Old Testament
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आमोस 6:11 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
क्योंकि यहोवा की आज्ञा से बड़े घर में छेद, और छोटे घर में दरार होगी।
आमोस 6:11 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
आमोस 6:11 समानांतर पद और संबंधित वचन
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आमोस 3:15 (HINIRV) »
और मैं सर्दी के भवन को और धूपकाल के भवन, दोनों को गिराऊँगा; और हाथीदाँत के बने भवन भी नष्ट होंगे, और बड़े-बड़े घर नष्ट हो जाएँगे,” यहोवा की यही वाणी है।

यशायाह 55:11 (HINIRV) »
उसी प्रकार से मेरा वचन भी होगा जो मेरे मुख से निकलता है; वह व्यर्थ ठहरकर मेरे पास न लौटेगा, परन्तु, जो मेरी इच्छा है उसे वह पूरा करेगा*, और जिस काम के लिये मैंने उसको भेजा है उसे वह सफल करेगा।

2 राजाओं 25:9 (HINIRV) »
उसने यहोवा के भवन और राजभवन और यरूशलेम के सब घरों को अर्थात् हर एक बड़े घर को आग लगाकर फूँक दिया।
आमतौर पर अर्थ क्या कहता है
आमोस 6:11 कहता है कि यहोवा की आज्ञा से बड़े घर में छेद और छोटे घर में दरार होगी। यह संकेत देता है कि समाज की समस्त सम्पन्नता और सुरक्षा कितनी भी मजबूत क्यों न हो, परमेश्वर की सजगता और न्याय से छुप नहीं सकती। बड़े घर-बार का विनाश भी वही होता है जो छोटे घरों के भीतर उजागर होता है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
याहू וב के समय उत्तर-राज्यों के भीतर सामाजिक असमानता और आत्म-वर्धन का घृणित क्रम था। मिसाल के तौर पर, समृद्ध और प्रभावशाली लोग अपने आराम और वैभव में मग्न थे, जबकि समाज के बाकी हिस्से असमान विवेक और अपराध-जनित व्यवस्था के शिकार थे। Amos (आमोस) ने ईश्वर के न्याय को societary स्थिति से ऊपर उठाकर बताया: विनाश तब आता है जब आंतरिक छल-छद्म, अन्याय, और द्वेष व्यापक रूप से फैल जाते हैं। इस वाक्य में परमेश्वर के नियम के विरुद्ध चलती संरचना का अंत स्पष्ट है—जहां बड़े घरों में छेद होते हैं, वहीं छोटे घरों में दरारें उठती हैं; दोनों स्थिति एक ही दिव्य परीक्षण की ओर इशारा करती हैं।
व्याख्यात्मक अवलोकन
- छेद का अर्थ: बड़े घरों में गुप्त भ्रष्टाचार, आर्थिक भ्रष्टाचार या शक्तिशाली वर्ग की निर्लज्जता जो अंततः ढह जाएगी।
- दरार का अर्थ: छोटे घरों में नैतिक क्षय, परिवारिक टूट-फूट, और व्यक्तिगत ढुलमुलपन जो समाज को कमजोर बनाते हैं।
- शब्द चयन: यहोवा की आज्ञा से—यानी परमेश्वर के नियम और न्याय के विरुद्ध बनी संरचना की वास्तविकता।
मुख्य विचारधारात्मक बिंदु
क्रॉस-रेफरेंसेस और उनके संक्षेप प्रभाव
1) माइकलिर्ष उपदेश: सामाजिक न्याय के लिए उदाहरणिक उठखड़ी का आह्वान करता है; अहंकार और अन्याय अंततः टूटते हैं।
2) इब्रानी साहित्य में न्याय-परक निर्देश: बाह्य वैभव बनाम आंतरिक पवित्रता—नहीं दोनों एक साथ टिकते हैं।
3) पुराने नियम के न्याय के कानून: यदि समाज में दमन और अन्याय बढ़े, तो परमेश्वर का असहाय रहना नहीं माना जाएगा।
नोट: उपरोक्त क्रॉस-रेफरेंसेस के संक्षेप भागार्थ केवल विचार-आधार हैं; पूर्ण पद किसी भी उद्धृत पाठ से नहीं लिया गया है।
व्यावहारिक निष्कर्ष
हम कैसे समाहित हों? अपने जीवन में न्याय, करुणा और सत्य के लिए सचेत प्रयास करें। सामाजिक विभाजन के बजाय प्रत्येक परिवार और समुदाय में ईमानदारी, वजनदार निर्णय और प्रभु के मार्ग पर चलना अधिक सुरक्षित बनाता है। परिशुद्धता और दया दोनों से एक समाज स्थिर हो सकता है।
संक्षिप्त निष्कर्ष
कहना यह है कि बड़े और छोटे दोनों ही स्तरों पर ईश्वर की आस्था और न्याय के कारण विचलन टूटता है। जो लोग प्रभु की वाणी से दूर रहते हैं, वे अपने मंचों पर ही नहीं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में कमजोर पड़ते हैं।