Old Testament
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2 शमूएल 9:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
जब मपीबोशेत, जो योनातान का पुत्र और शाऊल का पोता था, दाऊद के पास आया, तब मुँह के बल गिरके दण्डवत् किया*। दाऊद ने कहा, “हे मपीबोशेत!” उसने कहा, “तेरे दास को क्या आज्ञा?”
2 शमूएल 9:6 पद-दर-पद बाइबल टीका
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2 शमूएल 9:6 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 शमूएल 16:4 (HINIRV) »
राजा ने सीबा से कहा, “जो कुछ मपीबोशेत का था वह सब तुझे मिल गया।” सीबा ने कहा, “प्रणाम; हे मेरे प्रभु, हे राजा, मुझ पर तेरे अनुग्रह की दृष्टि बनी रहे।”


2 शमूएल 9:6 का संदर्भ और अर्थ
पद में जब मपीबोशेत, जो योनातान का पुत्र और शाऊल का पोता था, दाऊद के पास आया, और दाऊद ने उसे दण्डवत् देखा, तब दाऊद ने कहा, “हे मपीबोशेत!” मपीबोशेत ने उत्तर दिया, “तेरे दास को क्या आज्ञा?” यह दृश्य दाऊद-कथा के एक महत्वपूर्ण मोड़ को दर्शाता है: दाऊद ने योनातान के परिवार के साथ संरक्षित और सम्मानजनक व्यवहार की अपनी प्रतिज्ञा पूरी करने की ठान ली।
केंद्रीय अर्थ
यहाँ दाऊद ने मपीबोशेत को 신뢰योग्य सम्मान और सहायता का आश्वासन दिया। वह पूर्वाग्रहों से मुक्त होकर, राजधानी के सामाजिक-राजनैतिक परिवेश में भी परिवार के हितों को प्राथमिकता देता है। यह घटना दिखाती है कि दाऊद ने अपने परिवार के प्रति अपनी प्रतिज्ञा को निष्पादन का वास्तविक व्यवहार बनाकर दिखाया; अपनी सत्ता की पराकाष्ठा के बीच भी वह कृपा और न्याय का मार्ग चुनता है।
मुख्य विषय
Related passages (संघर्ष और कृपा के संदर्भ)
- 2 शमूएल 4:4 और 9:1–3: मपीबोशेत का परिचय और दाऊद के प्रति उनके परिवार की दयालुता/कष्ट।
- 2 शमूएल 21:1–3: दाऊद की प्रतिज्ञाओं और restitution के दायित्व का परस्पर संबंध।
नोट: इन संदर्भों से यह समझ आता है कि दाऊद की सत्ता के बावजूद वह परिवार के प्रति दया-भाव और न्याय की दृष्टि बनाए रखना चाहता है।
व्यावहारिक विचार
जो तरीके से दाऊद ने मपीबोशेत के साथ व्यवहार किया, वह आज के समाज में भी व्यवहार-निर्देश देता है: सत्ता के साथ सम्मान, सुरक्षा और सहायता से संबंध बनते हैं; दयालुता से किसी भी दूरी को पाटना संभव है। यदि हम किसी के लिए प्रतिज्ञा करते हैं, तो उसका पालन करना चरित्र की मजबूती है।
छोटे अनुच्छेद में सार
इस वाक्य से स्पष्ट होता है कि दाऊद ने योनातान के घर की सुरक्षा के लिए अपना शब्द निभाया। मपीबोशेत ने भी विनम्रता से उत्तर दिया, और चूँकि इतिहास वही बताता है कि राजसी न्याय और प्रेम साथ-साथ चलते हैं, इसलिए यह क्षण दाऊद-राज के लिए एक सकारात्मक संकेत बन गया।
क्रॉस-रेफरेंस (cross-references) और उनका संक्षिप्त संबंध/व्याख्या
- 1 समuएल 20:14–17: प्रतिज्ञाओं के प्रति दृढ़ता की समीक्षा। यह बताता है कि मित्र और परिवार की सुरक्षा के लिए किए गए वचनों का मान रखना कितना महत्त्वपूर्ण है।
- 2 समuएल 9:1–3: दाऊद की दया और परिवार-निष्ठा की पृष्ठभूमि। यह दर्शाता है कि राजा का धर्म-कर्तव्य कैसे व्यक्तिगत रिश्तों से जुड़ता है।
- 2 समuएल 21:1–3: दया और कानून के पारस्परिक संतुलन पर विचार। प्रतिज्ञाओं के प्रति उत्तरदायित्व संपूर्ण समाज को प्रभावित करते हैं।
अनुशंसा: इस पात्र-घटना से स्पष्ट होता है कि ईश्वर के लोगों के लिए न केवल शक्ति बल्कि करुणा और न्याय की सन्तुलित दृष्टि आवश्यक है।
शब्दार्थ सार: दाऊद का आह्वान-उत्तर, मपीबोशेत की विनम्रता, प्रतिज्ञा-पालन, और पिता-समकक्षा का संकेत।