Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
1 इतिहास 1 1 इतिहास 2 1 इतिहास 3 1 इतिहास 4 1 इतिहास 5 1 इतिहास 6 1 इतिहास 7 1 इतिहास 8 1 इतिहास 9 1 इतिहास 10 1 इतिहास 11 1 इतिहास 12 1 इतिहास 13 1 इतिहास 14 1 इतिहास 15 1 इतिहास 16 1 इतिहास 17 1 इतिहास 18 1 इतिहास 19 1 इतिहास 20 1 इतिहास 21 1 इतिहास 22 1 इतिहास 23 1 इतिहास 24 1 इतिहास 25 1 इतिहास 26 1 इतिहास 27 1 इतिहास 28 1 इतिहास 29Verse
1 इतिहास 17:1 1 इतिहास 17:2 1 इतिहास 17:3 1 इतिहास 17:4 1 इतिहास 17:5 1 इतिहास 17:6 1 इतिहास 17:7 1 इतिहास 17:8 1 इतिहास 17:9 1 इतिहास 17:10 1 इतिहास 17:11 1 इतिहास 17:12 1 इतिहास 17:13 1 इतिहास 17:14 1 इतिहास 17:15 1 इतिहास 17:16 1 इतिहास 17:17 1 इतिहास 17:18 1 इतिहास 17:19 1 इतिहास 17:20 1 इतिहास 17:21 1 इतिहास 17:22 1 इतिहास 17:23 1 इतिहास 17:24 1 इतिहास 17:25 1 इतिहास 17:26 1 इतिहास 17:27



पद का संदर्भ और स्थिति
यह पाठ 1 इतिहास 17:20 का है जब दाऊद ने अपने समय के प्रभु के सामने अपनी प्रार्थना दोहराई और यहोवा के महान कार्यों को स्मरण किया। संदर्भ है जब दाऊद ने यहोवा से अपने निवास स्थान, आदर्श और राज्य के निमित्त सहायता माँगी और यहोवा में अटूट विश्वास दर्शाया।
पद का उद्देश्य और ईश्वर के प्रति विश्वास
यहा दिखता है कि दाऊद के मन में ईश्वर की एक अद्वितीय उपस्थिती है: ऐसा परमेश्वर जो वहिश्वास, करुणा और चमत्कारों के कारण अत्यंत ऊँचा है। उसकी तानि, गूढ़ सत्ता और कृपा से भरी हुई है। दाऊद अपने शब्दों में कहता है कि तेरे तुल्य कोई नहीं और न तुझे छोड़ और कोई परमेश्वर है। यह न केवल ईश्वर की एकाधिकताओं को स्वीकारना है, बल्कि यह भी कि ईश्वर एकमात्र निर्भर अधिकारी है जो सभी घटनाओं का स्रोत है।
प्रमुख शब्दों और चित्रण की स्पष्टता
तुल्य के अभिप्राय में दाऊद यह बताता है कि यहोवा से बड़ा और किसी पर भी नहीं है—उसकी महिमा, सत्ता और वचन अटल हैं। न छोड़ शब्द से संकेत मिलता है कि ईश्वर की निष्ठा और संरक्षण नहीं रुकता; वह अपने लोगों के साथ बना रहता है। यह पाठ एक विश्वास की प्रतिज्ञा है कि परमेश्वर स्वयं इतिहास से बाहर नहीं है, बल्कि हर परिस्थिति में सहायता के लिए उपस्थित है।
अन्य संबंधित संदर्भ
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि भगवान के विरुद्ध कोई दूसरा नहीं है और उसकी कृपा विश्वव्यापी है।
आधुनिक समय के लिए अनुप्रयोग
आज के विश्वासियों के लिए यह पाठ एक चारित्रिक ध्वनि देता है: कठिन समय में भी ईश्वर की महिमा पर अटल भरोसा। जब परिस्थितियाँ उलटी लगें, तब भी हम यह मान लें कि परमेश्वर के समान कोई नहीं है—उसके कार्य और वचन अपरिवर्तनीय हैं। जीवन के निर्णयों में, चाहे आर्थिक कठिनाई हो, स्वास्थ्य परीक्षण हो या व्यक्तिगत संघर्ष, यहोवा में विश्वास हमें स्थिरता देता है।
संक्षिप्त एकीकृत निष्कर्ष
1 इतिहास 17:20 में दाऊद का आश्वासन हमारे लिए यह है कि समस्त ब्रह्मांड में एक ही परमेश्वर अत्यंत महान और अद्वितीय है, जो हमारी रक्षा करता है और हमारे साथ है। यह विश्वास हमारे जीवन के हर क्षेत्र में ईश्वर के अनन्य राज और उसकी करुणा की स्मृति बनाता है।