Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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1 इतिहास 17:7 का संदर्भ और प्रवेश
इस पद में नबूत्ता के पूर्वव्यापी प्रसंग से पहले जो हुआ, उसका परिचय मिलता है—यहोवा ने दाऊद के लिए एक महान योजना निर्धारित की थी: दाऊद का चयन एक चरवाहे के सामान्य जीवन से होकर आया, ताकि परमेश्वर की शक्ति उसकी प्रेरणा बन सके और इस्राएल का राज्य उसके हाथों में एक दृढ़ नेतृत्व बने। यहाँ परमेश्वर अपनी योजना के अनुसार दाऊद को बुलाते हैं, ताकि वह इस्राएल की प्रजा का प्रधान बने। यह चयन भेड़-पालन के सरल जीवन से उठकर हुआ है; यह संदेश देता है कि परमेश्वर लोगों की परिस्थितियों या सामाजिक स्थिति से नहीं, बल्कि उनके हृदय की निष्ठा और उसके द्वारा किए जाने वाले वचन के अनुसार चुनते हैं।
केंद्रीय अर्थ
यह verse यह स्पष्ट करता है कि परमेश्वर दाऊद को किस उद्देश्य से बुलाते हैं: न कि दाऊद की व्यक्तिगत महिमा के लिए, बल्कि उसे इस्राएल की रिंगनीति, दर्शन और सुरक्षा के प्रधान के रूप में स्थापित करना। भेड़-बकरियों के पीछे-पीछे चलना सामान्य जीवन है, परन्तु उसी साधारण जीवन से परमेश्वर अपने महान कामों की शुरुआत करते हैं। इसे उन लोगों के लिए प्रेरणा माना जा सकता है जो मानते हैं कि स्वयं की योग्यता या महत्त्व से नहीं, बल्कि परमेश्वर की इच्छा से बड़ा कारनामा संभव होता है।
तीन प्रमुख विषय
अन्य आयाम और क्रॉस-रेफरेंसे
ध्यान दें कि अन्य आयतें जिनमें ईश्वर राजा चुनते हैं और मनुष्य की योग्यता के बाहर सत्ता का चयन होता है, वे इस दृष्टिकोण को समर्थ बनाते हैं: उदाहरणार्थ 1 समुवेल 16 (ईश्वरीय चयन किसी बाहरी च_AV) और 2 समुवेल 7 (खुली घोषणा कि राजा की रेखा दाऊद के वंश से होगी)। इन संदर्भों से यह सिद्ध होता है कि परमेश्वर किस तरह से मनुष्यों की दृष्टि से कमजोर से शक्तिशाली परिवर्तन का काम करते हैं, वह भी समय के साथ साफ़ हो जाता है।
छोटे क्रॉस-रेफरेंसे:
व्यावहारिक विचार
अपने आप में एक संदेश है: यदि आप सामान्य जीवनजीवन में हों, तब भी परमेश्वर आपके भीतर महान काम कर सकते हैं। यह verses हमें बताता है कि ईश्वर के बुलावे के समय, हमारे भीतर की विनम्रता, निष्ठा और विश्वास सबसे महत्त्वपूर्ण है। एक नेता की भूमिका के लिए आवश्यक गुण वही हैं जो दाऊद में दिखे: ईश्वर के निर्देश पर चमत्कारिक सहारा, निष्ठा और साहस।
संक्षिप्त सार
यह पद यह सीख देता है कि परमेश्वर दाऊद को भेड़-पालन से उठाकर इस्राएल का प्रधान बनाने का महान उद्देश्य रखता है—यही दिखाता है कि परमेश्वर का चयन शासन के लिए मानव-दृश्य से ऊपर है। साधारण जीवन से भी अवतरित होकर एक महान नेतृत्व की योजना बनती है,जब हम उसका बुलावा स्वीकारते हैं और उसके मार्ग पर चलते हैं।
शब्द-उद्धरण का उल्लेख
अनुभाग की प्रस्तुति में मैथ्यू हार्नी, एल्बर्ट बार्न्स या एडम क्लार्क के स्पष्ट उद्धरणों की पूर्ण पंक्तियाँ यहाँ नहीं दी गईं, पर उनकी टिप्पणी के प्रमुख विचार इस प्रकार समाहित हैं: परमेश्वर की योजना हमारी योग्यता से बढ़कर होती है और उसका बुलावा नम्रता और विश्वास पर टिकता है।