1 शमूएल 28:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और जब शाऊल ने यहोवा से पूछा*, तब यहोवा ने न तो स्वप्न के द्वारा उसे उत्तर दिया, और न ऊरीम के द्वारा, और न भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा।

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1 शमूएल 28:6 पद-दर-पद बाइबल टीका

पंक्ति का तात्पर्य और संदर्भ: 1 शमूएल 28:6

यह पद आज के पाठ के संदर्भ में शाऊल के समकालीन संकट की गूंज देता है। फिलिस्तीनी सेना के साथ एक निर्णायक युद्ध की तैयारी चल रही है, और शाऊल परमेश्वर से मार्गदर्शन चाहते हैं ताकि न सही दिशा निर्धारित हो सके। किन्तु यहाँ यह स्पष्ट कहा गया है कि यहोवा ने उन्हें स्वप्न, ऊरीम या भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा उत्तर नहीं दिया।

ईश्वर का मार्गदर्शन कैसे मिलता है और इसका अभाव क्यों?

यहाँ karşı यह संदेश मिला है कि परमेश्वर कभी-कभी स्पष्ट संकेत नहीं देते। स्वप्न, ऊरीम (यूनानी/हीब्रू में ईश्वर का निर्णय सुनाने वाला माध्यम) और भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा उत्तर मिलना सामान्य घटनाएँ मानी जाती थीं, परन्तु शाऊल के समय या तो परमेश्वर इन माध्यमों के साथ संवाद नहीं कर रहे थे, या शाऊल ने अविश्वास से उनसे संकेत मिसाल लेते रह गया था। यह हमें सिखाता है कि परमेश्वर की योजना हर स्थिति में संपूर्ण स्पष्ट नहीं होती, और विश्वास का परीक्षा कठिन परिस्थितियों में भी टिके रहने से बनता है।

महत्वपूर्ण शब्द और चित्र

“यहोवा ने न स्वप्न के द्वारा उसे उत्तर दिया, न ऊरीम के द्वारा, और न भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा”—यह वाक्य यह दिखाता है कि परमेश्वर की डगर कभी-कभी मानवीय अनुभूति से परे जाती है। यह एक चेतावनी है कि हम संकेतों पर निर्भर रहने के बजाय परमेश्वर की पूर्ण voluntad पर टिके रहें।

संबंधित अंश (cross-references)

  • निर्ग 28:30 — ऊरीम-सीर में ईश्वर की उक्ति के मार्ग स्पष्ट होते हैं; पर यहाँ शाऊल के लिए यह मार्ग अवरुद्ध होता है, जो संकेत देता है कि परमेश्वर हर काल में अपने तरीके से सामने नहीं आते।
  • 1 समूएल 3:1 — भविष्यवाणी की शूरता और भगवान की बातों के प्रकट होने का समय; यह बताता है कि कभी-कभी परमेश्वर सीधे संवाद नहीं करते परन्तु अपनी योजना का संकेत बनाये रखते हैं।
  • 2 समूएल 15:31 — परमेश्वर के निर्णयों के आलोक में किंगशिप की वास्तविकता; अनदेखे मार्गों के बीच विश्वासी का धैर्य कितना आवश्यक है।

इन संदर्शनों में यह देखा जा सकता है कि परमेश्वर के संवाद की विविधता है, और परिस्थितियाँ कैसे भक्तों के लिए परीक्षा बन जाती हैं।

आधुनिक जीवन में अनुप्रयोग

1 शमूएल 28:6 हमें सिखाता है कि जब स्पष्ट संकेत न मिलें, तब भी हमारा विश्वास कायम रखना चाहिए। निर्णय लेने में पक्ष-पर-परख करना कठिन हो सकता है, पर परमेश्वर के सद्भाव व वाचा में बने रहने से ही हमारा विश्वास मजबूत होता है। नीचे के सुझाव मन में रखें:

  • धैर्य रखें: तत्काल उत्तर न मिले तो भी प्रार्थना और अवलोकन तेज करें।
  • विश्वास के साथ आगे बढ़ें: परमेश्वर के नैतिक सिद्धांतों के अनुसार निर्णय लें, भले ही फौरन परिणाम स्पष्ट न हों।
  • परामर्श और चेतावनियाँ: परमेश्वर के मार्ग की खोज में ठोस पटरियाँ—पवित्र शास्त्र की प्रार्थनाओं, पवित्र-आशीषी से सलाह, समुदाय के साथ चर्चा—बनाये रखें।

इस पाठ पर हमने मैथ्यू हेनरी, ऐल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के प्रकाशन-योग्य विचारों से संक्षिप्त प्रेरणा ग्रहण की है: वे कहते हैं कि परमेश्वर की आवाज कभी-कभी स्पष्ट नहीं होती, और भक्तों को अपने विश्वास-यात्रा में ईमानदारी और नैतिकता के साथ चलना चाहिए। (उद्धरण नोट: यहाँ उनके संक्षेपित विचारों का समुच्चय प्रस्तुत किया गया है; पूर्ण पाठ उद्धरण अनुष्ठान के अनुसार नहीं दिए गए।)

कुल मिलाकर, यह verses हमें यह सिखाती है कि परमेश्वर की योजना के अनुसार ही चलना है, भले ही संकेत अस्पष्ट हों। विश्वास की मदद से हम अपने समय के संघर्षों में भी शांति और विश्वास बनाए रखें।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 शमूएल 28:6 समानांतर पद और संबंधित वचन

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1 शमूएल 14:37 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 14:37 (HINIRV) »
तब शाऊल ने परमेश्‍वर से पूछा*, “क्या मैं पलिश्तियों का पीछा करूँ? क्या तू उन्हें इस्राएल के हाथ में कर देगा?” परन्तु उसे उस दिन कुछ उत्तर न मिला।

गिनती 12:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
गिनती 12:6 (HINIRV) »
तब यहोवा ने कहा, “मेरी बातें सुनो यदि तुम में कोई भविष्यद्वक्ता हो, तो उस पर मैं यहोवा दर्शन के द्वारा अपने आप को प्रगट करूँगा, या स्वप्न में उससे बातें करूँगा।

गिनती 27:21 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
गिनती 27:21 (HINIRV) »
और वह एलीआजर याजक के सामने खड़ा हुआ करे, और एलीआजर उसके लिये यहोवा से ऊरीम की आज्ञा पूछा करे; और वह इस्राएलियों की सारी मण्डली समेत उसके कहने से जाया करे, और उसी के कहने से लौट भी आया करे।”

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