1 कुरिन्थियों 4:12 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और अपने ही हाथों के काम करके परिश्रम करते हैं। लोग बुरा कहते हैं, हम आशीष देते हैं; वे सताते हैं, हम सहते हैं।

1 कुरिन्थियों 4:12 पद-दर-पद बाइबल टीका

1 कुरिन्थियों 4:12 का संदर्भ और अर्थ (HINIRV)

इस पद में पॉल पवित्रशास्त्र के एक सामुदायिक पथ पर चर्चित दशा का वर्णन करते हैं। वे बताते हैं कि उनके शिष्य और मित्र कैसे व्यवहार करते हैं—वे स्वयं मेहनत से भोजन कमाते हैं, विरोधियों के द्वारा उनकी खिंचाई होने पर भी वे नम्रता और सेवा के साथ प्रतिक्रिया देते हैं। यह शिष्य-जीवन की कसौटी है: नियंत्रण में रहने के लिए आर्तनाद नहीं, बल्कि आशीष देने की चेष्टा, और विपत्तियों में साहस।

मुख्य अर्थ

पद बताता है कि विश्वासी कठिन परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटते। वे सूचित, विनम्र और परिश्रमी रहते हैं; वे निराश नहीं होते, बल्कि जहाँ वे कर रहे हैं वहाँ दृढ़ रहते हैं—कठोर शब्दों के बीच भी सत्य और प्रेम के साथ व्यवहार करते हैं।

तीन प्रमुख विषय

  • परिश्रम और आत्म-नियंत्रण: उनके हाथों से स्वयं के लिए कमाई करना एक नैतिक चिह्न है कि वे धन के लिए नहीं बल्कि सेवा के लिए कार्य करते हैं।
  • धार्मिक धैर्य: बुराई सुनने पर भी वे बुरा-भला नहीं करते; वे आशीष देते हैं और संतोष दिखाते हैं।
  • विपत्तियों में सहनशीलता: सताए जाने पर भी वे सहते हैं, जिससे विश्वास की शक्ति प्रकट होती है और मसीह-जीवन का नमूना बनता है।

संबद्ध आयतें (संछिप्त दृष्टांत)

कथा-पipeline के अनुसार लोग के बीच निर्भीकता और नम्रता एक प्रसिद्ध चरित्र बनाते हैं—यही कारण है कि अन्य ग्रंथों में भी विश्वासियों का धैर्य और सेवा-भाव उद्धृत किया गया है।

कन्फर्मिंग संदर्भ

1) मत्ती 5:10-12 — मसीह के अनुयायी के लिए प्रतिघात के बावजूद आशीष और आशीर्वाद की अनुभूति।

2) 2 कुरिन्थियों 6:4-10 — संकटों के बीच दृढ़ता और आत्म-त्याग का व्यवहार।

3) फिलिप्पियों 1:29 — विश्वास के लिए संघर्ष स्वीकारना और प्रभु के साथ जोड़ी बनाये रखना।

व्यावहारिक विचार

आज के संदर्भ में यह शिष्यत्व सिखाता है कि हमें अपने कारणों के लिए नहीं, दूसरों के लिए सेवा करनी चाहिए। कठिन शब्दों या आलोचनाओं के बावजूद, अपने हाथों के काम पर भरोसा रखें, और दूसरों के प्रति दयालु बनें। इस प्रकार जीवनचर्या में आशीष देना संभव होता है, और शांति का एक मार्ग खुलता है।

संक्षिप्त समापन

1 कुरिन्थियों 4:12 हमें यह याद दिलाता है कि ईश्वर के बच्चे विपत्तियों के बीच भी अपने कर्तव्य और करुणा नहीं छोड़ते; वे मेहनत करते हैं, आशीष देते हैं, सताने पर भी सहते हैं। यह पवित्र जीवन की नीयत है जो ईश्वर के साथ सत्य-संबंध को मजबूत बनाती है।

उद्धृत टिप्पणीकारों के विचार (संक्षिप्त और आवश्यक)

यदि आप चाहें, तो हेन्री, बार्न्स और क्लार्क के कुछ संक्षिप्त, सार्वजनिक-domain टिप्पणियाँ इस विषय को रोशनी देती हैं—पर उनकी पूर्ण उद्धरण संपुष्ट रूप से चयनित रूप में शामिल हैं। यह पाठ्य पंक्ति सामान्य नैतिकता और विश्वास के संगत तत्वों को उजागर करती है, न कि किसी विशिष्ट denomination के पक्ष में विश्लेषण।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 कुरिन्थियों 4:12 समानांतर पद और संबंधित वचन

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