Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 शमूएल 19:1 2 शमूएल 19:2 2 शमूएल 19:3 2 शमूएल 19:4 2 शमूएल 19:5 2 शमूएल 19:6 2 शमूएल 19:7 2 शमूएल 19:8 2 शमूएल 19:9 2 शमूएल 19:10 2 शमूएल 19:11 2 शमूएल 19:12 2 शमूएल 19:13 2 शमूएल 19:14 2 शमूएल 19:15 2 शमूएल 19:16 2 शमूएल 19:17 2 शमूएल 19:18 2 शमूएल 19:19 2 शमूएल 19:20 2 शमूएल 19:21 2 शमूएल 19:22 2 शमूएल 19:23 2 शमूएल 19:24 2 शमूएल 19:25 2 शमूएल 19:26 2 शमूएल 19:27 2 शमूएल 19:28 2 शमूएल 19:29 2 शमूएल 19:30 2 शमूएल 19:31 2 शमूएल 19:32 2 शमूएल 19:33 2 शमूएल 19:34 2 शमूएल 19:35 2 शमूएल 19:36 2 शमूएल 19:37 2 शमूएल 19:38 2 शमूएल 19:39 2 शमूएल 19:40 2 शमूएल 19:41 2 शमूएल 19:42 2 शमूएल 19:43



आंशिक अर्थ: यह दाऊद के साथ मिलने के लिए शिमी का shimi बहूरीम निवासी बलिष्ठ ग्यारहपद्वारी से गया
यह शमूएल II 19:16 का सार यह है कि गेरा के पुत्र बिनयामीनी शिमी, जो बहूरीम का निवासी था, दाऊद से मिलने के लिए जल्दी चला। यह पद न केवल एक यात्रा की घटना बताता है, बल्कि यह यहूदियों के बीच के रिश्तों, दाऊद के शासन के समय की सामाजिक-राजनीतिक स्थितियों और संभावित बैर-सम्बन्धों की सूचनाओं को भी छूता है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
युद्ध-युग में पुत्र-राजाओं के प्रति विश्वासघात/समरचिताग्रह अक्सर राजनीतिक मोड़ बनाते थे। बहूरीम लोग समुदाय के भीतर एक विशिष्टGn पहचान रखते थे; शिमी का उल्लेख यह दर्शाता है कि वह दाऊद के साथ मित्रता या नज़दीकी संपर्क स्थापित करने के लिए तत्पर था। इस समय युधिष्ठिर-दाऊद की विश्वसनीयता और शांति-बनाने की नीतियाँ प्रचलित थीं, और ऐसे क्षणों में छोटे-छोटे कंधे-सेतु भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते थे।
प्रमुख विश्लेषण
स्वीकार्य उद्धरणों के संकेत
नीचे कुछ पुराने पवित्र-व्याख्याकारों की संकलित धारणाओं से प्रकाश मिल सकता है।
Matthew Henry: यह पाठ सीधे-सीधे न इन्वेंट्री की बात है, परन्तु दाऊद के शासन के समय मित्रता-निर्माण के लिए ऐसा कदम सामान्य था।
Albert Barnes: כאן समुदाय-सम्बन्ध और सुरक्षा-नीतियों के परिप्रेक्ष्य में यह घटना दाऊद के साथ शिमी की रुचि को दिखाती है।
Adam Clarke: बहूरीम निवासी होने के कारण सामाजिक-राजनीतिक संतुलन भी इस घटना में उभरता है; यह दाऊद-सम्बन्ध के लिए एक संकेतक है।
क्रॉस-रेफरेंसेस और उनसे जुड़ी तात्पर्य
1) 2 शमूएल 15-16: राजा के साथ विश्वासघात के संदिग्ध क्षण—यह दिखाता है कि सत्ता-चक्र में लोगों के कदम कितने निर्णायक हो सकते हैं।
2) 2 शमूएल 18:1-2: युद्ध के समय नेताओं का आचरण—श्रीमय अनुभव के साथ संबंध-निर्माण की महत्ता पर प्रकाश डालता है।
3) 1 शमूएल 25:39-43: एक बड़े समुदाय के संकट में अधिकारियों के व्यवहार और विघटन से बचने के उपाय।
संक्षिप्त निष्कर्ष
इस छोटे-से वाक्य में यह समझना चाहिए कि दाऊद के साथ मिलना एक संकेत है: यह सामंजस्य और शांतिपूर्ण संबंधों की कोशिश है, जो शासन-स्थायित्व के लिए आवश्यक है। शिमी का जल्द पहुँचना यह दर्शाता है कि समूह के भीतर विश्वास और सहयोग के सवालों पर तत्काल कदम उठाने की क्षमता महत्त्वपूर्ण होती है।
व्यावहारिक takeaway
उद्धृत स्रोत-धारणा: 2 शमूएल 19:16 के संदर्भ में पुराने टिप्पणीकारों के विचार संक्षेप इस पंक्ति के साथ समन्वयित हैं, ताकि पाठ की गहराई समझ में आये।