मनुष्य विनम्र रहते हैं।
संक्षिप्त practical takeaway
हम भी अपने जीवन में ऐसी नम्रता रखें कि परमेश्वर की दी हुई बुलाहट और महिमा दोनो साथ-साथ चलें। किसी भी उपलब्धि को केवल अपनी श्रम-शक्ति की ਕृत समझने की बजाय, उसे परमेश्वर की योजना का भाग मानना सीखें।
टिप्पणी सहित उद्धरण (अगर उपयोग हो)
जहाँ आवश्यक हो, नीचे के प्रकाशन-योग्य टिप्पणीकारों के विचार संक्षेप में सम्मिलित किए गए हैं; लक्षित उद्धरण केवल संगीत के लिए हैं:
Matthew Henry (सार): “God, who heights the humble, will not despise the lowly.”
Albert Barnes (सार): “To be esteemed of God is to be raised by Him; true greatness is yielded by humility.”
Adam Clarke (सार): “The Lord’s purposes extend beyond our immediate view; faith must cling to his eternal plan.”
नोट: ऊपर उद्धरण केवल संकल्पना-उद्धरण के रूप में दिए गए हैं; यदि उपलब्ध हों, तो पूर्ण स्रोत के साथ पाठ में उद्धृत करें।