Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 राजाओं 15:1 1 राजाओं 15:2 1 राजाओं 15:3 1 राजाओं 15:4 1 राजाओं 15:5 1 राजाओं 15:6 1 राजाओं 15:7 1 राजाओं 15:8 1 राजाओं 15:9 1 राजाओं 15:10 1 राजाओं 15:11 1 राजाओं 15:12 1 राजाओं 15:13 1 राजाओं 15:14 1 राजाओं 15:15 1 राजाओं 15:16 1 राजाओं 15:17 1 राजाओं 15:18 1 राजाओं 15:19 1 राजाओं 15:20 1 राजाओं 15:21 1 राजाओं 15:22 1 राजाओं 15:23 1 राजाओं 15:24 1 राजाओं 15:25 1 राजाओं 15:26 1 राजाओं 15:27 1 राजाओं 15:28 1 राजाओं 15:29 1 राजाओं 15:30 1 राजाओं 15:31 1 राजाओं 15:32 1 राजाओं 15:33 1 राजाओं 15:34



1 राजा 15:10 पर व्याख्या
पद का पाठ बताता है कि राजा के राज्य की अवधि इकतालीस वर्ष रही और उसकी माता अबशालोम की पुत्री माका थीं। यह संदर्भ राजा अहल्यूय के उत्तराधिकार और परिवार की सत्ता-परिवारिक सत्ता-सम्बन्धों की पृष्ठभूमि को दर्शाता है, जहाँ बाईबल के वक्त शासक का मातृ-वंश या कुल-उत्पत्ति उसकी सत्ता-वैधता और राज्य-संरचना को संकेत करती है। इस verse के साथ हम यह समझते हैं कि राजा की भूमिका केवल राजनीतिक नहीं थी, बल्कि पवित्र व्यवस्था के अंतर्गत सिंहासन के आध्यात्मिक-परंपरागत ढांचे से जुड़ी थी।
केंद्रीय भाव
यह पंक्ति राजा की लंबी राजगद्दी और उसके परिवार की भूमिका को रेखांकित करती है। एक स्पष्ट तथ्य यह है कि राजा और उसकी माता के नाम से यह परिचित होता है कि किस परिवार के सदस्य से सत्ता जुड़ी है, जो उस काल के इतिहास में राजसंस्थाओं की स्थिरता और सत्ता-वारिसी की पहचान है। साथ ही यह संकेत देता है कि राजा के शासन के शवल कोस के भीतर परिवार का प्रभाव कैसे चलता है और सामाजिक-धार्मिक संरचनाओं में वंशपरंपरा की भूमिका क्या थी।
मुख्य विषय
संदर्भ-विचार
यहाँ तीन सम्बंधित संदर्भ दिए जाते हैं जिन्हें आप अन्य आयतों में देख सकते हैं:
व्यावहारिक विचार
हम आधुनिक पाठकों के लिए यह पाठ यह सिखाता है कि सत्ता-स्थिति में लंबे समय तक शासन के साथ सामाजिक-धार्मिक उत्तरदायित्व भी जुड़ा रहता है। एक राजा का प्रभाव न केवल प्रशासनिक कुशलता से जुड़ा होता है, बल्कि परिवार-परंपरा से भी गहराई से प्रेरित होता है। हमारे आत्म-आकलन में यह प्रश्न उठ सकता है: मैं अपने निर्णयों में स्थायित्व और परिवार-स्तर के प्रति उत्तरदायित्व को कैसे संतुलित कर सकता/सकती हूँ?
क्रॉस-रेफरेंसेस
यद्यपि सीधे शब्दों में इन आयतों में उल्लेखित नहीं, निम्न संदर्भ निकट संबंध दर्शाते हैं:
संक्षिप्त निष्कर्ष
1 राजा 15:10 एक सूक्ष्म लेकिन महत्त्वपूर्ण तथ्य प्रस्तुत करता है: शासन की अवधि और माता-उल्लेख से संकेत मिलता है कि राज्य-Advertisements में वंश-परंपरा और पारिवारिक प्रतिष्ठा शासन के स्थायित्व को आकार देती है। यह न सिर्फ ऐतिहासिक संदर्भ है, बल्कि आज भी नेतृत्व में स्थायित्व, पारिवारिक उत्तरदायित्व और सामुदायिक संरचना की समझ को रेखांकित करता है।
नोट: इस पाठ के लिए Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के प्रकाशित टिप्पणियाँ से आवश्यक बातें संकलित की गई हैं; यदि उपलब्ध हों, तो उनके संगत शब्दों की छोटी-सी उद्धरणें नीचे मिलेंगीं।