Old Testament
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2 शमूएल 9:2 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
शाऊल के घराने का सीबा नामक एक कर्मचारी था, वह दाऊद के पास बुलाया गया; और जब राजा ने उससे पूछा, “क्या तू सीबा है?” तब उसने कहा, हाँ, “तेरा दास वही है।”
2 शमूएल 9:2 पद-दर-पद बाइबल टीका
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2 शमूएल 9:2 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 शमूएल 19:17 (HINIRV) »
उसके संग हजार बिन्यामीनी पुरुष थे और शाऊल के घराने का कर्मचारी सीबा अपने पन्द्रह पुत्रों और बीस दासों समेत था, और वे राजा के सामने यरदन के पार पैदल उतर गए।

2 शमूएल 16:1 (HINIRV) »
दाऊद चोटी पर से थोड़ी दूर बढ़ गया था, कि मपीबोशेत का कर्मचारी सीबा एक जोड़ी, जीन बाँधे हुए गदहों पर दो सौ रोटी, किशमिश की एक सौ टिकियाँ, धूपकाल के फल की एक सौ टिकियाँ, और कुप्पी भर दाखमधु, लादे हुए उससे आ मिला।

उत्पत्ति 39:6 (HINIRV) »
इसलिए उसने अपना सब कुछ यूसुफ के हाथ में यहाँ तक छोड़ दिया कि अपने खाने की रोटी को छोड़, वह अपनी सम्पत्ति का हाल कुछ न जानता था। यूसुफ सुन्दर और रूपवान था।
पाठ—2 शमूएल 9:2 (HINIRV): शबा नामक सेवक का दाऊद के पास आना
पाठ में हम देखते हैं कि दाऊद एक विशेष प्रकार की कृपा और निर्णय-यात्रा की ओर अग्रसर है: वह यह जानना चाहता है कि शाऊल के घराने से कौन-सा सदस्य अभी जीवित है और उनके साथ कैसे व्यवहार करना उचित होगा। इस एक वाक्य के भीतर, शौर्य, दया, और दयालु राज्य-निष्ठा की करुण गाथा का संकेत मिलता है।
पाद के साथ पठन-निरुपण
2 शमूएल 9:2 में सीबा नामक कर्मचारी दाऊद के पास बुलाया गया और राजा ने उससे पूछा, “क्या तू सीबा है?” वह उत्तर देता है, “हाँ, तेरे दास वही है।” यहाँ संवाद सीधे और सरल है, परन्तु पीछे की कहानी गहरी है—दाऊद अपने पूर्व-आराम के अनुशासन के साथ शिवा की संतति और शाऊल के वंश से संबंध रखने वाले लोगों के प्रति अपने दयालु दृष्टिकोण की परख कर रहा है।
मुख्य बिंदु और आध्यात्मिक पाठ
- दाऊद का अनुरोध—उनके इतिहास के अंशों को जानना और उनके साथ न्याय करना—यह दर्शाता है कि वह दया और संघ-संस्कार के परम उद्देश्य की ओर बढ़ रहा है।
- सीबा के सत्यापित उत्तर से दिखता है कि वह राजा के साथ निष्ठा के साथ जुड़ा है, जो कि यह संकेत देता है कि दाऊद का राज्य उसे भी एक नया अवसर दे सकता है।
अन्य बाइबल पाठों के साथ संगति
- 2 शमूएल 4–5 अध्यायों में दाऊद की नीति-निर्णय प्रक्रिया और राजकाज के प्रति उसकी करुणा-युक्त दृष्टि के संदर्भ मिलते हैं; यह पाठ दर्शाता है कि दाऊद अन्य शाऊल–घराने के सदस्यीय दायित्व को कैसे मानते हैं।
- अन्य उद्धृत उदाहरण जहां राजा अपनी प्रजा के प्रति दया दिखाते हैं, वे हमें संकेत देते हैं कि सत्ता के साथ करुणा का संयोजन परमेश्वर की दृष्टि में सुरक्षित और सफल है।
महत्वपूर्ण पाठ्य-मनोभाव
- राज्यों के बीच विभाजन और प्रति-स्थापना के समय दाऊद की करुणा-संवेदना, एक प्रबल नैतिक निर्देश है: सत्ता को दया, सत्कार, और सम्मान के साथ चलना चाहिए।
आवेदन (व्यावहारिक अनुप्रयोग)
क्रॉस-रेफरेंस (संक्षेप में और गैर-पूर्ण पाठ)
- न्याय और दया के संतुलन पर विचार करने के लिए रूल-लाइन: दाऊद की दया का गुण, और फिर राजा के रूप में उनका आचरण—यह संतुलन दिखाता है कि प्रभु-राज्य में दया परमेश्वर की इच्छा से मेल खाती है।
- दया के साथ कर्तव्य-पालन: जो लोग शासन के भीतर रहते हैं, उनके लिए भी दया और नीति एक साथ चलते हैं।
संक्षेप
इस वाक्य से स्पष्ट होता है कि दाऊद का शासन अपने साथी और शत्रु—दोनों के प्रति दया और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का संकेत देता है। सीबा की पुष्टि इस बात का संकेत है कि दाऊद अपने पूर्वजों की याद और उनके वंश से जुड़ी जड़ें भी मानते हैं, जबकि नए राज्य के लिए वह नये अवसरों को स्वीकारना चाहते हैं।
टिप्पणियाँ: इस पाठ के आधार पर Matthew Henry, Albert Barnes, और Adam Clarke के अद्वितीय उद्धरण नीचे दिए जा सकते हैं (यदि उपलब्ध हों)—परन्तु संकलन में सीधे पाठ के उद्धरण सीमित रूप में ही सम्मिलित किए जाते हैं:
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