Old Testament
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2 शमूएल 9:8 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
उसने दण्डवत् करके कहा, “तेरा दास क्या है, कि तू मुझे ऐसे मरे कुत्ते की ओर दृष्टि करे*?”
2 शमूएल 9:8 पद-दर-पद बाइबल टीका
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2 शमूएल 9:8 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 शमूएल 16:9 (HINIRV) »
तब सरूयाह के पुत्र अबीशै ने राजा से कहा, “यह मरा हुआ कुत्ता मेरे प्रभु राजा को क्यों श्राप देने पाए? मुझे उधर जाकर उसका सिर काटने दे।”

1 शमूएल 24:14 (HINIRV) »
इस्राएल का राजा किस का पीछा करने को निकला है? और किस के पीछे पड़ा है? एक मरे कुत्ते के पीछे! एक पिस्सू के पीछे!

पाठ-सरल प्रवाह और संदर्भ
2 शमूएल 9 अध्याय में से यह छोटा पर अत्यंत भावपूर्ण दृश्य राजा दाऊद की करुणा और अनुग्रह को दिखाता है। राजा दाऊद ने स्वयं एक राज्य-स्वामित्व और सामर्थ्य के साथ नगर-नगर में अपने पूर्व राजा यशवील के बेटे मेफिबोशेत के साथ एक असामान्य संबंध स्थापित किया। मेफिबोशेत, जो दाऊद के दरबार में एक कुटुम के शुद्ध सदस्य के रूप में नहीं माना गया था, अब दाऊद के प्रति आभारी है क्योंकि राजा ने दास पुत्र की जगह उसे अपने सिंहासन के निकट स्थापित कर दिया। इस अंश में दाऊद एक पूर्व विरोधी से भी करुणा जताने की मिसाल बनते हैं, और एक दयालु राजा की बहादुरी के साथ मेफिबोशेत को सम्मान देता है।
Verse in focus - 2 शमूएल 9:8
उसने दण्डवत् करके कहा, “तेरा दास क्या है, कि तू मुझे ऐसे मरे कुत्ते की ओर दृष्टि करे*?”
कथा-वस्तु का संक्षेप
दरअसल घटनाक्रम यह है कि दाऊद एक पीड़ित परिवार के बचे हिस्से के प्रति दया दिखाते हैं और शाउन की बहन के पुत्र मेफिबोशेत के लिए कृपा का हाथ बढ़ाते हैं। यहाँ मेफिबोशेत दाऊद के सामने एक विनम्र-आदर सहित प्रस्तुत होता है, वह अपने दास-स्वरूप की ग़लतफहमी और उपेक्षा के लिए माफी मांग रहा है। इस वाक्य में उसे अपने दास-स्वरूप पर चोट लगती है, जो उसकी स्थिति के विपरीत है, पर उसका बहादुरी और समर्पण उसकी भावनात्मक स्थिति को दर्शाते हैं।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
अन्य बाइबिल अवतरणों से सम्बद्धता
– दया और स्थानापन्न कृपा के विषय में 2 शमूएल 4:4 और 1 सम 3:13 के संदर्भों में दाऊद-काल के लिए करुणा की महत्ता उभरती है।
– राज्य-सम्पत्ती और मित्रता की पवित्रता विषय में 1 सम 20:28 आदि से प्रेरणा मिलती है कि सत्ता के साथ के मूर्त प्रेम और न्याय एकसाथ चलना चाहिए।
– यह दृश्य बाइबल की प्रत्यक्ष दया-उन्मुख नीति को समर्पित करता है कि शक्तिशाली भी कमजोरों के प्रति संजीदा हों।
मुख्य पाठ को समझने के लिए परिचित उद्धरण
नीचे उद्धरण केवल संदर्भ हेतु हैं और पूर्ण पाठ नहीं हैं। अगर किसी टिप्पणी-उद्धरण का उल्लेख हो, उसी का संकेत किया गया है:
“जो दया दिखाता है, वही दूसरों के लिए भी दया पाएगा।”
“अरथात, दया से चालना चाहिए; नहीं तो सत्ता की आड़ में क्रूरता बढ़ती है।”
जीवन पर अनुप्रयोग
सूक्ष्म cross-references और संक्षिप्त स्पष्टीकरण
- संदर्भ 1: दया के सिद्धांत को समझाने वाले बाइबिल विचार—यह बताता है कि प्रभु के कारण दूसरों के प्रति करुणा प्रकट होनी चाहिए।
- संदर्भ 2: सत्ता के साथ दया-संयोजन—जो व्यक्ति प्रभावशाली है, उसे भी दयालु होना चाहिए ताकि समाज में विश्वास बना रहे।
- संदर्भ 3: विनय और सम्मान—जो अपने आप को कम दिखाने से भी सम्मान पाते हैं, वे दूसरों के लिए सुरक्षा बन जाते हैं।
संक्षिप्त सार
यह विनम्र दृश्य हमें सिखाता है कि सत्ता और दया एक साथ चलनी चाहिए। मेफिबोशेत की विनम्रता और दाऊद की करुणा मिलकर एक ऐसी परंपरा की ओर इशारा करती है जिसमें कमजोर भी सम्मान पाते हैं और समाज में सुरक्षा बढ़ती है।
उद्धरण-उद्धृतियाँ: यह नजदीकी पाठ के भीतर Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के एकदम शाब्दिक उद्धरण नहीं हैं, बल्कि उनके टिप्पणी-तत्वों के अनुसार सामान्य अर्थ निकाले गए हैं।
छोटी-सी पंक्तियाँ
– करुणा सत्ता से ऊपर है; – विनय से मिलती है सुरक्षा; – दया से बढ़ती है विश्वसनीयता।