Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 शमूएल 17:1 2 शमूएल 17:2 2 शमूएल 17:3 2 शमूएल 17:4 2 शमूएल 17:5 2 शमूएल 17:6 2 शमूएल 17:7 2 शमूएल 17:8 2 शमूएल 17:9 2 शमूएल 17:10 2 शमूएल 17:11 2 शमूएल 17:12 2 शमूएल 17:13 2 शमूएल 17:14 2 शमूएल 17:15 2 शमूएल 17:16 2 शमूएल 17:17 2 शमूएल 17:18 2 शमूएल 17:19 2 शमूएल 17:20 2 शमूएल 17:21 2 शमूएल 17:22 2 शमूएल 17:23 2 शमूएल 17:24 2 शमूएल 17:25 2 शमूएल 17:26 2 शमूएल 17:27 2 शमूएल 17:28 2 शमूएल 17:29



तब दाऊद अपने सब संगियों समेत उठकर यरदन पार हो गया
इस पद का तात्पर्य है कि दाऊद अपने सेनापति और सैनिकों सहित यरदन नदी को पार कर गया, और ऐसा हुआ कि पार करने वाले प्रत्येक व्यक्ति ने नदी पार कर लिया, नदी के उस पार पहुँच गए जहाँ उन्हें सुरक्षा और आगे की यात्रा के लिए जगह मिली।
संदर्भ-परिप्रेक्ष्य
2 शमूएल 17 के इस भाग में राजनीतिक-सामरिक घटनाओं के बीच दाऊद के पास एक नया मोड़ आता है। जब जलधाराओं और प्रत्यक्ष खतरे के बीच भी वह अपने लोगों को संगठित रूप से एकत्रित रखता है, तो यह संकेत देता है कि उनके नेतृत्व में लोग निराशा के पल में भी आशा और एकता से आगे बढ़ते हैं। यरदन पार होना एक प्रकार से सुरक्षा-चेतावनी भी है—पार करने के बाद वे एक नए भूभाग, नयी स्थिति और संभावनाओं के साथ आगे बढ़ते हैं।
व्याख्यात्मक अवलोकन
- संदर्भ से स्पष्ट है कि दाऊद ने एक विशाल प्रस्थान किया जो केवल सैनिकों तक सीमित नहीं, बल्कि उनके समस्त समूह का भाग था। यह दिखाता है कि उनका नेतृत्व कितना समावेषी और संगठित था।
- पारidos के साथ यह भी संकेत है कि वे नदी को पार करने के बाद सुरक्षित और दृढ़ नेतृत्व के अंतर्गत आगे बढ़े, ताकि दुश्मनों के इरादों से बचा जा सके और जीवन-यात्रा में अनुशासन बना रहे।
मुख्य विचार (थीमैटिक बिंदु)
क्रॉस-रेफरंस और उनका संक्षेप)
परिसर की विषयवस्तु में केस-आधारित संदर्भ के रूप में तीन सूक्तियाँ मिलती हैं जिनकी छोटी-सी व्याख्या नीचे है:
छोटे-से निष्कर्ष/व्यावहारिक पाठ
अगर हम कठिनाई के समय में एकता बनाए रखें, तो मार्ग स्पष्ट हो सकता है और नया चरण भी सुरक्षितly पार किया जा सकता है। दाऊद का उदाहरण यह सिखाता है कि नेतृत्व और समुदाय मिलकर जोखिम उठाते हैं और संघर्ष के बाद भी भविष्य की आशा बनाये रखते हैं।
सूचनात्मक उद्धरण (संदर्भित)
नीचे Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke से सीधे उद्धृत नहीं हैं, पर उनके विचारों के अनुरूप सामान्य प्रेरणा को समाहित किया गया है:
अनुशंसित पाठ-आधार
2 शमूएल 17:22 के घटनाक्रम के साथ अन्य संदर्भ जो समकालीन नेतृत्व, एकता और कठिनाई के समय के मार्गदर्शन के बारे में स्पष्ट चित्रण करते हैं:
- शास्त्रीय इतिहास-लेखन में कठिन समय में समूह-समायोजन और सुरक्षा-प्रथाओं का महत्व
- अनुयायियों के लिए नेतृत्व-निर्णय और सामूहिक भागीदारी
नोट: इस पाठ में प्रति-अनुवादित उद्धरणें सीधे उल्लेखित नहीं हैं, पर अभिव्यक्ति में वे टिप्पणियों के अनुसार समाहित हैं।