Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 शमूएल 7:1 2 शमूएल 7:2 2 शमूएल 7:3 2 शमूएल 7:4 2 शमूएल 7:5 2 शमूएल 7:6 2 शमूएल 7:7 2 शमूएल 7:8 2 शमूएल 7:9 2 शमूएल 7:10 2 शमूएल 7:11 2 शमूएल 7:12 2 शमूएल 7:13 2 शमूएल 7:14 2 शमूएल 7:15 2 शमूएल 7:16 2 शमूएल 7:17 2 शमूएल 7:18 2 शमूएल 7:19 2 शमूएल 7:20 2 शमूएल 7:21 2 शमूएल 7:22 2 शमूएल 7:23 2 शमूएल 7:24 2 शमूएल 7:25 2 शमूएल 7:26 2 शमूएल 7:27 2 शमूएल 7:28 2 शमूएल 7:29



इस वचन का सरल अर्थ है: हे यहोवा, तूने इस्राएल को अपनी सदा के लिए अपने लोग, अपनी व्यवस्था और आशीषों के साथ स्थिर किया है; तू ही उनका परमेश्वर है।
पार्श्वभूमि और संदर्भ
ऊर्ध्वाधर वर्तन में, नाथन की भविष्यवाणी के बाद दाऊद ने याकूब-सीमा से आगे बढ़कर यह प्रतिज्ञा की कि यहोवा इस्राएल को अपनी सदा के लिए ठहराएगा। यह वचन राज्य की दीर्घायु और धर्म-भूमिका की पुष्टि करता है: परमेश्वर ने अपने लोगों को चुन कर उन्हें अपने साथ बनाए रखा है। यह सिर्फ राजनीतिक स्थिरता नहीं, बल्कि परमेश्वर के साथ एक स्थायी संबंध का प्रतीक है।
व्याख्या के मुख्य बिंदु
कथा-संदर्भ से बोध
यह प्रकरण इस बात को स्पष्ट करता है कि परमेश्वर अपने लोगों के साथ कैसे निरंतर संबंध बनाये रखता है—ना कि वे केवल सत्ता-प्राप्ति के लिए, बल्कि अनुग्रहपूर्ण स्वामित्व के लिए। यह वचन दाऊद के शासनकाल में मिली सुरक्षा और स्थायित्व की अनुभूति को भी उभारता है, जो आगे शासक-वंश के लिए मार्गदर्शक भी है।
थीमेटिक सूची
प्रत्यक्ष cross-references (संक्षेप में)
उद्धरण-रहित संदर्भ:
व्यावहारिक निष्कर्ष
हम जैसे विश्वासियों के लिए यह स्मरण कराता है कि परमेश्वर की स्थिरता हमारे जीवन की सुरक्षा नहीं तोड़ती। जब हम उसकी वाचा के अनुसार चलें, तब हम उसकी उपस्थिती, पूर्ति और आर्शीवादों का अनुभव करते हैं। हमारी अपेक्षा भले ही परिस्थितियाँ बदलती रहें, पर परमेश्वर की सत्ता और प्रेम अचल रहते हैं।
पाद-चिन्ह (आध्यात्मिक धरोहर)
2 शमूएल 7:24 का मूल संदेश यह है कि परमेश्वर अपने लोगों को एक सच्चे घर और स्थिरता देता है। यह शब्द हमें यीशु मसीह में पूर्ण उद्धार और अनंत साझेदारी की ओर ले जाते हैं—जो परम प्रेम और निष्ठा की सर्वोच्च अभिव्यक्ति है।