Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 राजाओं 13:1 2 राजाओं 13:2 2 राजाओं 13:3 2 राजाओं 13:4 2 राजाओं 13:5 2 राजाओं 13:6 2 राजाओं 13:7 2 राजाओं 13:8 2 राजाओं 13:9 2 राजाओं 13:10 2 राजाओं 13:11 2 राजाओं 13:12 2 राजाओं 13:13 2 राजाओं 13:14 2 राजाओं 13:15 2 राजाओं 13:16 2 राजाओं 13:17 2 राजाओं 13:18 2 राजाओं 13:19 2 राजाओं 13:20 2 राजाओं 13:21 2 राजाओं 13:22 2 राजाओं 13:23 2 राजाओं 13:24 2 राजाओं 13:25



2 राजाओं 13:2 — संदर्भन और अर्थ
आयात: यह पद यहूदा के राजा योशाफात के पुत्र योशआ AND अन्य घटनाओं के साथ संगत है, जब इस्राएल के राजा ने नबात के पुत्र यारोबाम के पाप के अनुसरण में अपना पाप बढ़ाया। पाठ का यह अंश दिखाता है कि राजा ने पाप को बरकरार रखा जैसा पाप पहले यारोबाम ने इजरायल में डाला था, और उसे छोड़ नहीं दिया। यह एक चेतावनी है कि सत्ता के होने पर भी विश्वासघात, पतन और पाप की प्रवृत्ति कैसे लटकती रहती है, यदि सुधार या परिवर्तन जागृत न हो।
केंद्रीय अर्थ
पद यह बताता है कि राजा ने पहले यारोबाम के पाप के ढांचे को बनाए रखा, अर्थात् याद दिलाने वाली बुराइयों और अपराजय प्रथाओं को बहाल किया। यह स्पष्ट करता है कि पाप का पैटर्न एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में कैसे संचरित हो सकता है जब सुधार के लिए समाज की नीयत नहीं बदलती।
मुख्य विषय
कहीं नज़दीकी पाठ from पार्श्व संदर्भ
– पद 2 राजा 12–14 के आसपास भी हम पाते हैं कि राजा और राष्ट्र किस प्रकार यथास्थिति या सुधार की कमी के कारण प्रभावहीन हो जाते हैं।
सम्बद्ध अनुभाग (Cross-references) और छोटा स्पष्टीकरण
उच्चारण में, उपर्युक्त संदर्भ एक सामान्य धारा दिखाते हैं कि नेतृत्व के पाप से समाज पर प्रभाव पड़ता है और परमेश्वर की गरिमा के अनुरूप सच्चे सुधार की आवश्यकता रहती है।
व्यावहारिक विचार
अपने समाज या परिवार में यदि हम पुराने पाप के ढांचे को फिर से जिंदा होते देखते हैं, तो यह एक जोखि का संकेत है कि सचेत होकर सुधार की चेष्टा करनी चाहिए। नेतृत्व में सत्य, नैतिकता और ईश्वर-आस्था के मानदंडों को फिर से स्थापित करना समुदाय में सुरक्षा और आशीर्वाद लाने का उपाय है।
संक्षिप्त निष्कर्ष
इसVerse के द्वारा दिखाया गया है कि पाप के पैटर्न को त्यागे बिना सत्ता का मार्ग गड़बड़ा सकता है। यह एक चेतावनी है कि परमेश्वर के सामने कर्तव्य और नैतिक मजबूती के बिना राजतंत्र भी नुकसान उठाता है; सुधार की दिशा में आंतरिक परिवर्तन ही राष्ट्र की स्थिरता की कुंजी है।
महत्वपूर्ण उद्धरण (इतिहास-आधारित टिप्पणीकारों से)
यदि उपलब्ध हो, नीचे के हिस्से मेंMatthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के संक्षिप्त, सीधे उद्धरण दर्ज किए जाते हैं: “…”, आदि। कृपया ध्यान दें कि यहाँ उपलब्ध सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणियाँ इस व्याख्या के साथ समेकित की गई हैं, ताकि पाठक को मूल अर्थ स्पष्ट रहे।