Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 कुरिन्थियों 14:1 1 कुरिन्थियों 14:2 1 कुरिन्थियों 14:3 1 कुरिन्थियों 14:4 1 कुरिन्थियों 14:5 1 कुरिन्थियों 14:6 1 कुरिन्थियों 14:7 1 कुरिन्थियों 14:8 1 कुरिन्थियों 14:9 1 कुरिन्थियों 14:10 1 कुरिन्थियों 14:11 1 कुरिन्थियों 14:12 1 कुरिन्थियों 14:13 1 कुरिन्थियों 14:14 1 कुरिन्थियों 14:15 1 कुरिन्थियों 14:16 1 कुरिन्थियों 14:17 1 कुरिन्थियों 14:18 1 कुरिन्थियों 14:19 1 कुरिन्थियों 14:20 1 कुरिन्थियों 14:21 1 कुरिन्थियों 14:22 1 कुरिन्थियों 14:23 1 कुरिन्थियों 14:24 1 कुरिन्थियों 14:25 1 कुरिन्थियों 14:26 1 कुरिन्थियों 14:27 1 कुरिन्थियों 14:28 1 कुरिन्थियों 14:29 1 कुरिन्थियों 14:30 1 कुरिन्थियों 14:31 1 कुरिन्थियों 14:32 1 कुरिन्थियों 14:33 1 कुरिन्थियों 14:34 1 कुरिन्थियों 14:35 1 कुरिन्थियों 14:36 1 कुरिन्थियों 14:37 1 कुरिन्थियों 14:38 1 कुरिन्थियों 14:39 1 कुरिन्थियों 14:40



शब्दार्थ में स्पष्ट अर्थ
1 कुरिन्थियों 14:31 कहता है कि हर व्यक्ति एक-एक करके भविष्यद्वाणी कर सकता है ताकि सभा में सब सीखें और सब शान्ति पाएँ। इस वाक्य में प्रेरित संदेश यह है कि वार्तालाप और उपदेश क्रम से हो, ताकि दूसरों को स्पष्ट समझ मिले और उत्साह फिर भी संतुलित रहे। व्यक्तिगत प्रेरणा में भी विनम्रतापूर्ण क्रम अनिवार्य है ताकि समुदाय को लाभ पहुँचे।
संदर्भ-प्रस्तावना
इस पाठ में पॉल चर्च को प्रेम और व्यवस्था के साथ उपदेश देने की सलाह देते हैं। क्राइस्टियन सभा में विविध आध्यात्मिक वरदानों के पनपने के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। बहस-हावी बनना नहीं, बल्कि शिक्षण के साथ शान्ति और साक्षात्कार का वातावरण बनाए रखना प्रभु के उद्देश्य को साधना है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
अनुवादित विचारधारा से जुड़ी टिप्पणी
जैसे हेन्री, बर्न्स और क्लार्क के टिप्पणी-नोट्स में उत्पन्न विचारों को समेकित किया गया है: एक-एक के उपदेश से सभा में निर्धारण और स्पष्टता बढ़ती है; मुखरता के बावजूद संघ-समझ में समरसता बनाए रखना परमेश्वर के सामूहिक उद्देश्य के अनुरूप है।
छोटी थीम-सूची
क्रॉस-रेफरेंसेज़ (सार व्याख्या)
Related passages और उनके तात्पर्य:
व्यावहारिक निष्कर्ष
Assemblée में वक्ताओं को क्रमबद्ध अवसर दिए जाएँ, ताकि हर कोई सीख सके और शांति बनी रहे। अगर किसी का संदेश गड़बड़ हो या असंतुलित लगे, तो उसे संयत ढंग से समझाने की कोशिश करें, न कि तर्क-वितर्क बढ़ाने की। समुदायिका उद्देश्य यही है कि परमेश्वर के वचन से सभी को लाभ पहुँचे और विश्वास मजबूत हो।
संक्षिप्त निष्कर्ष
हर सदस्य के लिए उपदेश का अवसर संरक्षित है, पर यह अवसर क्रमबद्ध तरीके से और शांति-पूर्वक होना चाहिए ताकि शिक्षा स्पष्ट हो और समुदाय शास्त्र-समृद्धि से उन्नत हो।