Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 राजाओं 15:1 1 राजाओं 15:2 1 राजाओं 15:3 1 राजाओं 15:4 1 राजाओं 15:5 1 राजाओं 15:6 1 राजाओं 15:7 1 राजाओं 15:8 1 राजाओं 15:9 1 राजाओं 15:10 1 राजाओं 15:11 1 राजाओं 15:12 1 राजाओं 15:13 1 राजाओं 15:14 1 राजाओं 15:15 1 राजाओं 15:16 1 राजाओं 15:17 1 राजाओं 15:18 1 राजाओं 15:19 1 राजाओं 15:20 1 राजाओं 15:21 1 राजाओं 15:22 1 राजाओं 15:23 1 राजाओं 15:24 1 राजाओं 15:25 1 राजाओं 15:26 1 राजाओं 15:27 1 राजाओं 15:28 1 राजाओं 15:29 1 राजाओं 15:30 1 राजाओं 15:31 1 राजाओं 15:32 1 राजाओं 15:33 1 राजाओं 15:34

1 राजाओं 15:32 — तत्कालीन संदर्भ और व्याख्या
आसा तथा इस्राएल के राजा बाशा के बीच लगातार युद्ध के दृश्य ने उनके शासन के दौरान राज्य-युद्ध की प्रकृति स्पष्ट कर दी है। यह वाक्य इस बात को रेखांकित करता है कि परमेश्वर के भरोसे की कमी या निर्भरताओं के कारण उत्तरदायित्वपूर्ण शासकों के बीच संघर्ष कितने समय तक चल सकता है और किस प्रकार यह निजी और सामूहिक जीवन पर प्रभाव डालता है।
ईश्वर के सामने यह पाठ क्या बताता है
यह उद्धरण एक विस्तृत युद्ध-स्थिति का संक्षेप है जो बताता है कि परमेश्वर के लोगों के नेता कितनी बार आंतरिक विश्वास और निष्ठा की कमी के कारण बाह्य संघर्षों में फँस जाते हैं। भले ही परमेश्वर के लोग हों, किंतु उनके नेताओं की नीतियाँ और आस्थात्मक दृढ़ता न होना, उनके जीवन में निरंतर संघर्षों का कारण बन सकता है। प्रभु द्वारा स्थापित एकता और सतर्कता के बिना अशांतियाँ बढ़ जाती हैं।
प्रमुख शब्दों और प्रतीकों की स्पष्टता
रणनीति और विश्वास के बीच टकराव इस पाठ का केंद्रीय बिंदु है: क्या राष्ट्र अपने नेतृत्व की राह से परमेश्वर के निर्देशित मार्ग पर चलेंगे, या सत्ता के प्रवाह में बहकर गिरेंगे?
अन्य समान पाठ और संदर्भ
शासन की अस्थिरता और विश्वास-आधारित नेतृत्व की आवश्यकता पर विचार करते समय निम्न संदर्भ उपयोगी रहते हैं:
इन cross-reference से समझ बनती है कि एकता, निष्ठा और परमेश्वर-आधारित रणनीति ही युद्धों में स्थायित्व और आशीर्वाद ला सकती है।
आज के जीवन में प्रत्ययों
आज के पाठ से सीखा जा सकता है कि परिवारों, समुदायों और संगठनों में कड़े संघर्ष तब तक बने रहते हैं जब नेता और समूह परमेश्वर की योजना के अनुरूप नहीं चलते। उद्धार की दिशा में स्थिरता पाने के लिए आवश्यक है कि हम:
संदर्भ के भीतर संक्षिप्त सार
इस पाठ में प्रयुक्त एकता और संघर्ष की धुरी यह दर्शाती है कि विश्वास-आधारित नेतृत्व के बिना युद्ध केवल समय-व्यय और दर्द बन जाते हैं। यहूदी-ईसाई इतिहास में परमेश्वर के साथ दृढ़ विश्वास की आवश्यकता की ओर इशारा करता है कि किस प्रकार वास्तविक शान्ति और सुरक्षा केवल उसी मार्ग पर मिलती है।
सीधे उद्धरण (जस्टिफाइड)
अगर उपयुक्त हुए तो, Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के सीधे उद्धरण छोटे संदर्भ में दी जा सकते हैं। (नोट: नीचे उद्धरण का उपयोग केवल आवश्यकतानुसार है और पूर्ण टेक्स्ट नहीं है.)
क्रॉस-रेफरेंस और तात्पर्य
आसानी से समझने के लिए तीन संक्षिप्त क्रॉस-रेफरेंसे नहीं बल्कि उनके तात्पर्य निम्न हैं: