2 शमूएल 7:28 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

अब हे प्रभु यहोवा, तू ही परमेश्‍वर है, और तेरे वचन सत्य हैं, और तूने अपने दास को यह भलाई करने का वचन दिया है;

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2 शमूएल 7:28 पद-दर-पद बाइबल टीका

मुख्य व्याख्या बिंदु

2 शमूएल 7:28 में दाऊद का परमेश्वर के प्रति सुविचारित विश्वास उद्घाटित होता है: प्रभु यहोवा ही परमेश्वर हैं, उनके शब्द सत्य हैं, और उन्होंने दास के प्रति भक्तिपूर्ण भलाई का वचन दिया है। यह पद यह दर्शाता है कि दाऊद ने ईश्वर की वाणी पर पूरा भरोसा किया, न कि मनुष्यों की परिस्थितियों पर, और ईश्वर ने अपने वचन को निभाने की प्रतिज्ञा से उसे आश्वस्त किया।

साहित्यिक संदर्भ

यह कविता-भाव 2 शमूएल के अंतर्गत दाऊद के प्रार्थना-स्वर का भाग है, जहाँ वह परमेश्वर के प्रति गहन विनम्रता और विश्वास व्यक्त करता है। दाऊद की यह अनुभूति एक ऐतिहासिक समय के बादJehovah के वचन-आधारित संरक्षण और वंशानुक्रम के प्रति उसकी आशा को समेटती है।

धर्मशास्त्रीय महत्त्व

- परमेश्वर का वचन सत्य है: ईश्वर के वचन अचल, परिवर्तनरहित और निष्कर्ष-युक्त होते हैं। दाऊद इसे व्यक्तिगत रूप से स्वीकार करता है।

- दास Nice के प्रति वरदान-स्वर: परमेश्वर ने दाऊद के लिए भलाई का वचन दिया है, जो उसकी गरिमा और राजसी योजना के साथ जुड़ा है। यह वचना बताता है कि परमेश्वर की कृपा और वचन एक-दूसरे का समर्थन करते हैं।

क्रॉस-रेफरेंस और उनका संक्षिप्त अर्थ

  • यहोशू 21:45 – परमेश्वर के वचन-यथार्थता का स्मरण: वे सब कुछ जो उन्होंने कहा है, सच है और पूरा होता है।
  • यूहन्ना 17:17 – सत्यं: वचन सत्य है; यीशु पिता के वचन को सत्य मानते हैं।
  • हबाकूक 2:3 – प्रतिज्ञा के समय की प्रतीक्षा: जो कहा गया है वह निश्चयDESCEND नहीं होगा; समय पर वह आएगा।

इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि परमेश्वर का वचन विश्वस्त है और उसकी योजना समय के अनुसार पूरी होती है।

विचार के प्रश्न (Reflection)

  • आपके जीवन में ऐसा कौन सा वचन है जिसे आप बार-बार याद कर अपने मन को स्थिर रखते हैं?
  • क्या आप परिस्थितियों के अनुसार परमेश्वर के वचनों को परखते हैं, या विश्वास से पहले परिणाम देखते हैं?

संक्षिप्त निष्कर्ष

यह पद दाऊद के भाव-भरे आत्म-समर्पण का केंद्र है: प्रभु तू ही परमेश्वर है, तेरे वचन सत्य हैं और तूने दास के लिए भलाई करने का वचन दिया है। इसका प्रेरक संदेश है—आत्म-विश्वास बनाकर हम परमेश्वर के सत्य के किनारे टिके रहें, क्योंकि उसकी योजना और उसका वचन हमारे जीवन की दिशा तय करते हैं।

नोट: नीचे उद्धृत अंश केवल हल्के-से संदर्भ के लिए हैं और पूर्ण पदों के लिए मूल ग्रंथ देखें।

पूर्व-समाहित उद्धरण (Public-domain स्रोतों से)

यहांश में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सीधे पूर्ण वाक्यों का उद्धरण नहीं दिया गया है; सिर्फ उनके विचारजनक संकेत दिए गए हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

2 शमूएल 7:28 समानांतर पद और संबंधित वचन

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परमेश्‍वर मनुष्य नहीं कि झूठ बोले, और न वह आदमी है कि अपनी इच्छा बदले। क्या जो कुछ उसने कहा उसे न करे? क्या वह वचन देकर उसे पूरा न करे? (रोम. 9:6-2, तीमु. 2:13)

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