Old Testament
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1 तीमुथियुस 4:11 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इन बातों की आज्ञा देकर और सिखाता रह।
1 तीमुथियुस 4:11 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
1 तीमुथियुस 4:11 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 तीमुथियुस 6:2 (HINIRV) »
और जिनके स्वामी विश्वासी हैं, इन्हें वे भाई होने के कारण तुच्छ न जानें; वरन् उनकी और भी सेवा करें, क्योंकि इससे लाभ उठानेवाले विश्वासी और प्रेमी हैं। इन बातों का उपदेश किया कर और समझाता रह।

2 तीमुथियुस 4:2 (HINIRV) »
कि तू वचन का प्रचार कर; समय और असमय तैयार रह, सब प्रकार की सहनशीलता, और शिक्षा के साथ उलाहना दे, और डाँट, और समझा।

1 तीमुथियुस 4:11 — इन बातों की आज्ञा देकर और सिखाता रह
पद का संदर्भ: पॉल अपने युवा शिष्य तीमुथियुस को विश्वस्त और पवित्र जीवन जीते रहने का आह्वान करते हैं। यह अध्याय प्रेरित जीवन की सुसंगतता पर केंद्रित है—सीखाने, निर्देश देने और प्रभु के प्रचार में निर्भीक रहने का संदेश। इस विशेष वाक्य को वे संदेशों के क्रम में प्रकट करते हैं कि कैसे प्रभु के काम में सतर्कता और स्पष्टता बनी रहे।
मुख्य अर्थ
यह सूत्रशब्द सरल, प्रत्यक्ष निर्देश है: तीमुथियुस को उन बातों को सिखाते रहने और उनकी आज्ञाओं के अनुसार चलते रहने के लिए कहा गया है। यह न सिर्फ एक शिक्षा है, बल्कि एक जीवनशैली है—जो विश्वास-योग्य शिक्षाओं को धारण करना, दूसरी बातों के बीच भी, और उसका दृढ़ अनुपालन करना।
तीन प्रमुख विषय
संघनित अंशों के बीच सम्बंध
इस पद का संदेश अन्य पौदो के संदर्भों से मेल खाता है—जैसे प्रेरित-पत्रों में सचेतन निर्देश, समुदाय में सुदृढ़ शिक्षण और शादी-व्यवस्था, तथा उपदेशित जीवन की महत्ता। नीचे तीन प्रत्यक्ष cross-reference विचार दिए जाते हैं:
व्यावहारिक सोच
आज के संदर्भ में यह वाक्य कैसे प्रखर रहता है? पेशेवर जीवन, पारिवारिक जिम्मेदारियाँ और चर्च-सेवा—all में एक संगतता बनाए रखना—सीखना, सीखते रहना, और सीखे अनुसार चलते रहना—यह ईमानदार विश्वास की पहचान है। जब हम “इन बातों की आज्ञा देकर” आगे बढ़ते हैं, तो हम एक ऐसी शैली लेते हैं जो न केवल ज्ञान देती है, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में नमूना बनती है।
संक्षिप्त सार
यह verse हमें स्मरण दिलाता है कि शिक्षा और आज्ञाओं के पालन के साथ-साथ सतत शिक्षा और प्रचार-कार्य का संयमित जीवन जीना चाहिए। प्रभु के कार्य में स्थिरता और स्पष्टता बनाए रखें, ताकि ईमानदार शिक्षा के बिना भी विश्वास मजबूत रहे।
संक्षिप्त क्रॉस-रेफरेंसेस के साथ अवलोकन
1) यीशु ने कहाँ कहा कि शिक्षकों को सत्य के साथ मार्गदर्शन मिलेगा; 2) चर्च के भीतर शिक्षण-कार्य का उद्देश्य—विश्वास की परिपूर्णता; 3) लिखित शब्दों से प्रशिक्षित रहना—जीवन-निर्देशन के लिए आधार।
पूर्वोक्त विचार Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के प्रकाशों से प्रेरित हैं, परंतु हमारे पाठ में हीन-उद्धरण के रूप में संक्षेपित हैं।
नोट: वास्तविक शाब्दिक उद्धरण केवल वही हैं जिन्हें सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों ने कहा है; नीचे मुख्य विचार मिलकर एक संयुक्त सार बनाते हैं।