Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 कुरिन्थियों 4:1 1 कुरिन्थियों 4:2 1 कुरिन्थियों 4:3 1 कुरिन्थियों 4:4 1 कुरिन्थियों 4:5 1 कुरिन्थियों 4:6 1 कुरिन्थियों 4:7 1 कुरिन्थियों 4:8 1 कुरिन्थियों 4:9 1 कुरिन्थियों 4:10 1 कुरिन्थियों 4:11 1 कुरिन्थियों 4:12 1 कुरिन्थियों 4:13 1 कुरिन्थियों 4:14 1 कुरिन्थियों 4:15 1 कुरिन्थियों 4:16 1 कुरिन्थियों 4:17 1 कुरिन्थियों 4:18 1 कुरिन्थियों 4:19 1 कुरिन्थियों 4:20 1 कुरिन्थियों 4:21



1 कुरिन्थियों 4:15 का संदर्भ और अर्थ
पौलुस यह स्पष्ट कर रहे हैं कि क्रिश्चियन गुरु या शिक्षक कितने भी देवत्व-आशयपूर्ण बादलों के समान क्यों न हों, परम पिता ईश्वर के लिए उसका वास्तविक पिता-योजन उल्लेखित है—यानी परमेश्वर का पुत्र यीशु मसीह में सुसमाचार के द्वारा पवित्र आत्मा से बने संबंध की गहराई से। यहाँ अध्याय 4 में पौलुस अपने चर्च के प्रति अपनी भूमिका बताये जाते हैं: वे प्रभु यीशु के मुस्कान में “एक पिता” हैं जो शिशुओं के लिए यह विश्वास-प्रणालिका स्थापित करते हैं, न कि मनुष्यों के अनुसार सत्ता या पद को महिमा देते हुए।
मुख्य अर्थ
पौलुस कहते हैं कि भले शिक्षकों की संख्या भले ही हजारों की तरह हो, तुम्हारा असली पिता यीशु मसीह के सुसमाचार के द्वारा ही है—उस संदेश के माध्यम से तुम नया जन्म पाते हो और उनकी दिशा में आते हो। यह उद्धार-गर्दिश में एक स्पष्ट और संतुलित संदेश है: परमेश्वर के परिवार के सदस्य बनने के लिए मनुष्यों के विभेदों से ऊपर उठकर सुसमाचार की सत्ता में ही जीवन मिलता है।
दो-तीन प्रमुख विषय
संयुक्त संदर्भ विचार
यहाँ अन्य प्रमुख पवित्र शास्त्रों से निम्न संदेश मिलते हैं:
हर बिंदु यह दिखाता है कि चर्च का असली परिवार एक समान सुसमाचार-आधारित सुरक्षा में है, न कि केवल मानव-श्रेणियों के द्वारा बनते-तूटते सम्बन्धों में।
व्यावहारिक विचार
अपने जीवन में आप कैसे शिक्षक-नेतृत्व से ऊपर उठकर सुसमाचार के महत्व को प्राथमिकता दे रहे हैं? क्या आप किसी को मानवीय विन्यास से नहीं, बल्कि मसीह के संदेश से जोڑने की कोशिश करते हैं? आत्म-धैर्य, नम्रता और मसीह-केन्द्रित जीवन इन्हीं तत्वों से बनते हैं।
छोटी समापन-सार
1 कुरिन्थियों 4:15 में पौलुस का संदेश है कि क्रिश्चियन परिवार का असली आधार मसीह के सुसमाचार के द्वारा ही रहता है—जहाँ परम पिता के रिश्ते में आना है, न कि महत्त्वपूर्ण शिक्षकों की संख्या से। यह हमें याद दिलाता है कि हमारे विश्वास का स्रोत एक ही है: यीशु मसीह और उसके द्वारा प्रस्तुत उद्धार।
संक्षेपित क्रॉस-रेफरेंसेस
यूहन्ना 1:12-13 — विश्वास से पुत्रत्व की प्राप्ति; फिलिप्पियों 2:5-8 — मसीह की विनम्रता; गहलती 4:6 — आत्मा के द्वारा पिता-आत्मा का अनुभव। ये विचार स्पष्ट करते हैं कि saha-परिवार का स्रोत वही है जो सुसमाचार से जन्म लेता है, न कि मानव-परिचय से।