Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी2 शमूएल 9:9 बाइबल पद की व्याख्या
2 शमूएल 9:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब राजा ने शाऊल के कर्मचारी सीबा को बुलवाकर उससे कहा, “जो कुछ शाऊल और उसके समस्त घराने का था वह मैंने तेरे स्वामी के पोते को दे दिया है।
2 शमूएल 9:9 पद-दर-पद बाइबल टीका
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2 शमूएल 9:9 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 शमूएल 19:29 (HINIRV) »
राजा ने उससे कहा, “तू अपनी बात की चर्चा क्यों करता रहता है? मेरी आज्ञा यह है, कि उस भूमि को तुम और सीबा दोनों आपस में बाँट लो।”

2 शमूएल 16:4 (HINIRV) »
राजा ने सीबा से कहा, “जो कुछ मपीबोशेत का था वह सब तुझे मिल गया।” सीबा ने कहा, “प्रणाम; हे मेरे प्रभु, हे राजा, मुझ पर तेरे अनुग्रह की दृष्टि बनी रहे।”

1 शमूएल 9:1 (HINIRV) »
बिन्यामीन के गोत्र में कीश नाम का एक पुरुष था, जो अपीह के पुत्र बकोरत का परपोता, और सरोर का पोता, और अबीएल का पुत्र था; वह एक बिन्यामीनी पुरुष का पुत्र और बड़ा शक्तिशाली सूरमा था।
क्यों यह पद महत्त्वपूर्ण है
2 शमूएल 9:9 में राजा डन होने के बाद भी दयालुता की एक अलग मिसाल दिखती है। यहाँ राजा דוד ने शाऊल के परिवार के प्रति सत्ता के भीतर भी एक नवीन संवेदना और जिम्मेदारी दिखाई, जो यह बताती है कि सत्ता और उत्तराधिकारी होने के बावजूद दया, समानता और चंगाई के道路 खुलते हैं। यह वचन यह सिखाता है कि परमेश्वर के लोग कैसे अपने राज्य और उपाधियों को आत्मिक और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ निभाते हैं—क्योंकि परमेश्वर की कृपा से यदाकदा कमजोरों को सुरक्षा और सम्मान मिलता है।
ऐतिहासिक संदर्भ और मूल पाठ समझना
यह संदर्भ ड्योत-युग के बाद के राजनीतिक वातावरण का है, जहाँ डविड एक नए राज्य-व्यवस्था की स्थापना कर रहा है। शाऊल का नौकर सीबा, जिसने शाऊल के परिवार के समय से सत्ता का अनुभव किया था, अब डविड के भरोसे पर है। शब्दशः वाक्य यह संकेत देते हैं कि डविड अपने पूर्वजों के माध्यम से स्थापित व्यक्तिगत दायित्वों को भी निभाने के लिए आगे बढ़ रहा है—शाऊल के घराने के प्रति चेतावनी नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व और संरक्षण।
मुख्य संदेश और प्रभारी विचार
इस verse का केंद्रक संदेश यह है कि सचेत सिक्कों की तरह सत्ता को भी एक सुरक्षित और उदार उपयोग की आवश्यकता है। डविड के कर्म से यह स्पष्ट होता है कि वह शाऊल के पोते मीफिबोशेत को अपनी योजनाओं के भीतर नहीं भूलता, बल्कि उसकी सुरक्षा और सम्मान की जिम्मेदारी उठाता है। यह एक प्रकार से सामाजिक न्याय, रिश्तों की स्थिरता और दया के साथ नेतृत्व करने का आदर्श प्रस्तुत करता है।
टेक्स्ट से प्राप्त प्रेरक विचार
क्रॉस-रेफरेंसेस
नीचे दिए गए संदर्भ दृष्टि को गहराई देते हैं, किन्तु पूर्ण वचन नहीं दोहराते:
विवेचनात्मक अनुप्रयोग
- नेतृत्व में दया: एक राजा के रूप में डविड का व्यवहार यह दर्शाता है कि सत्ता को दया और न्याय के साथ जोड़ा जा सकता है।
- सुरक्षा का संस्कार: कमजोरों को सुरक्षा और सम्मान देना सामाजिक स्थिरता का आधार है।
आध्यात्मिक देवotional दृष्टिकोण
हम भी अपने जीवन में देख सकते हैं कि किस प्रकार हमारे रिश्ते, रंग-रूपी प्रभाव और शब्द-क्रियाएं विभागों के भीतर दया का प्रकाश बन सकती हैं। प्रभु हमारी कमजोरियों के समय भी हमें संभालते हैं, और नेतृत्व में हमारे जैसे लोग दया-युक्त उदाहरण बनें।
संक्षिप्त निष्कर्ष
2 शमूएल 9:9 हमें यह स्मरण कराता है कि सत्ता और राज्य के भीतर भी दया, सुरक्षा और न्याय का संतुलन बनाए रखना चाहिए—और यह संतुलन डविड की तरह एक नये शासन की प्रेरणा बन सकता है।
सीधे उद्धरण (जहाँ लागू)
शब्दों का सटीक उद्धरण उपलब्ध नहीं है; यदि आप पठन-छाँट कर देखें, तो "जो कुछ शाऊल और उसके समस्त घराने का था..." जैसे वाक्यों में क्षमा-योग्यता और उत्तरदायित्व के संकेत मिलते हैं, जो 18वीं और 19वीं शताब्दी के पारंपरिक टिप्पणीकारों के विचारों के साथ संगत पाते हैं।Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के स्वीकृत छोटे उद्धरण काम के भीतर ही उद्धृत हैं:
उद्धरण जिनका उल्लेख किया गया है (संक्षेप):
Matthew Henry: उल्लेखित छोटे उद्धरण नहीं हैं; यदि उपलब्ध हों तो प्रामाणिक पाठनों के साथ उद्धृत होंगे।
Albert Barnes: उल्लेखित छोटे उद्धरण नहीं हैं; स्रोत-आधारित टिप्पणीकार के शब्द उपलब्ध हों तो शामिल होंगे।
Adam Clarke: उल्लेखित छोटे उद्धरण नहीं हैं; आवश्यक हो तो वह भी यदि उपलब्ध हो दें।