1 इतिहास 17:23 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

इसलिए, अब हे यहोवा, तूने जो वचन अपने दास के और उसके घराने के विषय दिया है, वह सदैव अटल रहे, और अपने वचन के अनुसार ही कर।

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1 इतिहास 17:23 पद-दर-पद बाइबल टीका

परिस्थिति और संदर्भ (1 इतिहास 17:23)

यह संदेश दाऊद द्वारा यहोवा की वचनों के सामने एक गहरी आस्था और उद्धार के प्रति दृढ़ विश्वास की अभिव्यक्ति है। यहाँ दाऊद स्पष्ट करता है कि परमेश्वर ने अपने दास और उनके परिवार के लिए जो वचन दिया है, वह अटल रहेगा। यह वचन-आधारितता ईश्वर की प्रकृति के अनुरूप है: वह जिसने भरोसे के साथ वचनों को निभाने का वायदा किया है, वही उनका पालन करता है।

ईश्वर पर विश्वास और वचन की पवित्रता

इस पाठ के अनुसार, ईश्वर का वचन स्थिर है और वही विश्वासयोग्य है जो अपने दास के घराने से जुड़े वादों को पूरा करेगा। यह सिर्फ इतिहास की घटनाओं की स्मारक नहीं है, बल्कि एक धार्मिक संवाद है जो यह रेखांकित करती है कि विश्वास तब मजबूत होता है जब हम ईश्वर के वचन के अनुसार जीते हैं।

महत्वपूर्ण शब्द और चित्र

  • वचन— ईश्वर का आत्म-प्रकटीकरण और उसकी योजनाओं का प्रमाण, जिसे वह निभाता है।
  • अटल— स्थिर, क्षीण न होने वाला; ईश्वर के वचन में किसी प्रकार की अस्थिरता नहीं है।
  • घराना— दाऊद के वंश के साथ-साथ आध्यात्मिक परिवार जो ईश्वर के वचन के अनुरूप चलता है।

अनुसंगत पूर्ववर्ती पाठ

जोधपुरी रामायण-सा नहीं, परन्तु 2 इतिहास 6:15 में उल्लेख है कि पवित्र वचन के अनुरूप रहने की प्रतिज्ञा परमेश्वर के निर्णयों को पुष्ट करती है। साथ ही भजन-सार 119:89-90 में वचन अनंत और स्थिर रहने की पुष्टि है।

2-3 क्रॉस-रेफरेंस (संक्षिप्त) और उनका संबंध

  • भजन 119:89— “यहोवा! तेरे आदेश सदाके लिए आकाश तक स्थिर हैं; तेरी वचन संसार के अंत तक टिके रहते हैं।” यह पुष्टि करता है कि वचन की स्थिरता ईश्वर के पवित्रता के साथ जुड़ी है।
  • यशायाह 55:11— “वैसा ही होगा जो मेरे मुँह से निकलकर जाएगा; वह लौटकर खाली नहीं जाएगा।” यह दर्शाता है कि ईश्वर के वचन कभी निष्फल नहीं जाते।
  • 2 कुरिन्थ 1:20— “क्योंकि परमेश्वर के लिए सभी वचन तब और हाँ होते हैं।” यह विश्वास देता है कि दाऊद के समय से आधुनिक जीवन तक वचन के पालन की गारंटी निर्मल है।

आधुनिक अनुप्रयोग

आज के विश्वासियों के लिए यह पाठ एक प्रेरणा है कि चीजें चाहे कैसी भी प्रतीत हों, ईश्वर के वचन अचल होते हैं। कठिन समय में भी हम उसी वचन पर टिकें जिसे उसने हमारे लिए स्पष्ट किया है— यह हमारे परिवारों के लिए आशा बनता है, और हमारी प्रार्थनाओं में स्थायित्व लाता है।

संक्षिप्त एकीकृत निष्कर्ष

यह पद हमें याद दिलाता है कि ईश्वर के वचन की अटलता और उसके दास के घराने के लिए उसकी वचन-प्रेरित योजना, दोनों एक दूसरे से सहायक हैं। विश्वास तब मजबूत होता है जब हम वचन के अनुसार चलते हैं, यह वचन-आधारित जीवन ईश्वर की सच्चाई की पुष्टि है, और समाज में ईश्वर की कृपा की स्थिरता प्रदर्शित करता है।

नोट: अगर आवश्यक हो, मैं Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के छोटे-छोटे उद्धरणों का संदर्भ दे सकता हूँ—केवल स्वीकृत और सार्वजनिक-डायरेक्ट टेक्स्ट से।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 इतिहास 17:23 समानांतर पद और संबंधित वचन

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