Old Testament
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2 कुरिन्थियों 9:14 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और वे तुम्हारे लिये प्रार्थना करते हैं; और इसलिए कि तुम पर परमेश्वर का बड़ा ही अनुग्रह है*, तुम्हारी लालसा करते रहते हैं।
2 कुरिन्थियों 9:14 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
2 कुरिन्थियों 9:14 समानांतर पद और संबंधित वचन
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फिलिप्पियों 4:1 (HINIRV) »
इसलिए हे मेरे प्रिय भाइयों, जिनमें मेरा जी लगा रहता है, जो मेरे आनन्द और मुकुट हो, हे प्रिय भाइयों, प्रभु में इसी प्रकार स्थिर रहो।

2 कुरिन्थियों 8:6 (HINIRV) »
इसलिए हमने तीतुस को समझाया, कि जैसा उसने पहले आरम्भ किया था, वैसा ही तुम्हारे बीच में इस दान के काम को पूरा भी कर ले।

1 तीमुथियुस 1:14 (HINIRV) »
और हमारे प्रभु का अनुग्रह उस विश्वास और प्रेम के साथ जो मसीह यीशु में है, बहुतायत से हुआ।
2 कुरिन्थियों 9:14 — संदर्भ और अर्थ
पद 9:14 पवित्र प्रभु यीशु के उदाहरण में विश्वासियों के बीच उदारता और सहयोग की गूंज दर्शाता है। कुरिन्थियों के दो अन्य पत्रों में भी प्रेरित पवित्र आत्मा के प्रभाव से लगे-दुले भेंट-चाह अपेक्षित होती है। इस वचन में प्रेरित पौलुस बतलाते हैं कि हालाँकि वे किसी विशेष भेंट के लिए नहीं कह रहे हैं, परन्तु चर्च के भागीदारी और प्रेम की गवाही, परमेश्वर के अनुग्रह के कारण और भी गहरी होती है।
मुख्य विचार का सार
पद कहता है कि श्रोताओं के लिए प्रार्थना करने वाले और परमेश्वर के बड़े अनुग्रह के कारण उनकी लालसा जागृत रहती है। यह अनुग्रह दया, उदारता, और सहयोग के कार्यों को प्रेरित करता है, ताकि विश्वासियों के बीच प्रेम और भाईचारे को बल मिले।
केंद्रीय विषय
महत्वपूर्ण सूत्रगत बिंदु
• उद्धार के समान अनुग्रह से प्रेरित सहयोग की प्राप्ति: यह संकेत है कि ईश्वर के काम में भागीदारी एक साथ आकर विविधता के बीच एकता बनाती है।
• आत्म-उत्साह का उद्देश्य: दूसरों के लिए प्रार्थना और सहायता से हृदय नम रहता है, जिससे प्रेम और समर्पण बढ़े।
प्रासंगिक संदर्भ
1) रोमियों 15:24-32 — परस्पर प्रोत्साहन और सहयोग की इच्छा, ताकि दावत और सेवा के मकसद सफल हों।
2) equation में फतह: फिलिप्पियों 4:14-20 — जिसमें दानों की मदद का सहयोग विश्वासी समुदाय को मजबूत बनाता है और परमेश्वर की सेवकाई के लिए साधन प्रदान करता है।
3) 2 कुरिन्थियों 8–9 — उदारता की निधियों और इच्छा के साथ दी जाने वाली सहायताओं के बारे में स्पष्ट निर्देश।
व्यावहारिक विचार
- अपने समुदाय के लिए प्रार्थना करें और देखिए कि किस प्रकार आप साझा उदारता को बढ़ावा दे सकते हैं।
- अपने दायित्व और सुख को सीमाओं में बाँधते हुए प्रेमपूर्वक सहायता दें, ताकि प्रत्येक सदस्य उनके जीवन में परमेश्वर के अनुग्रह को अनुभव करे।
संक्षिप्त समापन
यह वचन स्पष्ट करता है कि परमेश्वर का बड़ा अनुग्रह विचार-चाह और प्रार्थना के माध्यम से प्रवाहित होता है, जिससे चर्च एक दूसरे के लिए वास्तविक सहायता बन सके। उदारता और प्रार्थना का संयुक्त प्रभाव विश्वास को जीवित और गतिशील बनाता है।
उद्धरणात्मक नोट
मार्थ्यू हार्नी (Matthew Henry) और एलबर्ट बार्न्स (Albert Barnes) तथा एडम क्लार्क (Adam Clarke) के सार्वजनिक-डायरेक्ट टिप्पणियों का संक्षेप उपयोग यहाँ पाठ के साथ समाहित है; यदि किसी उद्धरण की संपूर्ण पंक्तियाँ उद्धृत हों, वे आवश्यक पाठ-संदर्भ के भीतर संकेतित हैं।
क्रॉस-रेफरेंस (संक्षेप)
रोमियों 12:8 — दान और प्रोत्साहन के वैविध्यपूर्ण योगदान की मान्यता।
फिलिप्पियों 4:14-20 — संकट में भी सहयोग की कृतियाँ और परमेश्वर की आपूर्ति की गवाही।
2 कुरिन्थियों 8–9 — उदारता की योजना और इच्छाशक्ति के लिए प्रेरणा।