Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 राजाओं 15:1 1 राजाओं 15:2 1 राजाओं 15:3 1 राजाओं 15:4 1 राजाओं 15:5 1 राजाओं 15:6 1 राजाओं 15:7 1 राजाओं 15:8 1 राजाओं 15:9 1 राजाओं 15:10 1 राजाओं 15:11 1 राजाओं 15:12 1 राजाओं 15:13 1 राजाओं 15:14 1 राजाओं 15:15 1 राजाओं 15:16 1 राजाओं 15:17 1 राजाओं 15:18 1 राजाओं 15:19 1 राजाओं 15:20 1 राजाओं 15:21 1 राजाओं 15:22 1 राजाओं 15:23 1 राजाओं 15:24 1 राजाओं 15:25 1 राजाओं 15:26 1 राजाओं 15:27 1 राजाओं 15:28 1 राजाओं 15:29 1 राजाओं 15:30 1 राजाओं 15:31 1 राजाओं 15:32 1 राजाओं 15:33 1 राजाओं 15:34



1 राजाओं 15:4 का संदर्भ और केंद्रिय अर्थ
इस पद में परमेश्वर दाऊद के कारण यहूदा पर दया दिखाते हैं और उसके उत्तराधिकारियों के लिए एक स्थिर दीपक रखने की प्रतिज्ञा की गई है। यह सूत्र चित्रित करता है कि दाऊद के चरित्र और वफादारी के कारण परमेश्वर यरूशलेम और उसके राजाओं के लिए एक सुरक्षित आधार बनाए रखते हैं। यद्यपि शासनों में परिवर्तन आये, पर परमेश्वर की वाची कृपा ईश्वर-प्राप्त नेतृत्व को बनाए रखने का स्रोत बनी रही।
मुख्य अर्थ
यह verse यह बताती है कि दाऊद के कारण परमेश्वर ने यरूशलेम को स्थायित्व और संरक्षा दी। दीपक की उपमा यह दर्शाती है कि सत्ता और राजकूट के बीच स्थिरता परमेश्वर के वचन्मय राज्य के साथ जुड़ी रहती है। सुप्त राजाओं के बीच भी प्रभु ने दाऊद के दाम्पत्य-सीधेपन को मानते हुए यरूशलेम को बनाए रखा।
दो-तीन प्रमुख विषय
संबंधित पद और उनके विचार
— 2 समूएल 7:12-16: दाऊद राजा के घर की वंशावली और परमेश्वर की प्रतिज्ञा—यह दर्शाता है कि सत्ता के धरा का स्थायित्व परमेश्वर की चाहत से जुड़ा है।
— 3 सेमूएल 7:16: “तेरा राज्य स्थिर रहेगा” जैसी प्रतिज्ञाएँ, जो दाऊदी राजवंश के पीछे की वफादारी के परिणामस्वरूप पूर्ण होती हैं।
— 1 राजाओं 11:31-37: दाऊद के उत्तराधिकार के लिए प्रभु की योजना और यरूशलेम-राज्य की भूमिका।
व्यावहारिक विचार
हम भी अपने जीवन में स्थिरता और मार्गदर्शन की तलाश करते हैं। इस पद के प्रकाश में विचार करें कि परमेश्वर का वादा और उसकी कृपा विश्वासी नेतृत्व में कैसे प्रेरणा देती है—चाहे राजनीतिक परिस्थितियाँ कैसी भी हों। विद्यार्थी, माता-पिता या नेता, अपने कार्य-स्थलों में ईश्वरीय सत्य के प्रति एक दृढ़ता बनाए रखें, ताकि लोग भी देखें कि लाभ-स्पर्शीत स्रोत कहाँ से आता है।
संक्षिप्त समापन
यह verse हमें याद दिलाता है कि दाऊद के कारण परमेश्वर ने Yerushalem पर एक दीपक रखा, एक ऐसी कृपा जो नगर और शासन को आशीष देती है। भले ही समय कैसे भी बदले, परमेश्वर की कृपा और वचन स्थिर रहते हैं और वे भी यरूशलेम के भीतर के नेतृत्व को एक दिशा देते हैं।
Cross-references (संकेतित संबंध)
1) 2 समूएल 7:12-16 — दाऊद के घर के लिए परमेश्वर की प्रतिज्ञा और राजवंश की स्थायित्व। यह दिखाता है कि दाऊद के घर के लिए दीर्घकालिक योजना परमेश्वर की योजना से मेल खाती है।
2) 1 राजाओं 11:31-37 — राजवंश की भूमिका और यरूशलेम की संतुलित भूमिका का संकेत।
3) 2 पतरस 3:9 (निजी अर्थ में उद्धरण नहीं, पर विचार-विमर्श की दिशा देता है) — परमेश्वर सर्वदा लोगों की सुध लेने वाला है, समय पर फैसले करता है।
ध्यान दें: उद्धरण जो Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke से सीधे मिलते हैं, अगर उपलब्ध हों, उन्हें यूरोपीय-स्तर पर संक्षेप में उद्धृत किया गया है।