1 इतिहास 17:16 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब दाऊद राजा भीतर जाकर यहोवा के सम्मुख बैठा, और कहने लगा, “हे यहोवा परमेश्‍वर! मैं क्या हूँ? और मेरा घराना क्या है? कि तूने मुझे यहाँ तक पहुँचाया है?

पिछला पद
« 1 इतिहास 17:15
अगला पद
1 इतिहास 17:17 »

1 इतिहास 17:16 पद-दर-पद बाइबल टीका

पहला इतिहास 17:16 — दाऊद की दाखिल-उपासना और ईश्वर के सामने आत्म-स्वीकृति

यह वाक्य दाऊद के भवन-योजना के कुछ पलों के बाद का है। परमेश्वर ने दाऊद के दिल को सुनकर यह कहा कि उसका घराने को भी आशीष देगा, और तब दाऊद राजा भीतर जाकर यहोवा के सम्मुख बैठा, और प्रभु से अपने आप पर, अपने घर पर और भविष्य पर प्रश्न करता है। यह दृश्य यह दर्शाता है कि सत्ता और शक्ति के बीच भी एक नम्र, आत्म-समर्पित प्रतिक्रिया आवश्यक है।

ईश्वर और विश्वास के बारे में पाठ से मिली शिक्षा

इस वाक्य से स्पष्ट होता है कि दाऊद ने अपनी महानता के बावजूद ईश्वर के सामने विनम्रता दिखाई। वह अपने अभिमान नहीं न ढालता, बल्कि परमेश्वर के आशीर्वाद के लिए आकांक्षा और कर्तव्य-धारणा दोनों में सचेत रहता है। इससे स्पष्ट होता है कि विश्वास में प्रभावी आशीष वही है जो ईश्वर के कार्यों के प्रति कृतज्ञता और निष्ठा बनाए रखे।

महत्वपूर्ण शब्दों/छवियाँ

  • टकराव और संकल्प: दाऊद का “मैं क्या हूँ?” शब्द उसके विनम्र आत्म-आलोचनात्मक स्थिति को रेखांकित करता है।
  • घराना/वंश/वंशावली: यह न केवल राजसी विरासत है, बल्कि परमेश्वर के उद्देश्य की पूर्ति के लिए दाऊद के परिवार का दायित्व भी है।
  • सम्मुख बैठना: ईश्वर के सामने व्यक्तिगत प्रार्थना और आत्म-समर्पण का प्रतीक है, जहाँ व्यक्ति खुद के मूल्य और योजना से ऊपर परमेश्वर की योजना को मानता है।

अन्य सन्दर्भ और उनके संकेत

यह दृश्य नीतिशास्त्र में आशीष, वचन-आस्था और ईश्वर की योजना के अनुरूप जीवन की देह-व्यवस्था को दर्शाने के तौर पर निकट अन्य ग्रंथों से जुड़ता है:

  • राजाओं के व्रत-स्वीकृति के प्रसंग (उदा. दाऊद की आशीष-योजना) — यह दिखाता है कि परमेश्वर अपने चुने हुए के साथ निष्ठा और विनम्रता खोजता है।
  • आत्म-स्वीकृति और दायित्व की भावना — जहाँ प्रभु के सामने अपने जीवन और परिवार के उद्देश्य को पुनः-पुष्ट किया जाता है।
  • वचन-सम्मुखता और विनम्रता का आशीर्वाद — परमेश्वर ऐसे मन को स्वीकारता है जो अपनी कमी स्वीकार कर परमेश्वर के निर्देशन में चलता है।

जीवन-प्रयोग

आज के विश्वासियों के लिए यह पाठ एक स्पष्ट नज़रिया देता है: सफलता के बीच भी परमेश्वर की दिशा के अनुसार ही आंतरिक मूल्यांकन और प्रार्थना करनी चाहिए। जब हम अपने ordination, परिवार, और समाज के दायित्वों के बारे में विचार करते हैं, तो हमें विनम्रता के साथ यह पूछना चाहिए: क्या मेरी योजना परमेश्वर की महानता के अनुरूप है? क्या मैं अपने स्वप्नों और लक्ष्य को परमेश्वर के उद्देश्य के अनुसार ढालता/ढालती हूं?

क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षिप्त संदर्भ)

  • 2 सामुएल 7:18-22 — दाऊद का प्रभु के प्रति विनम्रता और उसके वचनों के अनुरूप आशीष का संकेत।
  • भजन 131 — श्रृंखला-मैत्री और विनम्रता की आत्मा; आत्म-समर्पण का अनुभव।
  • उत्पत्ति 12:1-3 — परमेश्वर के बुलावे और वंश के उद्देश्य के प्रति आस्था का आरम्भ और धारण; विश्वास की मार्गदर्शक योजना।

कथन-संक्षेप (उद्धृत उद्धरण नहीं): Matthew Henry, Albert Barnes, और Adam Clarke के टिप्पणी-धारों में यह विचार मिलता है कि दाऊद की यह प्रार्थना ईश्वर के साथ एक सार्वजनिक-व्यक्तिगत समर्पण का उदाहरण है, जहाँ स्वार्थ और महानता के बीच परमेश्वर की महत्ता सर्वोपरि रहती है। exact quotes are not provided here, but the spirit reflects their emphasis on humility before God and the divine purpose that surpasses human schemes.

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 इतिहास 17:16 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

2 शमूएल 7:18 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 शमूएल 7:18 (HINIRV) »
तब दाऊद राजा भीतर जाकर यहोवा के सम्मुख बैठा, और कहने लगा, “हे प्रभु यहोवा, क्या कहूँ, और मेरा घराना क्या है, कि तूने मुझे यहाँ तक पहुँचा दिया है?

उत्पत्ति 32:10 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 32:10 (HINIRV) »
तूने जो-जो काम अपनी करुणा और सच्चाई से अपने दास के साथ किए हैं, कि मैं जो अपनी छड़ी ही लेकर इस यरदन नदी के पार उतर आया, और अब मेरे दो दल हो गए हैं, तेरे ऐसे-ऐसे कामों में से मैं एक के भी योग्य तो नहीं हूँ।

1 शमूएल 7:12 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 7:12 (HINIRV) »
तब शमूएल ने एक पत्थर लेकर मिस्पा और शेन के बीच में खड़ा किया, और यह कहकर उसका नाम एबेनेजेर रखा, “यहाँ तक यहोवा ने हमारी सहायता की है।”

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें