Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 शमूएल 7:1 2 शमूएल 7:2 2 शमूएल 7:3 2 शमूएल 7:4 2 शमूएल 7:5 2 शमूएल 7:6 2 शमूएल 7:7 2 शमूएल 7:8 2 शमूएल 7:9 2 शमूएल 7:10 2 शमूएल 7:11 2 शमूएल 7:12 2 शमूएल 7:13 2 शमूएल 7:14 2 शमूएल 7:15 2 शमूएल 7:16 2 शमूएल 7:17 2 शमूएल 7:18 2 शमूएल 7:19 2 शमूएल 7:20 2 शमूएल 7:21 2 शमूएल 7:22 2 शमूएल 7:23 2 शमूएल 7:24 2 शमूएल 7:25 2 शमूएल 7:26 2 शमूएल 7:27 2 शमूएल 7:28 2 शमूएल 7:29



अर्थ का सीधा सार
2 शमूएल 7:27 में कहा गया है कि यहोवा ने दाऊद के दास के घर के बारे में वह शुभ सूचना प्रकट की—कि उसका घर (वंश) बनकर रहेगा। यह उद्धारक, दाऊद के उत्तराधिकारी के लिए परमेश्वर की अनुग्रहपूर्ण गारंटी है कि उसका शासन और नाम पीछे नहीं हटेगा; और दाऊद के विश्वास, कठिनाईयों के बीच भी परमेश्वर की साधना-पथ पर उसे सम्बोधित करती है।
पृष्ठभूमि
यह पाठ है एक ऐसे समय का, जब दाऊद ने ईश्वर के सामने यह चाहना व्यक्त की कि वह अपने घर के लिए एक विशिष्ट भवन-आलोकना दे। पर परमेश्वर ने उत्तर दिया कि वह दाऊद के घर को न बनाकर, दाऊद के घर के भीतर एक स्थायी संरचना की योजना बनाता है—यानी दाऊद के वंश से मसीह के आगमन की आशा और उसके राज का अमरत्व। यह वाचा, जो परमेश्वर ने दाऊद से की, उसे दाऊद के वंश के भविष्य के लिए आश्वस्त करती है।
व्याख्यात्मक टिप्पणियाँ
• प्रभु का यह वचन दाऊद की नम्रता और आस्था को गवाही देता है—उसने अपने रहते राज्य-निर्माण की सीमा को नहीं, बल्कि परमेश्वर की योजना को ग्रहण किया।
• “मैं तेरा घर बनाए रखूँगा” शब्दफुल्व न केवल दाऊद के निजी निवास पर हैं; यह एक प्रतीक है—परमेश्वर यहूदियों के समुदाय के भीतर स्थायी सुरक्षा और राजसी परिवार के माध्यम से उद्धार के योजना को आगे बढ़ाता है।
• यह वचन, भविष्य के मसीह-युग की रोशनी देता है, जिसमें दाऊद का सिंहासन शाश्वत के लिए स्थिर रहता है।
सार-सारणीदार विचार
अन्य प्रत्यक्ष पाठ-सम्बन्ध (Cross-references)
• 2 शमूएल 7:12-16: दाऊद के वंश के स्थायित्व और राजसी केंद्र की गारंटी—यहाँ परमेश्वर का वचन स्पष्ट होता है कि शासन का अन्त नहीं।
• भजन 132:11-12: दाऊद के घर की स्थिरता पर परमेश्वर की शपथ, एक दृढ़ता और अनुकूलता के प्रतीक के रूप में।
• मलाकी 3:1-4: मसीह के आगमन के पूर्व संदेश के साथ यह वचन संगत है कि ईश्वर न्याय के प्रकाश को प्रतिष्ठित करेगा।
सामंजस्यपूर्ण निष्कर्ष
यह वचन हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर अपने चेलों के लिए व्यक्तिगत निवास नहीं, बल्कि इतिहास-आकाश के भीतर एक महान योजना बनाता है। दाऊद के घर के लिए दी गई प्रतिज्ञा एक सर्वकालिक राज-सत्ता का संकेत है, जिसमें विश्वास और निष्ठा की अवधि अंततः ईश्वर की महिमा के लिए उन्मुख होती है।
उद्धृत टिप्पणीकारों के पूर्व-उद्धरण (केवल संक्षेप):
Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के कुछ संक्षिप्त विचारों को आवश्यकता अनुसार समाहित किया गया है—वे सभी परमेश्वर की योजना के गहरे विश्वास और दाऊद के प्रति आशीर्वाद की पुरानी धारा पर बल देते हैं।