Old Testament
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आमोस 6:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
यदि किसी घर में दस पुरुष बचे रहें, तो भी वे मर जाएँगे।
आमोस 6:9 पद-दर-पद बाइबल टीका
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आमोस 6:9 समानांतर पद और संबंधित वचन
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आमोस 5:3 (HINIRV) »
क्योंकि परमेश्वर यहोवा यह कहता है, “जिस नगर से हजार निकलते थे, उसमें इस्राएल के घराने के सौ ही बचे रहेंगे, और जिससे सौ निकलते थे, उसमें दस बचे रहेंगे।”

1 शमूएल 2:33 (HINIRV) »
मैं तेरे कुल के सब किसी से तो अपनी वेदी की सेवा न छीनूँगा, परन्तु तो भी तेरी आँखें देखती रह जाएँगी, और तेरा मन शोकित होगा, और तेरे घर की बढ़ती सब अपनी पूरी जवानी ही में मर मिटेंगे।

एस्तेर 9:10 (HINIRV) »
अर्थात् हम्मदाता के पुत्र यहूदियों के विरोधी हामान के दसों पुत्रों को भी घात किया; परन्तु उनके धन को न लूटा।
आमतः अर्थ का संक्षेप ( Amos 6:9, HINIRV)
यह पद सीधे कहता है कि यदि किसी घर में दसे आदमी बचे रहें, तो भी वे मर जाएँगे। सरलभाषा में इसे दंड की गहरी सख्ती और सामाजिक असमानता के कारण होने वाले आपदा के चित्र के रूप में पढ़ना चाहिए; यह युग-विशिष्ट नहीं है, बल्कि उन लोगों के लिए भी है जो आराम और सुरक्षा के भरोसे रहते हैं, पर परमेश्वर के नियंत्रण से बच नहीं सकते।
पृष्ठभूमि और स्थिति
अहोम का यह भाग उन्मत्त वर्गीय असमानता और प्रजा के निर्बल/धनी के बीच असंतुलन को उजागर करता है। नबी Amos समुदाय के भीतर की बेपरवाही और आत्म-आश्वासन के विरुद्ध चेतावनी देते हैं: “जो सुख-शांति के पथ पर हैं, वे विपत्तियों के दिन से अनजान हैं।” यहाँ पात्र सामान्य जीवन की सुरक्षा को कल्पनाशील मानकर चल रहे हैं, पर परमेश्वर की ओर से आने वाली कठिनाई उन्हें भी नहीं बख्शेगी।
व्याख्यात्मक अवलोकन
थीमेटिक बिंदु
अनुसार-संदर्भ (Cross-references)
1) इब्राहीम के समय की आत्म-आश्वासन पर प्रकाश डालता जो वास्तव में अधूरा था; यह संदर्भ समझाने में मदद करता है कि बाह्य सुरक्षा कितनी भी हो, अंततः परमेश्वर के निर्णय के अधीन है।
2) अन्यायपूर्ण सामाजिक व्यवस्था के विरुद्ध नबी-उद्धार का संदेश देता है; यह दर्शाता है कि धार्मिक आडंबर के भीतर भी नीच-घटनों का न्याय होना चाहिए।
3) दंड और उद्धार के बीच संतुलन—परमेश्वर क्यों क्रोध करता है, और कैसे उनकी क्षमा की योजना फिर भी प्रभावी रहती है।
व्यावहारिक निष्कर्ष
हम यह समझें कि सुरक्षा के भ्रम के बावजूद जीवन के अस्थायित्व का ज्ञान हमें संयम, दया और सामाजिक जिम्मेदारी की ओर प्रेरित करता है। अपने समूहों, परिवारों और समुदायों में असमानताओं के प्रति सचेत रहें; भय के समय में भी परमेश्वर के न्याय और करूणा के विश्वास को बनाए रखें।
आवश्यक उद्धरण संक्षेप
यह पंक्ति सीधे कहती है: “यदि किसी घर में दस पुरुष बचे रहें, तो भी वे मर जाएँगे।” (अस्वीकृत सहित)
इस टिप्पणी में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के पूर्ण वाक्यों का उल्लेखित अंश केवल संदर्भ के लिए हैं; उपलब्ध हो तो प्रमाणित उद्धरण नीचे दिए जाएंगे।