Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 राजाओं 4:1 2 राजाओं 4:2 2 राजाओं 4:3 2 राजाओं 4:4 2 राजाओं 4:5 2 राजाओं 4:6 2 राजाओं 4:7 2 राजाओं 4:8 2 राजाओं 4:9 2 राजाओं 4:10 2 राजाओं 4:11 2 राजाओं 4:12 2 राजाओं 4:13 2 राजाओं 4:14 2 राजाओं 4:15 2 राजाओं 4:16 2 राजाओं 4:17 2 राजाओं 4:18 2 राजाओं 4:19 2 राजाओं 4:20 2 राजाओं 4:21 2 राजाओं 4:22 2 राजाओं 4:23 2 राजाओं 4:24 2 राजाओं 4:25 2 राजाओं 4:26 2 राजाओं 4:27 2 राजाओं 4:28 2 राजाओं 4:29 2 राजाओं 4:30 2 राजाओं 4:31 2 राजाओं 4:32 2 राजाओं 4:33 2 राजाओं 4:34 2 राजाओं 4:35 2 राजाओं 4:36 2 राजाओं 4:37 2 राजाओं 4:38 2 राजाओं 4:39 2 राजाओं 4:40 2 राजाओं 4:41 2 राजाओं 4:42 2 राजाओं 4:43 2 राजाओं 4:44



2 राजाओं 4:31 — संदर्भ और पाठ-परक टिप्पणी
कथन की वर्तमान स्थिति: गेहजी ने बढ़कर यह बच्चा नहीं जागा, इसलिए एलीशा को सूचित किया गया कि लड़का नहीं जागा। यह घटना उस समय की कथा के क्रम में आती है जब एलिशा ने भविष्यवाणी की चमत्कारिक सहायता के जरिये श्रीमंती-स्त्री और उसकी सेवा-भक्ति के कारण आशीर्वाद प्रकट किया। पहले पाठ में एलिशा ने उस घर के भीतर ईश्वर के चमत्कारिक हस्तक्षेप को दिखाने के तरीके अपनाए, ताकि अविश्वास के बजाय विश्वास पैदा हो।
आत्मा-सम्बंधित संदेश: भगवान का विश्वास-आधार
यह छोटी घटना यह दिखाती है कि ईश्वर वही है जो परिस्थिति चाहे कितनी भी असहाय क्यों न हो, उनके दूतों और सेवकों के माध्यम से सहायता भेजता है। लड़के के जागने के संकेत न मिलना यह बताता है कि चमत्कार का पूरा आरंभ और परिणाम निर्भर होता है, परंतु परमेश्वर के इरादे में अंततः विश्वास और धैर्य की परीक्षा होती है।
महत्वपूर्ण शब्द और चित्र
अन्य संदर्भों से संबद्ध चित्र
कौन-से क्रॉस-रेफरेंसेस यहाँ सहायक हो सकती हैं, वे हैं:
नोट: उपरोक्त क्रॉस-रेफरेंसेस का उद्देश्य पाठक के लिए एक समग्र धारणा देना है, पूर्ण verses न देते हुए केवल उनके विचारात्मक संबंध दिखाने के लिए।
आज के लिए Anwendung (आवेदन)
हर दिन के जीवन में जब हम किसी समस्या के सामने असहाय महसूस करें, तब ईश्वर की विश्वसनीयता पर विश्वास बनाये रखें। यह कथा इसे याद दिलाती है कि चमत्कार हर समय नहीं आता, पर ईश्वर हमेशा स्मरणीय और सक्रिय है। हमारी प्रार्थनाएँ निराशाजनक परिस्थितियों में भी परमेश्वर के साथ निकटता बनाती हैं, और कभी-कभी delays उसे भी धैर्यपूर्वक स्वीकारना सिखाते हैं।
संक्षिप्त सार
गेहजी के घर के भीतर घटित यह घटना बताती है कि परमेश्वर अपने सेवकों के माध्यम से असाध्य को संभव बनाता है, पर परिणाम कभी-कभी हमारे अनुमान से परे होते हैं—तब भी विश्वास-पूर्ण धैर्य ही यात्रा का मार्ग है।
उद्धृत टिप्पणी-उद्धरण (महत्वपूर्ण):
यदि आवश्यक हो तो, Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के पवित्र-ग्रंथ व्याख्यानों से संबंधित संक्षिप्त विचार, परन्तु पूर्ण पाठ नहीं दिए जाते। किसी भी उद्धरण के स्वरूप में केवल वही शब्द शामिल होंगे जो विशिष्ट टिप्पणी-उद्धरण में उपलब्ध हों।