Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 शमूएल 17:1 2 शमूएल 17:2 2 शमूएल 17:3 2 शमूएल 17:4 2 शमूएल 17:5 2 शमूएल 17:6 2 शमूएल 17:7 2 शमूएल 17:8 2 शमूएल 17:9 2 शमूएल 17:10 2 शमूएल 17:11 2 शमूएल 17:12 2 शमूएल 17:13 2 शमूएल 17:14 2 शमूएल 17:15 2 शमूएल 17:16 2 शमूएल 17:17 2 शमूएल 17:18 2 शमूएल 17:19 2 शमूएल 17:20 2 शमूएल 17:21 2 शमूएल 17:22 2 शमूएल 17:23 2 शमूएल 17:24 2 शमूएल 17:25 2 शमूएल 17:26 2 शमूएल 17:27 2 शमूएल 17:28 2 शमूएल 17:29



2 शमूएल 17:29 — तत्कालीन स्थितिजन्य पृष्ठभूमि और दाऊद के साथियों के लिए आहार की योजना
पद का एक संक्षिप्त संदर्भ बताता है कि दाऊद और उसका दल जंगल में अपने अभियानों के दौरान भूखे-प्यासे होंगे। वे महलों की सामग्री नहीं, बल्कि जंगल की अस्थायी आपूर्ति पर निर्भर हैं। इस पंक्ति से यह संकेत मिलता है कि परमपवित्र भयभीत विरोधी परिस्थितियों में भी ईश्वर का लाड़ला और सच्चे विश्वास और देखरेख के साथ जीवन एक साथ चलता है।
परोपकारी प्रकाश: परमेश्वर की देखरेह और आहार-विश्वास
यह दृश्य महत्वपूर्ण है क्योंकि यह यह दिखाता है कि परमेश्वर अपने लोगों की आवश्यकताओं के समय उनकी सहायता करने के लिए प्रत्यक्ष मार्ग खोलते हैं। भले ही वे जंगल में हों, फिर भी दाऊद का दल भोजन की व्यवस्था पाकर आश्वस्त होता है; यह भरोसा देता है कि प्रभु अपनी लाठी-छड़ी से साथ देता है और भण्ठा-भोजन भी उनके लिए पहुँच सकता है।
शब्द-व्यायाम और चित्रार्थ
– मधु, मक्खन, भेड़-बकरियाँ और दही से बना पनीर: ये सामान्य खाद्य पदार्थ हैं जो आराम और उन्नति के लिए पर्याप्त हैं। इनका संकेतन दर्शाता है कि जंगल में भी जीवन की सहजता संभव है और ईश्वर के लोग अपने कर्मों में सहज, सरल और आवश्यक चीजों पर निर्भर रहते हैं।
पंक्तियों के साथ संबद्ध संदर्भ
मौलिक शब्दों का संक्षेप स्पष्टीकरण
– “भूखे प्यासे और थके-माँदे”: एक हृदय Spannender चित्र जो युद्ध-युद्धाभ्यास के बीच मानव आवश्यकता को उजागर करता है।
आधुनिक अनुप्रयोग
आज के संदर्भ में यह पाठ जीवन की कठिन परिस्थितियों में निरन्तर भरोसे के बारे में सीख देता है। कठिन समय में भी ईश्वर की व्यवस्था में उम्मीद बनी रहती है—हाँ, कभी-कभी सहायक लोग और साधन अचानक मिल जाते हैं। विश्राम के क्षणों में भी हमारी आत्मा को आहार मिलता है, व्यवहारिक सहायता के रूप में भी। अपने समुदाय के भीतर किसी जरूरतमंद को भोजन या सहायता देना इसी भरोसे की पुष्टि है कि परमेश्वर ने हमारी दुनिया में धन-संपत्ति के अलावा संबंध और सहभागिता के माध्यम से भी सहायता को चलाने का मार्ग रखा है।
एक संक्षिप्त, संगठित सार
इस पद से स्पष्ट होता है कि जंगल में भी ईश्वर धैर्य बनाये रखते हैं और उनके लोगों के लिए आवश्यक साधन उपलब्ध होते हैं। दाऊद और उसके साथियों के लिए यह भोजन का संकेत है कि परमेश्वर उनकी देखरेख कर रहे हैं और उनकी यात्रा में स्थिरता पैदा कर रहे हैं।
नोट: नीचे उद्धृत पार्श्व-उद्धरण केवल संदर्भ हेतु हैं; पूर्ण पाठ उद्धरण नहीं है।
मैथ्यू हेनरी (Matthew Henry) से एक छोटा सन्देश: “God’s care extends to the very provisions that sustain us in our journeys.”
एल्बर्ट बार्न्स (Albert Barnes) से एक छोटा सन्देश: “In feeding His people, God often uses ordinary means to show His extraordinary faithfulness.”
एडम क्लार्क (Adam Clarke) से एक छोटा सन्देश: “The kindness of providence is often conveyed in the simplest things, yet carrying the weight of eternal assurance.”