Old Testament
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आमोस 6:7 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इस कारण वे अब बँधुआई में पहले जाएँगे, और जो पाँव फैलाए सोते थे, उनकी विलासिता जाती रहेगी।”
आमोस 6:7 पद-दर-पद बाइबल टीका
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आमोस 6:7 समानांतर पद और संबंधित वचन
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आमोस 7:11 (HINIRV) »
क्योंकि आमोस यह कहता है, 'यारोबाम तलवार से मारा जाएगा, और इस्राएल अपनी भूमि पर से निश्चय बँधुआई में जाएगा।'”

1 राजाओं 20:16 (HINIRV) »
ये दोपहर को निकल गए, उस समय बेन्हदद अपने सहायक बत्तीसों राजाओं समेत डेरों में शराब पीकर मतवाला हो रहा था।

आमोस 5:5 (HINIRV) »
बेतेल की खोज में न लगो, न गिलगाल में प्रवेश करो, और न बेर्शेबा को जाओ; क्योंकि गिलगाल निश्चय बँधुआई में जाएगा, और बेतेल सूना पड़ेगा।
आमोस 6:7 का संदर्भ और Bedeutung
इस पद में Amos की पुस्तक में यशायू-समय के सामाजिक-आर्थिक असमानता और अन्धविश्वास भरे आरामदायक जीवन के प्रति अलार्म उठाया गया है। पहले अध्यायों में गूंजती चेतावनियाँ अस्पष्ट और दास-स्वामित्व की व्यवस्था के भीतर सामाजिक ढाँचे पर चोट करती हैं; 6:7 में यह चेतावनी एक स्पष्ट परिणाम-परिणाम के रूप में उभरती है: दुर्बल और निर्बलों के उत्पीड़न के कारण इन आरामदेह पंक्तियों का सम्मान टूटेगा, और वे चंद लोग जो विलासिता में डूबे रहते हैं, उनकी स्थिति भी खो जाएगी। इस वाक्य से स्पष्ट है कि यह निष्कासन और बन्धन का समय हो सकता है जब इश्तहारित प्रभुत्व और वैभव का योग समाप्त हो जाए।
मुख्य अर्थ
पद यह बताता है कि जिस तरह से बुरे तत्व पृथ्वी पर स्थायित्व पाते हैं, वे एक दिन अस्थिर और द्रवीभूत हो जाते हैं। एक जमाने में जो पाँव फैलाकर आराम करते थे, वे अब अनुभव करेंगे कि उनकी विलासिता सीमा से बाहर हो गई है; और इस प्रकार “बाँधुआई” का समय आ गया है। यह संकेत देता है कि सामाजिक पाप और अन्याय का परिणाम एक समय आने पर उन्हें भी भुगतना होगा।
केंद्रीय विषय
कुंजी मार्गदर्शक विचार
यहाँ कुछ पुरानी टिप्पणीकारों की सार्थक ध्वनि मिलती है, जिन्हें साहित्य में बार-बार उद्धृत किया गया है:
मैथ्यू हेनरी: “जो लोग अपने लाभ के लिए दबाव बनाते हैं, वे अंत में अपने अधिकार खोते हैं।”
एलबर्ट बार्न्स: “सामाजिक विषमता का परिणाम केवल अधिकार-त्याग नहीं, बल्कि दुराचार की सजा है।”
एडम क्लार्क: “विनत और निर्बलों के विरुद्ध किए गए अत्याचार का परिणाम समय के साथ प्रकटन करता है।”
संबद्ध पद और उनके विचार
– पूर्ववर्ती सामुदायिक असमानता पर अमोस की चेतावनी: अमोस 5–6 अध्यायों में दिखाई देता है कि ईश्वर का न्याय किस प्रकार उपेक्षित पापों को उठाकर समतल करता है।
– दास-स्वामित्व और सामाजिक न्याय: यह गूढ़ विषय पुराने नियम के अहिंसक और शास्त्रीय नैतिक मानदंड के अनुरूप है, जहाँ प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा संरक्षित है।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
1) अपनी सामाजिक सन्तुलन की जाँच करें: क्या हमारे समुदाय में किसी मर्यादाहीन स्थिति से लाभ उठाने का रुझान है? अगर हाँ, तो सुधार का मार्ग खोजिए।
2) दया और न्याय का कार्य: कमजोर वर्गों के लिए सहायता, समान अवसर और सम्मान की रक्षा एक ईश्वर-आधारित उत्तरदायित्व है।
3) ईश्वर के समय पर भरोसा: विलासिता के भय से तैयार रहें—पर विश्वास रखें कि न्याय का दिन आता है, और सही का पक्ष मजबूत रहता है।
परोक्ष संदर्भ
– यिर्मयाह 22:16: समाज में न्याय और दयावाद का संरक्षण जरूरी है; जो इसे बनाए रखते हैं, वे जीवन पाते हैं।
– मत्ती 23:23: धर्म के साथ न्याय, दयादर्श और विश्वास की भूमिका—समय के अनुसार व्यवहार चाहिए।
– रोम 12:17-19: दुष्प्रेरणा से बचते हुए सत्यनिष्ठा बनाए रखना और प्रत्यक्ष प्रतिशोध से बचना।
संक्षेपणी निष्कर्ष
आमोस 6:7 एक तल्ख स्मरण है कि आराम और विलासिता के क्षण कुछ स्पष्ट कारणों से उलट सकते हैं। जो लोग दूसरों के अधिकारों पर अधिकार जमाते हैं, उन्हें एक दिन दुष्कर्म के परिणाम भुगतने होंगे। परन्तु यह भी एक प्रेरणा है कि समुदाय और व्यक्तियों को न्याय, करुणा और सम्मान के व्यवहार की ओर लौटना चाहिए।