1 इतिहास 21:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब यहोवा ने दाऊद के दर्शी गाद से कहा,

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1 इतिहास 21:9 पद-दर-पद बाइबल टीका

पहचान और अर्थ: दाऊद के लिए यहोवा का निर्देशित संकट

मुख्यinterpretive बिंदु: 1 इतिहास 21:9 में यहोवा का निर्देश दाऊद के लिए एक निर्णायक क्षण है — यह दर्शाता है कि परमेश्वर अपने पहचाने हुए राजा की जीवन-रेखा और अति-संवेदनशील निर्णय-क्षेत्र में सीधे हस्तक्षेप करते हैं, ताकि दाऊद यहोवा के उद्देश्य के अनुसार चलें और आत्म-निर्भरता के बजाय उसकी भक्ति पर टिके रहें।

किताब का साहित्यिक संदर्भ और संदर्भ-निर्माण

यह पाठ तुलाग्रंथ की कथा-सीरीज़ में आता है जहाँ दाऊद पिता-राजाओं के आचरण, प्रेरणाओं और परिणामों के बीच संघर्ष करता हुआ दिखता है। दर्शी गाद से संवाद यह दर्शाता है कि दाऊद के निर्णयों के समय भगवान की योजना कैसे सचेत-निर्देशों के द्वारा मार्गदर्शित होती है। यह घड़ी दाऊद के दिल की हालात—युद्ध, फोर्थाइट, और सत्ता-आडम्बरों के बीच—पर प्रकाश डालती है।

तेहोकिक significance: यहोवा की क़ीमत और दाऊद की जवाबदेही

कहानी यह दर्शाती है कि राजा होने के बावजूद दाऊद पूर्णतया स्वतंत्र नहीं था; उसे परमेश्वर से निर्देशित रहना होता है। यहोवा की बात मानना उसकी राजनैतिक हितों से ऊपर है, क्योंकि परमेश्वर की योजना राष्ट्रीय उद्देश्यों के साथ मिलकर चलती है। इस क्रम में दाऊद को एक स्पष्ट संदेश मिलता है कि परमेश्वर के निर्देश से ही असला-यथार्थ निर्णय बनते हैं, अन्यथा परिणाम गंभीर हो सकते हैं।

Cross-reference (संयोगी बाइबल पाठ) और संक्षिप्त स्पष्टीकरण

  • 2 समुएल 24:1— यहोवा के मन‑प्रत्यक्ष निर्णय और दाऊद के प्रतिक्रिया-चक्र का पुनरावर्तन, यह दिखाता है कि परमेश्वर की योजनाएं बाहरी परिस्थितियों से अधिक निर्णायक होती हैं।
  • निर्गमन 23:2— सही-निर्णय के लिए यहोवा के नियमों को पकड़ना, जीवन-निर्णयों में मार्गदर्शन का महत्त्व प्रदर्शित करता है।
  • यहेोज़किएल 22:30— एक देश की निष्क्रियता के समय भी परमेश्वर खोजी और सुधारक होते हैं, ताकि न्यायपूर्ण नेतृत्व संभव हो सके।

इन संदर्भों के माध्यम से स्पष्ट होता है कि राजा दाऊद को भी आत्म-निगाह, कानूनप्रियता और परमेश्वर-उत्सव की दिशा में चालना चाहिए थी।

प्रश्न-चिंतन (Reflection Questions)

  • क्या आप अपने निर्णयों में परमेश्वर की योजना को पहले रखते हैं?
  • क्यों मानवीय सुरक्षा-प्राथमिकताओं के बीच कभी-कभी पवित्र मार्ग में बाधा आती है?

सारांश निष्कर्ष

यहोवा ने दाऊद के दर्शी से स्पष्ट किया कि सफलता और सुरक्षा तभी मिलती है जब राजा परमेश्वर के निर्देशों के अनुसार चले। दाऊद के लिए यह एक नयी चुनौती थी—स्व-प्राधान्य को छोड़कर परमेश्वर-आधारित नेतृत्व स्वीकार करना। इस पाठ से बुद्धिमत्ता और आत्म-नियंत्रण की प्रेरणा मिलती है कि सत्ता के समय भी परमेश्वर के मार्ग का पालन किया जाना चाहिए।

सूचनात्मक उद्धरण (public-domain commentators)

यदि उपलब्ध हो, नीचे के उद्धरण के लिए संक्षिप्त संकेत शामिल हैं: मैथ्यू-हेनरी, एलबर्ट बार्न्स, एडम क्लार्क।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

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(पूर्वकाल में तो इस्राएल में जब कोई परमेश्‍वर से प्रश्न करने जाता तब ऐसा कहता था, “चलो, हम दर्शी के पास चलें;” क्योंकि जो आजकल नबी कहलाता है वह पूर्वकाल में दर्शी कहलाता था।)

2 शमूएल 24:11 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 शमूएल 24:11 (HINIRV) »
सवेरे जब दाऊद उठा, तब यहोवा का यह वचन गाद नामक नबी के पास जो दाऊद का दर्शी था पहुँचा,

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आदि से अन्त तक राजा दाऊद के सब कामों का वृत्तान्त,

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